7500वें जन औषधि केंद्र को कल राष्ट्र को समर्पित करेंगे PM, अगर आप भी अपने शहर में खोलना चाहते हैं तो ये हैं शर्तें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को शिलांग के उत्तर पूर्वी इंदिरा गांधी क्षेत्रीय स्वास्थ्य और चिकित्सा संस्थान में 7,500वें जन औषधि केंद्र को राष्ट्र को समर्पित करेंगे।। प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना का उद्देश्य किफायती दरों पर गुणवत्तापूर्ण दवाइयां उपलब्ध कराना है। पीएमओ ने बताया कि इस परियोजना के तहत ऐसे केंद्रों की संख्या 7499 पहुंच गई है। यह केंद्र देश के सभी जिलों में हैं।
एक से सात मार्च तक मनाया जा रहा है जन औषधि सप्ताह
पीएमओ ने बताया कि जन औषधि के बारे में अधिक से अधिक जागरूकता फैलाने के लिए एक मार्च से सात मार्च तक देश भर में जन औषधि सप्ताह मनाया जा रहा है। इस आयोजन का विषय है जन औषधि-सेवा भी रोजगार भी। बयान के अनुसार अब सप्ताह के आखिरी दिन को जन औषधि दिवस के रूप में मनाया जाएगा।
अगर आप भी अपने शहर में जन औषधि केन्द्र खोलना चाहते हैं तो फिर देर किस बात की। जन औषधि केन्द्र खोलने की प्रक्रिया इतनी आसान है कि इसे घर बैठे ऑनलाइन भी कर सकते हैं। इस योजना का पूरा नाम प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना (PMBJP) है। आइये कैसे खोल सकते हैं जन औषधि केन्द्र के बारे में जानने से पहले यह जान लें कि इसे खोलने से आपको क्या फायदा होगा...
मोदी सरकार की प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना एक ऐसी योजना है, जिसके तहत न केवल रोजगार मिलाता है, बल्कि मरीजों को मार्केट रेट से काफी सस्ती दवाएं भी मिल जाती हैं। जन औषधि केन्द्र खोलने में ज्यादा खर्च भी नहीं आता है, जो भी खर्च आता है वह सरकार धीरे धीरे आपको वापस कर देती है। इसके अलावा हर महीने आपको अच्छा कमीशन मिलता है।
सरकार जन औषधि केंद्र खोलने पर 2.5 लाख रुपये तक की मदद करती है। जन औषधि केंद्र से दवाओं की बिक्री से 20 फीसदी तक का मुनाफा मिलता है। इसके अलावा हर महीने होने वाली बिक्री पर अलग से 15 प्रतिशत का इंसेंटिव मिलता है, हालांकि इंसेंटिव की अधिकतम सीमा 10,000 रुपये महीना तय है। यह इंसेंटिव तब तक मिलेगा, जब तक कि 2.5 लाख रुपये पूरे न हो जाएं। वहीं नक्सल प्रभावित और नॉर्थ ईस्ट के राज्यों में इंसेंटिव की अधिकतम सीमा 15 हजार रुपये प्रति माह तक है।
एक लाख की दवाइयां पहले आपको खरीदनी होगी
सेंटर शुरू करने पर 1 लाख रुपये की दवाइयां पहले आपको खरीदनी होगी। बाद में सरकार इसे रीइंबर्समेंट करेगी। इसके अलावा दुकान शुरू करने में रैक, डेस्क आदि बनवाने, फ्रीज खरीदने में सरकार आपको 1 लाख रुपये तक की सहायता करेगी। सेंटर खोलने के लिए कंप्यूटर आदि के सेटअप पर 50 हजार रुपये तक के खर्च पर भी सरकार यह पैसा रिटर्न करेगी।
कौन खोल सकता है ?
- पहली कैटेगरी के तहत कोई भी व्यक्ति, बेरोजगार फार्मासिस्ट, डॉक्टर, रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर जन औषधि केंद्र खोल सकता है।
- दूसरी कैटेगरी के तहत ट्रस्ट, एनजीओ, प्राइवेट हॉस्पिटल, सोसायटी और सेल्फ हेल्प ग्रुप को जनऔषधि केंद्र खोल सकता है।
- तीसरी कैटेगरी में राज्य सरकारों की ओर से नॉमिनेट एजेंसी जनऔषधि केन्द्र खोल सकती है।
यहां से मिलेगा फार्म
जन औषधि केन्द्र के लिए रिटेल ड्रग सेल्स का लाइसेंस जन औषधि केंद्र के नाम से लेना होता है। इसे खोलने के लिए आपके पास 120 वर्ग फुट की दुकान होनी चाहिए। इसके लिए फार्म यहां से डाउनलोड कर सकते हैं। https://janaushadhi.gov.in/ । फार्म डाउनलोड करने के बाद आपको आवेदन ब्यूरो ऑफ फॉर्मा पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग ऑफ इंडिया के जनरल मैनेजर (एएंडएफ) के नाम से भेजना होगा।

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