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हजारीबाग की दर्दनाक तस्वीर! सड़क नहीं होने से खटिया पर ले जाना पड़ा बिरहोर महिला का शव; सिस्टम पर उठे सवाल




हजारीबाग की दर्दनाक तस्वीर! सड़क नहीं होने से खटिया पर ले जाना पड़ा बिरहोर महिला का शव; सिस्टम पर उठे सवाल

हजारीबाग के जमुनियातरी गांव में सड़क न होने के कारण बिरहोर महिला का शव एंबुलेंस से दो किमी पहले उतारकर खटिया पर ले जाना पड़ा। इस घटना ने दूरस्थ आदिवास ...और पढ़ें








बिरहोर महिला का शव सड़क न होने से खटिया पर गांव पहुंचा। जागरण


बिरहोर महिला का शव सड़क न होने से खटिया पर गांव पहुंचा।


जमुनियातरी गांव तक सड़क नहीं, एंबुलेंस 2 किमी पहले रुकी।



संवाद सूत्र, चौपारण (हजारीबाग)। आदिम जनजाति बिरहोर समुदाय की एक महिला की मौत के बाद सामने आई तस्वीर ने एक बार फिर दूरस्थ गांवों में बुनियादी सुविधाओं की हकीकत उजागर कर दी। चौपारण थाना क्षेत्र के चोरदाहा पंचायत स्थित जमुनियातरी गांव निवासी सनफुल बिरहोरीन की जहर खाने के बाद इलाज के दौरान शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में मौत हो गई।


गुरूवार को गंभीर हालत में उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, चौपारण से रेफर किया गया था, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
मौत के बाद आर्थिक रूप से कमजोर परिजन अस्पताल में शव के साथ असहाय बैठे रहे। उनके पास शव को गांव ले जाने तक की व्यवस्था नहीं थी।

मामले की जानकारी मिलने पर सांसद मनीष जायसवाल ने हस्तक्षेप किया। उनके निर्देश पर मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी अस्पताल पहुंचे और जिला प्रशासन को स्थिति से अवगत कराया।

इसके बाद सदर अनुमंडल पदाधिकारी आदित्य पांडेय के निर्देश पर सदर अंचलाधिकारी आशुतोष कुमार सांसद प्रतिनिधि रंजन चौधरी संग अस्पताल पहुंचे, परिजनों से मिले और प्रशासनिक सहयोग सुनिश्चित कराया। रात में शव को मॉर्चरी में सुरक्षित रखा गया तथा शुक्रवार को एंबुलेंस से गांव के लिए रवाना किया गया।



लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। जमुनियातरी गांव तक आज भी सड़क नहीं है। नतीजतन, एंबुलेंस गांव से करीब दो किलोमीटर पहले ही रुक गई। इसके बाद बिरहोर समुदाय के लोगों ने खटिया पर शव को कंधों पर उठाया और पगडंडी के सहारे गांव पहुंचाकर अंतिम संस्कार किया।


यह घटना उन आदिम जनजातीय बस्तियों की सच्चाई है, जहां आज भी सड़क, स्वास्थ्य और परिवहन जैसी बुनियादी सुविधाएं सपना बनी हुई हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को तत्काल सहायता देने के साथ जमुनियातरी गांव तक सड़क निर्माण और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
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