गम्हरिया में 50 साल पहले अधिग्रहित 3000 एकड़ सरकारी जमीन का Mutation शुरू, भू-माफिया पर कसेगा शिकंजा
गम्हरिया में 50 साल पहले अधिग्रहित 3000 एकड़ सरकारी जमीन का Mutation शुरू, भू-माफिया पर कसेगा शिकंजा
गम्हरिया अंचल में 50 साल पहले अधिग्रहित 3000 एकड़ सरकारी भूमि का म्यूटेशन शुरू हो गया है। इससे भू-माफिया पर लगाम लगेगी और औद्योगिक विकास को गति मिलेगी ...और पढ़ें

50 साल पहले जियाडा के लिए अधिग्रहित की गई थी जमीन।
भू-माफिया पर लगेगी लगाम, औद्योगिक विकास को मिलेगी गति।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया अंचल में लगभग 50 वर्ष पूर्व अधिग्रहित की गई 3000 एकड़ सरकारी भूमि के म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) की प्रक्रिया तेजी से शुरू कर दी गई है।
क्या था मामला?
करीब 50 साल पहले झारखंड औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (जियाडा) के लिए इस भूमि का अधिग्रहण कर रैयतों को मुआवजा दे दिया गया था। लंबे समय तक राजस्व रिकॉर्ड दुरुस्त न होने के कारण ऑनलाइन पोर्टल पर जमीन पुराने रैयतों के नाम ही दिख रही थी।
इसी विसंगति का फायदा उठाकर भू-माफिया द्वारा सरकारी जमीन की अवैध खरीद-बिक्री की जा रही थी। इससे अंचल कर्मचारियों और बिचौलियों के पौ बारह थे।
अब क्या होगी कार्रवाई?
गम्हरिया के अंचल अधिकारी (सीओ) प्रवीण कुमार के अनुसार, जियाडा के ऑनलाइन आवेदन के बाद प्रभावित पक्षों को नोटिस जारी कर आपत्तियां मांगी जा रही हैं।
विधिवत सुनवाई के बाद सरकारी अभिलेखों में जियाडा का मालिकाना हक दर्ज कर दिया जाएगा, जिससे धोखाधड़ी पर पूरी तरह लगाम लगेगी।
औद्योगिक विकास को मिलेगी रफ्तार
आदित्यपुर-गम्हरिया औद्योगिक क्षेत्र वर्तमान में गंभीर भूमि संकट से जूझ रहा है। जमीन न होने के कारण नए उद्योगों की स्थापना के लिए 500 से अधिक आवेदन लंबित हैं।
इस म्यूटेशन प्रक्रिया और हाल ही में चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान के बाद जियाडा को सुगम भूमि आवंटन सुनिश्चित करने में बड़ी सफलता मिलेगी, जिससे क्षेत्र में भारी निवेश के नए मार्ग प्रशस्त होंगे।
गम्हरिया अंचल में 50 साल पहले अधिग्रहित 3000 एकड़ सरकारी भूमि का म्यूटेशन शुरू हो गया है। इससे भू-माफिया पर लगाम लगेगी और औद्योगिक विकास को गति मिलेगी ...और पढ़ें

50 साल पहले जियाडा के लिए अधिग्रहित की गई थी जमीन।
भू-माफिया पर लगेगी लगाम, औद्योगिक विकास को मिलेगी गति।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया अंचल में लगभग 50 वर्ष पूर्व अधिग्रहित की गई 3000 एकड़ सरकारी भूमि के म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) की प्रक्रिया तेजी से शुरू कर दी गई है।
क्या था मामला?
करीब 50 साल पहले झारखंड औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (जियाडा) के लिए इस भूमि का अधिग्रहण कर रैयतों को मुआवजा दे दिया गया था। लंबे समय तक राजस्व रिकॉर्ड दुरुस्त न होने के कारण ऑनलाइन पोर्टल पर जमीन पुराने रैयतों के नाम ही दिख रही थी।
इसी विसंगति का फायदा उठाकर भू-माफिया द्वारा सरकारी जमीन की अवैध खरीद-बिक्री की जा रही थी। इससे अंचल कर्मचारियों और बिचौलियों के पौ बारह थे।
अब क्या होगी कार्रवाई?
गम्हरिया के अंचल अधिकारी (सीओ) प्रवीण कुमार के अनुसार, जियाडा के ऑनलाइन आवेदन के बाद प्रभावित पक्षों को नोटिस जारी कर आपत्तियां मांगी जा रही हैं।
विधिवत सुनवाई के बाद सरकारी अभिलेखों में जियाडा का मालिकाना हक दर्ज कर दिया जाएगा, जिससे धोखाधड़ी पर पूरी तरह लगाम लगेगी।
औद्योगिक विकास को मिलेगी रफ्तार
आदित्यपुर-गम्हरिया औद्योगिक क्षेत्र वर्तमान में गंभीर भूमि संकट से जूझ रहा है। जमीन न होने के कारण नए उद्योगों की स्थापना के लिए 500 से अधिक आवेदन लंबित हैं।
इस म्यूटेशन प्रक्रिया और हाल ही में चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान के बाद जियाडा को सुगम भूमि आवंटन सुनिश्चित करने में बड़ी सफलता मिलेगी, जिससे क्षेत्र में भारी निवेश के नए मार्ग प्रशस्त होंगे।
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