Live TV

राज्य

[States][twocolumns]

देश

[Desh][list]

राजनीति

[Politics][list]

वन प्रधान क्षेत्रों में आजीविका सशक्तिकरण की नई पहल

वन प्रधान क्षेत्रों में आजीविका सशक्तिकरण की नई पहल

टाटा मोटर्स और एल-एंड-टी के सहयोग से 200 से अधिक युवाओं को मिला कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार

वन प्रधान क्षेत्रों में रहने वाले युवाओं को आजीविका के बेहतर अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में दक्षिण सागर वनमंडल ने उल्लेखनीय पहल की है। मुख्य वन संरक्षक श्री सागर एवं श्री रिपुदमन सिंह के मार्गदर्शन में दक्षिण सागर वनमंडल द्वारा टाटा मोटर्स और लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) के सहयोग से रोजगार एवं कौशल विकास कार्यक्रम संचालित किए गएजिनके माध्यम से 200 से अधिक युवाओं को नौकरी उपलब्ध कराई गई हैसाथ ही सैकड़ों युवाओं को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण से जोड़ा जा चुका है।

वनांचल एवं ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने के लिए वनमंडल की सभी रेंजों में पूर्व प्रशिक्षण जागरूकता एवं परामर्श कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में लगभग 1,600 युवाओं ने भाग लेकर रोजगार एवं कौशल विकास योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। रोजगार प्रक्रिया के उपरांत 200 से अधिक चयनित युवाओं को सागर-विदिशा संसदीय क्षेत्र की सांसद श्रीमती लता वानखेड़े द्वारा नियुक्ति-पत्र प्रदान किए गए। इस संपूर्ण पहल के सफल क्रियान्वयन में परिवीक्षाधीन आईएफएस अधिकारी श्री जय प्रकाश ने समन्वय एवं योजना निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्हें आईएफएस अधिकारी श्री स्वास्तिक यादववंशी तथा दक्षिण सागर वनमंडल की पूरी टीम का सक्रिय सहयोग प्राप्त हुआ।

स्वर्गीय श्री रतन टाटा की प्रेरणा से संचालित "लर्न एंड अर्न" कार्यक्रम के अंतर्गत 24 युवाओंजिनमें तीन बालिकाएं भी शामिल हैंका चयन गुजरात के साणंद स्थित तीन वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम के लिए किया गया है। प्रशिक्षण के दौरान सभी प्रशिक्षुओं को प्रतिमाह 17 हजार रुपये का स्टाइपेंड भी प्रदान किया जा रहा हैजिससे वे शिक्षा के साथ-साथ आर्थिक रूप से भी सशक्त बन रहे हैं।

इसी प्रकार एलएंडटी के कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम में 36 युवाओं ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले सभी युवाओं को न्यूनतम 20,500 रुपये प्रतिमाह के वेतन पर रोजगार प्राप्त हुआ है। यह पहल वन क्षेत्रों के युवाओं के लिए सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

वन विभाग वन संरक्षण के साथ वन प्रधान क्षेत्रों में रहने वाले युवाओं के कौशल विकासरोजगार सृजन और आर्थिक सशक्तिकरण को भी समान प्राथमिकता दे रहा है। उद्योगों के सहयोग से युवाओं को प्रशिक्षण एवं रोजगार उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह मॉडल अन्य वन मंडलों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकता है।

Post A Comment
  • Facebook Comment using Facebook
  • Disqus Comment using Disqus

No comments :


मिर्च मसाला

[Mirchmasala][threecolumns]

विदेश

[Videsh][twocolumns]

बिज़नेस

[Business][list]

स्पोर्ट्स

[Sports][bsummary]