Live TV

राज्य

[States][twocolumns]

देश

[Desh][list]

राजनीति

[Politics][list]

फिल्म के लिए घटाया वजन, चिड़चिड़ेपन और जोड़ों के दर्द से हुए परेशान... Randeep Hooda की हेल्थ देख हैरान थीं बहन

फिल्म के लिए घटाया वजन, चिड़चिड़ेपन और जोड़ों के दर्द से हुए परेशान... Randeep Hooda की हेल्थ देख हैरान थीं बहन

रणदीप हुड्डा (Randeep Hooda) के लिए किरदार पहली प्राथमिकता है जिसके लिए उन्होंने काफी परेशानी भी झेली। वजन घटाने के चक्कर में वह चिड़चिड़े हो गए थे। ...और पढ़ें








ईठा में नजर आएंगे रणदीप हुड्डा। फोटो क्रेडिट- एक्स



दीपेश पांडेय, मुंबई। मर्डर 3 से लेकर हाइवे, किक, सरबजीत और जाट समेत कई फिल्मों में अभिनेता रणदीप हुड्डा (Randeep Hooda) ने अपने दो दशकों से ज्यादा के अभिनय सफर में नायक, खलनायक, हर तरह की भूमिकाएं निभाईं।

हालांकि, वो सिर्फ वही काम करना पसंद करते हैं, जिससे उनका दिल जुड़ जाए। काम के चुनाव में समय के साथ बदलते अपने पैमानों को लेकर रणदीप हुड्डा कहते हैं, "अभी तो पहले वाले पैमानों पर ही काम चल रहा है। बतौर कलाकार मैं थोड़ा मनमौजी हूं। मैंने हमेशा एक बार में एक ही प्रोजेक्ट किया है। हां, इतना है कि पहले मेरा रोल की तरफ ज्यादा झुकाव रहता था।
किरदार पर देते हैं ज्यादा ध्यान

अब इन मामलों में भी थोड़ा देखता हूं कि प्रोजेक्ट के निर्माता और निर्देशक कौन है? प्रोजेक्ट दर्शकों तक सामने लाने में उनका भी बहुत प्रभाव पड़ता है। अब इन चीजों पर थोड़ा ध्यान देना शुरू किया है। हालांकि, यह तो हमेशा दूसरी प्राथमिकता रहती है, क्योंकि पहली प्राथमिकता तो रोल ही है।



सेट पर जाकर बतौर कलाकार आप जो काम करते हैं, अगर वो आपके दिल में नहीं बसता है, तो धीरे-धीरे उससे आपका जुड़ाव कम होने लगता है। इसलिए मैं ऐसा कोई काम नहीं करना चाहता हूं, जिससे मेरा दिल न जुड़ पाए।"




दो बार घटाया वजन

सरबजीत हो या स्वातंत्र्यवीर सावरकर दोनों ही फिल्मों के लिए रणदीप ने अपना इतना वजन कम किया कि उन्हें पहचानना मुश्किल था। हालांकि, अब उनकी डॉक्टर बहन उन्हें ऐसा करने से रोकती हैं। रणदीप बताते हैं, "सरबजीत सिंह जी की बायोपिक करते समय मेरे पास तैयारी के लिए काफी समय था और मुझे कम समय के लिए ही वैसा रहना पड़ा था। वो मेरा पहला प्रयास था। फिर जब मैंने वीर सावरकर जी की बायोपिक की, तो बहुत लंबे समय तक मैं बहुत कम वजन के साथ रहा।
वजन घटाने से बहन हो गई थी परेशान

मेरा सामान्य वजन 80-90 किलो तक रहता है, उस दौरान मेरा वजन करीब दो वर्षों के लिए 60 किलो के आस-पास रहा। उससे मेरे शरीर और जोड़ों में बहुत दर्द होने लगा। कम खाने से स्वभाव चिड़चिड़ा भी हो गया था। फिर जब सामान्य रूप से खाने लगा, सारा खाना फैट के रूप में शरीर में जमा होने लगा।


मेरी बहन डॉक्टर अंजलि हुड्डा ने शरीर में इतना ज्यादा बदलाव करते देख मुझे कहा है कि भाई इतना मत करो। थोड़ा अपने शरीर को आराम से भी रखो, इतना दुखी मत करो। हालांकि, अगर आगे ऐसा कुछ आया, जो मुझे बहुत पसंद आ जाए, तो अगली बार तैयारी ज्यादा ध्यान रखते हुए करूंगा।"



घुड़सवारी करने के बताए फायदे

अभिनय के अलावा रणदीप घुड़सवारी का भी शौक रखते हैं। वह कहते हैं, "जब मैं नियमित तौर पर घुड़सवारी करता था, तो मैं दिन में चार-पांच घोड़ों की सवारी करता था, अब बहुत कम हो गया है। तब मैं कुछ भी खा लेता था, फिर भी मेरा शरीर बहुत सुडौल रहता था। घुड़सवारी में इंसान का शरीर और दिमाग एक लय में काम करता है। इसलिए मैं तो कहता हूं कि घुड़सवारी सभी को करना चाहिए।


बच्चों को तो जरूर करना चाहिए, क्योंकि यह बच्चों को नेतृत्व करना और दूसरों के प्रति सहानुभूति की भावना रखना सिखाती है। अपने आप से आगे बढ़कर किसी दूसरे का ध्यान रखना सिखाता है। जब कोई कम उम्र में ही इससे जुड़ जाता है, तो उसका चरित्र भी बहुत अच्छा रहता है।"
ईठा को लेकर क्या बोले रणदीप

आगे रणदीप श्रद्धा कपूर अभिनेती फिल्म ईठा (Eatha) में नजर आएंगे। इसके बारे में पूछने पर रणदीप कहते हैं, "मैं कामकाजी आदमी हूं, काम के बगैर मेरा मन नहीं लगता है। मैं काम तो लगातार करता रहता हूं, लेकिन अभी ईठा के बारे में बात करने का सही समय नहीं आया है। जब आएगा तो इस बारे में खुलकर बाते करेंगे।"
Post A Comment
  • Facebook Comment using Facebook
  • Disqus Comment using Disqus

No comments :


मिर्च मसाला

[Mirchmasala][threecolumns]

विदेश

[Videsh][twocolumns]

बिज़नेस

[Business][list]

स्पोर्ट्स

[Sports][bsummary]