बरहड़वा–आजिमगंज पैसेंजर की दिव्यांगजन कोच में आग लगाने का आरोपित गिरफ्तार, भेजा गया जेल
बरहड़वा–आजिमगंज पैसेंजर की दिव्यांगजन कोच में आग लगाने का आरोपित गिरफ्तार, भेजा गया जेल
Eastern Railway: आरपीएफ ने 21 जून को बरहड़वा-आजिमगंज पैसेंजर ट्रेन के दिव्यांगजन कोच में लगी आग की गुत्थी सुलझा ली है। ...और पढ़ें

आरोपी को गिरफ्तार कर ले जाते आरपीएफ के अधिकारी। (एआइ फोटो)
दिव्यांगजन कोच में आग लगने की गुत्थी सुलझी।
बीड़ी से आग लगाने वाला अमानुल शेख गिरफ्तार।
आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजा गया, साहिबगंज।
साहिबगंज। आरपीएफ ने 21 जून 2026 को ट्रेन संख्या 53434 डाउन (बरहड़वा–आजिमगंज पैसेंजर) की दिव्यांगजन बोगी में लगी आग की गुत्थी सुलझा ली है। यह आग कोच के शौचालय में एक व्यक्ति द्वारा बीड़ी पीकर उसे शौचालय के प्लास्टिक के ढक्कन पर रगड़ने से लगी थी।
बीडी पीने वाले पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के सागरदिग्धी निवासी अमानुल शेख को आरपीएफ ने गिरफ्तार भी कर लिया है। उसे रेलवे न्यायिक मजिस्ट्रेट (आरजेएम), साहिबगंज के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे 24 जुलाई, 2026 तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
बताया जाता है कि 21 जून को ट्रेन जैसे ही बरहड़वा स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या दो से रवाना हुई तभी लोगों ने इंजन के ठीक पीछे स्थित दिव्यांगजन कोच के शौचालय में आग देखा। इस वजह से लोगों ने आपातकालीन चेन खींच दिया जिससे ट्रेन रुक गयी। ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ कांस्टेबल मृत्युंजय कुमार, उपनिरीक्षक लाल बहादुर मांझी तथा कांस्टेबल अनिल कुमार तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े।
शौचालय के भीतर उन्होंने देखा कि पश्चिमी शैली (वेस्टर्न) के कमोड के फाइबर से बने ढक्कन को फर्श पर रखकर जलाया गया था। वहां न तो कोई कागज था, न कपड़ा और न ही पेट्रोल अथवा केरोसिन जैसी किसी ज्वलनशील पदार्थ की गंध। आग लगने का कारण पूरी तरह रहस्यमय था और आरोपी फरार हो चुका था।
पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक मिलिंद देऊस्कर के मार्गदर्शन में आरपीएफ टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर जाल बिछाया। 29 जून को वही संदिग्ध बरहड़वा स्टेशन पर उसी ट्रेन में दिखाई दिया, जहां उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ के दौरान आरोपित ने स्वीकार किया कि उसने कोच के शौचालय में बीड़ी पी थी और उसे बुझाने के लिए प्लास्टिक के ढक्कन पर रगड़ा, जिससे ढक्कन में आग लग गई। घबराकर वह धीमी गति से चल रही ट्रेन से कूदकर फरार हो गया था।
Eastern Railway: आरपीएफ ने 21 जून को बरहड़वा-आजिमगंज पैसेंजर ट्रेन के दिव्यांगजन कोच में लगी आग की गुत्थी सुलझा ली है। ...और पढ़ें

आरोपी को गिरफ्तार कर ले जाते आरपीएफ के अधिकारी। (एआइ फोटो)
दिव्यांगजन कोच में आग लगने की गुत्थी सुलझी।
बीड़ी से आग लगाने वाला अमानुल शेख गिरफ्तार।
आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजा गया, साहिबगंज।
साहिबगंज। आरपीएफ ने 21 जून 2026 को ट्रेन संख्या 53434 डाउन (बरहड़वा–आजिमगंज पैसेंजर) की दिव्यांगजन बोगी में लगी आग की गुत्थी सुलझा ली है। यह आग कोच के शौचालय में एक व्यक्ति द्वारा बीड़ी पीकर उसे शौचालय के प्लास्टिक के ढक्कन पर रगड़ने से लगी थी।
बीडी पीने वाले पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के सागरदिग्धी निवासी अमानुल शेख को आरपीएफ ने गिरफ्तार भी कर लिया है। उसे रेलवे न्यायिक मजिस्ट्रेट (आरजेएम), साहिबगंज के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे 24 जुलाई, 2026 तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
बताया जाता है कि 21 जून को ट्रेन जैसे ही बरहड़वा स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या दो से रवाना हुई तभी लोगों ने इंजन के ठीक पीछे स्थित दिव्यांगजन कोच के शौचालय में आग देखा। इस वजह से लोगों ने आपातकालीन चेन खींच दिया जिससे ट्रेन रुक गयी। ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ कांस्टेबल मृत्युंजय कुमार, उपनिरीक्षक लाल बहादुर मांझी तथा कांस्टेबल अनिल कुमार तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े।
शौचालय के भीतर उन्होंने देखा कि पश्चिमी शैली (वेस्टर्न) के कमोड के फाइबर से बने ढक्कन को फर्श पर रखकर जलाया गया था। वहां न तो कोई कागज था, न कपड़ा और न ही पेट्रोल अथवा केरोसिन जैसी किसी ज्वलनशील पदार्थ की गंध। आग लगने का कारण पूरी तरह रहस्यमय था और आरोपी फरार हो चुका था।
पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक मिलिंद देऊस्कर के मार्गदर्शन में आरपीएफ टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर जाल बिछाया। 29 जून को वही संदिग्ध बरहड़वा स्टेशन पर उसी ट्रेन में दिखाई दिया, जहां उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ के दौरान आरोपित ने स्वीकार किया कि उसने कोच के शौचालय में बीड़ी पी थी और उसे बुझाने के लिए प्लास्टिक के ढक्कन पर रगड़ा, जिससे ढक्कन में आग लग गई। घबराकर वह धीमी गति से चल रही ट्रेन से कूदकर फरार हो गया था।
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