Live TV

राज्य

[States][twocolumns]

देश

[Desh][list]

राजनीति

[Politics][list]

बोकारो में बदहाल स्कूल: बरामदे में बैठकर पढ़ने को मजबूर बच्चे, जर्जर भवन और टपकती छत के साये में मिल रही शिक्षा

बोकारो में बदहाल स्कूल: बरामदे में बैठकर पढ़ने को मजबूर बच्चे, जर्जर भवन और टपकती छत के साये में मिल रही शिक्षा


प्राथमिक विद्यालय स्पेशल हरिजन चास के विद्यार्थी कमरों की कमी के कारण बरामदे में पढ़ने को मजबूर हैं, जहाँ छत से पानी टपकने और दीवारों में दरार जैसी सम ...और पढ़ें








प्राथमिक विद्यालय स्पेशल हरिजन चास में बरामदे में बैठ कर पढ़ाई करते विद्यार्थी


कमरों की कमी से विद्यार्थी बरामदे में पढ़ने को विवश।


पुराने स्कूल भवन की छत से बरसात में पानी रिसता है।


जर्जर शौचालय और खराब चापाकल से भी परेशानी।



राममूर्ति प्रसाद, बोकारो। प्राथमिक विद्यालय स्पेशल हरिजन चास के भवन में दो कमरे व एक बरामदा है। कमरे की कमी के कारण विद्यार्थी बरामदे में बैठ कर पढ़ने को विवश हैं। एक ही वर्ग कक्ष में दो कक्षा का संचालन किया जाता है।


एक वर्ग कक्ष में दो कक्षा के संचालन में शिक्षकों को परेशानी होती है। इससे बच्चों की पढ़ाई पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इस विद्यालय का निर्माण 1972 में कराया गया है। इसलिए पुराने विद्यालय भवन के कमरे का प्लास्टर उखड़ रहा है। बरसात के दिनों में कमरे की छत से पानी रिसता है। इससे विद्यार्थियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।




कमरे की दीवार में दरार

इस विद्यालय में कक्षा एक में नौ, कक्षा दो में दस, कक्षा तीन में 14, कक्षा चार में 21 व कक्षा पांच में 18 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। दो सरकारी शिक्षिकाएं व एक सहायक अध्यापक बच्चों को शिक्षा प्रदान करते हैं। विद्यालय के परिसर में दो चापाकल खराब पड़े हैं।



इसलिए विद्यालय के निकट मंदिर के पीछे डीप बोरिंग से पाइप के माध्यम से विद्यालय में जल की व्यवस्था की गई है। यहां बालक-बालिका के लिए अलग-अलग शौचालय है। लेकिन इसका भवन जर्जर है। रसोईघर भी काफी छोटा है। इसके लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध नहीं है।


प्रभारी प्राचार्य मंजुला कुमारी ने कहा कि विद्यालय भवन पुराना है। बरसात के दिनों में छत से पानी रिसता है। दीवार में दरार हो गया है। इस संबंध में विभाग को तीन बार पत्र प्रेषित कर नया भवन बनाने को लिखा गया है। कमरे की कमी के कारण बरामदे में विद्यार्थियों के बैठने की व्यवस्था की गई है। स्कूल के निकट डीप बोरिंग में पाइप के जरिए विद्यालय में जल उपलब्ध कराया गया है।




(प्राथमिक विद्यालय स्पेशल हरिजन चास के कमरे की छत से उखड़ा प्लास्टर)
अब तक विद्यालय का नाम नहीं हो सका परिवर्तित

विद्यालय प्रबंधन की ओर से इस विद्यालय का नाम परिवर्तित करने के लिए विभाग को पत्र प्रेषित किया गया है। इसके बावजूद अब तक विद्यालय के नाम में परिवर्तन नहीं किया जा सका है। विभिन्न सामाजिक व राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं ने भी इस विद्यालय का नाम परिवर्तित करने को लेकर संबंधित विभाग व नगर निगम को पत्र दिया है।
Post A Comment
  • Facebook Comment using Facebook
  • Disqus Comment using Disqus

No comments :


मिर्च मसाला

[Mirchmasala][threecolumns]

विदेश

[Videsh][twocolumns]

बिज़नेस

[Business][list]

स्पोर्ट्स

[Sports][bsummary]