मेमोरी चिप की वजह से कैसे महंगे हुए स्मार्टफोन, क्या भविष्य में हो सकते हैं सस्ते?
मेमोरी चिप की वजह से कैसे महंगे हुए स्मार्टफोन, क्या भविष्य में हो सकते हैं सस्ते?
स्मार्टफोन की कीमतें AI के लिए HBM चिप्स की बढ़ती मांग और कंज्यूमर ग्रेड चिप्स के उत्पादन में कमी के कारण बढ़ रही हैं। ...और पढ़ें

टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। स्मार्टफोन कंपनियों ने हाल में अपने-अपने फोन्स की कीमतों में बढ़ोतरी की है। एपल ने भी अपने डिवाइसेस के दाम बढ़ाए हैं। इस प्राइस हाइक से पहले एपल के टिम कुक का कहना था कि कंपोनेंट की बढ़ती प्राइसिंग का बोझ कंपनियों पर पड़ रहा है। काफी हद तक कंपनियों ने इस बोझ को वहन किया और अब वे ग्राहकों के साथ इस बोझ को शेयर कर रहे हैं। अब सवाल है कि स्मार्टफोन कंपनियां अचानक अपने प्रोडक्ट्स की कीमत क्यों बढ़ा रहे हैं और क्या ये भविष्य में सस्ते भी हो सकते हैं।
क्यों बढ़ रही हैं कीमत
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टेक्नोलॉजी जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है कम्प्यूटिंग चिप्स की जरूरत भी तेजी से बढ़ रही है। बड़ी कंपनियां जैसे ओपनएआई, गूगल, मेटा और एक्स अपने इंफ्रास्ट्रक्चर को एडवांस करने के साथ-साथ बड़े डेटा सेंटर बना रही हैं।

इन किसी भी एआई डेटा सेंटर को चलाने के लिए हाई बैंडविड्थ मेमोरी (HBM) चिप्स की जरूरत होती है। जैसे फोन या कंप्यूटर के लिए रैम और स्टोरेज मेमोरी चिप्स की जरूरत होती है। इसके साथ ही फास्ट कंप्यूटिंग के लिए जीपीयू चिप्स की जरूरत होती है। जीपीयू के लिए भी सबसे जरूरी कम्पोनेंट में HBM प्रमुख है। HBM चिप्स की बढ़ती मांग के चलते दुनिया के चिप मार्केट 90 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाली कंपनियां जैसे Samsung, SK Hynix और Micron ने कंज्यूमर ग्रेड DDR5 रैम का प्रोडक्शन कम करना शुरू कर दिया है।
क्यों कम हो रहा कंज्यूमर ग्रेड चिप का प्रोडक्शन?
दरअसल कंज्यूमर ग्रेड मेमोरी चिप्स की तुलना में एआई डेटा सेंटर में इस्तेमाल होने वाले HBM चिप्स में ज्यादा मुनाफा होता है। इसके साथ ही एआई सेक्टर की बड़ी कंपनियों ने इन चिप्स की सप्लाई के लिए एडवांस बुकिंग की हुई है। इस ज्यादा मुनाफे के चलते कंपनियों ने कंज्यूमर ग्रेड चिप्स का प्रोडक्शन करना कम कर दिया है। सैमसंग की चिप बनाने वाली विंग ने खुद के स्मार्टफोन के लिए चिप सप्लाई करने से इन्कार कर दिया है। इसके चलते स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनियों को चिप और स्टोरेज चिप की सप्लाई कम हो गई है। इससे इन कंपोनेंट के दाम भी बढ़ गए हैं, जिसका असर फोन्स की कीमत में देखने को मिल रहा है।
एपल अक्सर नए आईफोन के लॉन्च से कई महीने पहले अपने डिवाइसेस की कीमत कम करता है। लेकिन इस बार कंपनी ने ऐसा नहीं किया है। हालांकि, नए आईफोन मॉडल लॉन्च होने में अभी कुछ वक्त है। कंपनी ने कुछ दिनों पहले ही आईफोन छोड़कर दूसरे डिवाइसेस की कीमतें बढ़ाई हैं। रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि कंपनी नए मॉडल को कुछ ज्यादा कीमत में लॉन्च करने की योजना बना रही है। ऐसे में पुराने डिवाइसेस की कीमत में कटौती की संभावना लगभग मुश्किल ही है।
क्या भविष्य में गिर सकती हैं कीमत?
अब बात करते सबसे अहम पहलू कि क्या भविष्य में इन चिप्स की कीमत में कटौती हो सकती है। इसका जवाब The Big Short के नाम से मशहूर निवेशक माइकल बरी ने दिया है। उनका कहना है कि मेमोरी चिप्स कंपनियों में मौजूदा उछाल ज्यादा समय तक नहीं टिकेगा। वे आगे बताते हैं कि Micron Technology के शेयर लगभग शॉर्ट पोजिशन में हैं। इसका मतलब है कि जल्द ही मेमोरी चिप कंपनियों के स्टॉक में कुछ गिरावट देखने को मिल सकती हैं।
इसके साथ ही बरी का मानना है कि दक्षिण कोरिया में चिप के उत्पादन में भारी निवेश हो रहा है। इससे आने वाले दिनों में सप्लाई बढ़ सकती है। इसके साथ ही अगले साल तक कंज्यूमर ग्रेड चिप्स की शॉर्टेज भी खत्म हो सकती है। एक बार मार्केट में इन चिप्स की सप्लाई में तेजी आती है तो संभव है कि फोन्स की बढ़ती कीमत से कुछ राहत मिल सकती है।
टिम कुक ने भी पिछले दिनों वॉल स्ट्रीट जर्नल को दिए एक इंटरव्यू में यह कहा था कि एक बार फोन्स कंपोनेंट की सप्लाई पहले जैसी होती है तो कीमत में गिरावट देखने को मिलेगी।
स्मार्टफोन की कीमतें AI के लिए HBM चिप्स की बढ़ती मांग और कंज्यूमर ग्रेड चिप्स के उत्पादन में कमी के कारण बढ़ रही हैं। ...और पढ़ें

टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। स्मार्टफोन कंपनियों ने हाल में अपने-अपने फोन्स की कीमतों में बढ़ोतरी की है। एपल ने भी अपने डिवाइसेस के दाम बढ़ाए हैं। इस प्राइस हाइक से पहले एपल के टिम कुक का कहना था कि कंपोनेंट की बढ़ती प्राइसिंग का बोझ कंपनियों पर पड़ रहा है। काफी हद तक कंपनियों ने इस बोझ को वहन किया और अब वे ग्राहकों के साथ इस बोझ को शेयर कर रहे हैं। अब सवाल है कि स्मार्टफोन कंपनियां अचानक अपने प्रोडक्ट्स की कीमत क्यों बढ़ा रहे हैं और क्या ये भविष्य में सस्ते भी हो सकते हैं।
क्यों बढ़ रही हैं कीमत
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टेक्नोलॉजी जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है कम्प्यूटिंग चिप्स की जरूरत भी तेजी से बढ़ रही है। बड़ी कंपनियां जैसे ओपनएआई, गूगल, मेटा और एक्स अपने इंफ्रास्ट्रक्चर को एडवांस करने के साथ-साथ बड़े डेटा सेंटर बना रही हैं।

इन किसी भी एआई डेटा सेंटर को चलाने के लिए हाई बैंडविड्थ मेमोरी (HBM) चिप्स की जरूरत होती है। जैसे फोन या कंप्यूटर के लिए रैम और स्टोरेज मेमोरी चिप्स की जरूरत होती है। इसके साथ ही फास्ट कंप्यूटिंग के लिए जीपीयू चिप्स की जरूरत होती है। जीपीयू के लिए भी सबसे जरूरी कम्पोनेंट में HBM प्रमुख है। HBM चिप्स की बढ़ती मांग के चलते दुनिया के चिप मार्केट 90 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाली कंपनियां जैसे Samsung, SK Hynix और Micron ने कंज्यूमर ग्रेड DDR5 रैम का प्रोडक्शन कम करना शुरू कर दिया है।
क्यों कम हो रहा कंज्यूमर ग्रेड चिप का प्रोडक्शन?
दरअसल कंज्यूमर ग्रेड मेमोरी चिप्स की तुलना में एआई डेटा सेंटर में इस्तेमाल होने वाले HBM चिप्स में ज्यादा मुनाफा होता है। इसके साथ ही एआई सेक्टर की बड़ी कंपनियों ने इन चिप्स की सप्लाई के लिए एडवांस बुकिंग की हुई है। इस ज्यादा मुनाफे के चलते कंपनियों ने कंज्यूमर ग्रेड चिप्स का प्रोडक्शन करना कम कर दिया है। सैमसंग की चिप बनाने वाली विंग ने खुद के स्मार्टफोन के लिए चिप सप्लाई करने से इन्कार कर दिया है। इसके चलते स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनियों को चिप और स्टोरेज चिप की सप्लाई कम हो गई है। इससे इन कंपोनेंट के दाम भी बढ़ गए हैं, जिसका असर फोन्स की कीमत में देखने को मिल रहा है।
एपल अक्सर नए आईफोन के लॉन्च से कई महीने पहले अपने डिवाइसेस की कीमत कम करता है। लेकिन इस बार कंपनी ने ऐसा नहीं किया है। हालांकि, नए आईफोन मॉडल लॉन्च होने में अभी कुछ वक्त है। कंपनी ने कुछ दिनों पहले ही आईफोन छोड़कर दूसरे डिवाइसेस की कीमतें बढ़ाई हैं। रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि कंपनी नए मॉडल को कुछ ज्यादा कीमत में लॉन्च करने की योजना बना रही है। ऐसे में पुराने डिवाइसेस की कीमत में कटौती की संभावना लगभग मुश्किल ही है।
क्या भविष्य में गिर सकती हैं कीमत?
अब बात करते सबसे अहम पहलू कि क्या भविष्य में इन चिप्स की कीमत में कटौती हो सकती है। इसका जवाब The Big Short के नाम से मशहूर निवेशक माइकल बरी ने दिया है। उनका कहना है कि मेमोरी चिप्स कंपनियों में मौजूदा उछाल ज्यादा समय तक नहीं टिकेगा। वे आगे बताते हैं कि Micron Technology के शेयर लगभग शॉर्ट पोजिशन में हैं। इसका मतलब है कि जल्द ही मेमोरी चिप कंपनियों के स्टॉक में कुछ गिरावट देखने को मिल सकती हैं।
इसके साथ ही बरी का मानना है कि दक्षिण कोरिया में चिप के उत्पादन में भारी निवेश हो रहा है। इससे आने वाले दिनों में सप्लाई बढ़ सकती है। इसके साथ ही अगले साल तक कंज्यूमर ग्रेड चिप्स की शॉर्टेज भी खत्म हो सकती है। एक बार मार्केट में इन चिप्स की सप्लाई में तेजी आती है तो संभव है कि फोन्स की बढ़ती कीमत से कुछ राहत मिल सकती है।
टिम कुक ने भी पिछले दिनों वॉल स्ट्रीट जर्नल को दिए एक इंटरव्यू में यह कहा था कि एक बार फोन्स कंपोनेंट की सप्लाई पहले जैसी होती है तो कीमत में गिरावट देखने को मिलेगी।
Labels
Business
Post A Comment
No comments :