खाड़ी देशों ने की ईरान से बगावत! तेहरान के खिलाफ युद्ध में अमेरिका का साथ दे रहा सऊदी अरब?
खाड़ी देशों ने की ईरान से बगावत! तेहरान के खिलाफ युद्ध में अमेरिका का साथ दे रहा सऊदी अरब?
अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के 26वें दिन सऊदी अरब अमेरिका का साथ दे रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने पुष्टि की है कि क्राउन प्रिंस मोहम्मद ...और पढ़ें

ईरान के खिलाफ अमेरिका के साथ सऊदी अरब (फोटो-रॉयटर्स)
सऊदी अरब ईरान के खिलाफ अमेरिका का साथ दे रहा।
क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने ट्रंप को समर्थन दिया।
ईरान सरकार हटाना मध्य पूर्व के लिए जरूरी बताया।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध का आज 26वां दिन है। इस युद्ध में ईरान ने अमेरिका से बदला लेने के लिए खाड़ी देशों को भी निशाना बनाया है। ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत और सऊदी अरब में भी हमले किए।
अमेरिका-इजरायल का समर्थन करने इस युद्ध में सऊदी अरब भी आ गया है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने यह दावा किया है कि सऊदी अरब के नेता क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ईरान के खिलाफ अमेरिका का साथ दे रहे हैं।
अमेरिका का साथ दे रहा सउदी अरब
ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप से पूछा गया कि क्या प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान अमेरिका को ईरान से जुड़ी कुछ खास चीजें करने के लिए बढ़ावा दे रहे हैं।
इस सवाल के जवाब में राष्ट्रपति ट्रंप ने जवाब देते हुए कहा, 'हां वह ऐसा कर रहे हैं, वह एक योद्धा हैं। वह हमारे साथ मिलकर लड़ रहे हैं।'
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में यह भी दावा किया कि सऊदी प्रिंस ईरान के खिलाफ इस युद्ध में आने पर यह तर्क दे रहे हैं कि US-इजरायल का सैन्य अभियान मध्य पूर्व को फिर से बनाने का एक ऐतिहासिक मौका है और ट्रंप को तेहरान के खिलाफ युद्ध जारी रखना चाहिए।
ईरान के खिलाफ क्यों खड़ा हुआ सऊदी अरब?
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले एक हफ्ते में क्राउन प्रिंस ने ईरान के कट्टरपंथी शिया शासन को खत्म करने के मकसद से एक निर्णायक और लगातार चलने वाले अभियान का पूरा समर्थन किया है।
इस मामले से जुड़े लोगों ने बताया कि क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने ट्रंप से कहा है कि ईरान खाड़ी क्षेत्र के लिए एक लंबे समय का खतरा है, जिसे सिर्फ वहां की सरकार को हटाकर ही खत्म किया जा सकता है।
अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के 26वें दिन सऊदी अरब अमेरिका का साथ दे रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने पुष्टि की है कि क्राउन प्रिंस मोहम्मद ...और पढ़ें

ईरान के खिलाफ अमेरिका के साथ सऊदी अरब (फोटो-रॉयटर्स)
सऊदी अरब ईरान के खिलाफ अमेरिका का साथ दे रहा।
क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने ट्रंप को समर्थन दिया।
ईरान सरकार हटाना मध्य पूर्व के लिए जरूरी बताया।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध का आज 26वां दिन है। इस युद्ध में ईरान ने अमेरिका से बदला लेने के लिए खाड़ी देशों को भी निशाना बनाया है। ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत और सऊदी अरब में भी हमले किए।
अमेरिका-इजरायल का समर्थन करने इस युद्ध में सऊदी अरब भी आ गया है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने यह दावा किया है कि सऊदी अरब के नेता क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ईरान के खिलाफ अमेरिका का साथ दे रहे हैं।
अमेरिका का साथ दे रहा सउदी अरब
ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप से पूछा गया कि क्या प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान अमेरिका को ईरान से जुड़ी कुछ खास चीजें करने के लिए बढ़ावा दे रहे हैं।
इस सवाल के जवाब में राष्ट्रपति ट्रंप ने जवाब देते हुए कहा, 'हां वह ऐसा कर रहे हैं, वह एक योद्धा हैं। वह हमारे साथ मिलकर लड़ रहे हैं।'
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में यह भी दावा किया कि सऊदी प्रिंस ईरान के खिलाफ इस युद्ध में आने पर यह तर्क दे रहे हैं कि US-इजरायल का सैन्य अभियान मध्य पूर्व को फिर से बनाने का एक ऐतिहासिक मौका है और ट्रंप को तेहरान के खिलाफ युद्ध जारी रखना चाहिए।
ईरान के खिलाफ क्यों खड़ा हुआ सऊदी अरब?
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले एक हफ्ते में क्राउन प्रिंस ने ईरान के कट्टरपंथी शिया शासन को खत्म करने के मकसद से एक निर्णायक और लगातार चलने वाले अभियान का पूरा समर्थन किया है।
इस मामले से जुड़े लोगों ने बताया कि क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने ट्रंप से कहा है कि ईरान खाड़ी क्षेत्र के लिए एक लंबे समय का खतरा है, जिसे सिर्फ वहां की सरकार को हटाकर ही खत्म किया जा सकता है।
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