अमेरिका ने जारी किया ईरान के 90 सैन्य ठिकानों पर एयर स्ट्राइक का वीडियो, तेहरान बोला- जवाब देंगे
अमेरिका ने जारी किया ईरान के 90 सैन्य ठिकानों पर एयर स्ट्राइक का वीडियो, तेहरान बोला- जवाब देंगे
अमेरिका ने ईरान के भीतर लगभग 90 सैन्य ठिकानों पर किए एयर स्ट्राइक का वीडियो जारी किया है, इस बीच ईरान ने गंभीर जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। ...और पढ़ें

अमेरिका ने ईरान के 90 सैन्य ठिकानों पर एयर स्ट्राइक किए
ईरान ने अमेरिका को गंभीर जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी
डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। अमेरिका-ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। सीजफायर को समाप्त करते के बाद अमेरिका ने अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) ने ईरान के भीतर लगभग 90 सैन्य ठिकानों पर किए एयर स्ट्राइक का वीडियो जारी किया है।
अमेरिकी सेंटकॉम ने हमलों के वीडियो एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, "इन हमलों का उद्देश्य स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में कमर्शियल जहाजों और निर्दोष नाविकों पर हमला करने की ईरान की क्षमता को और कमजोर करना था।"
इस बयान के साथ, सेंटकॉम ने ऑपरेशनल वीडियो फुटेज जारी किया जिसमें सटीक हमले और कई द्वितीयक विस्फोट दिखाए गए हैं, जिन्हें उसने ईरानी सैन्य ठिकानों के रूप में पहचाना है।
ईरानी सैन्य संपत्तियों को बनाया गया निशाना
अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के अनुसार, इस नए हवाई हमलों में विशेष रूप से ईरान की प्रमुख सैन्य संपत्तियों को निशाना बनाया गया, जिनमें वायु रक्षा प्रणाली, मिसाइल और ड्रोन भंडारण सुविधाएं और महत्वपूर्ण रणनीतिक कमान नेटवर्क शामिल हैं।
80 ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमला
अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने खुलासा किया कि 7 जुलाई को अमेरिकी सेना ने लगभग 80 ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमला किया, जिसमें इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) की 60 से अधिक नौकाओं को नष्ट किया गया।
इन हमलों को लेकर CENTCOM का कहना है कि यह हमला स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे तीन कामर्शियल जहाजों पर ईरान के आक्रामक समुद्री हमलों की सीधी प्रतिक्रिया थी। अमेरिकी सेनाएं सतर्क, घातक और कमांडर इन चीफ द्वारा निर्देशित अभियानों को अंजाम देने के लिए तैयार हैं।
गौरतलब है कि अमेरिका-ईरान के बीच अचानक सीजफायर टूटने के बाद वैश्विक स्तर पर चिंता फैल गई है, जिसके चलते संयुक्त राष्ट्र, पाकिस्तान और कतर ने तत्काल संयम बरतने का आह्वान किया है, जबकि अंतरराष्ट्रीय राजनयिक प्रयास क्षेत्रीय युद्ध को रोकने के लिए सक्रिय रूप से प्रयासरत हैं।
ईरान ने दी चेतावनी
इस हमले की प्रतिक्रिया में, तेहरान ने वाशिंगटन को अपनी कड़ी चेतावनी दोहराई और कहा कि अमेरिका द्वारा किसी भी प्रकार की और सैन्य दुस्साहस की स्थिति में गंभीर जवाबी कार्रवाई की जाएगी।
इन हमलों की निंदा करते हुए, ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ ने अमेरिकी प्रशासन पर टकराव वाली विदेश नीति पर अड़े रहने का आरोप लगाया और तर्क दिया कि वाशिंगटन यह समझने में विफल रहा है कि धमकी देना और वादे तोड़ना अब मुफ्त नहीं है।
आप हमला करेंगे तो...
ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ ने एक सार्वजनिक संबोधन में अमेरिका को सीधी चेतावनी देते हुए कहा, "अमेरिका को अभी तक यह समझ नहीं आया है कि दादागिरी और वादे तोड़ना अब मुफ्त नहीं है। मैं इसे सीधे शब्दों में कहूं तो- अगर आप हमला करेंगे, तो हम भी पीछे नहीं हटेंगे। हम भी जवाब देंगे।"
गालिबफ नेआगे घोषणा की कि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य का चोकपॉइंट पूरी तरह से तेहरान के संप्रभु नियंत्रण में रहेगा और इसकी परिचालन समुद्री स्थिति का फैसला पश्चिमी धमकियों से नहीं, बल्कि ईरान द्वारा ही किया जाएगा।
गालिबफ ने चुनौती भरे लहजे में कहा, "बेकार में हाथ-पैर मत मारो, वरना और भी गहरे दलदल में फंस जाओगे। होर्मुज जलडमरूमध्य केवल ईरानी समझौतों से ही खुलेगा, अमेरिकी धमकियों से नहीं।"
अमेरिका ने ईरान के भीतर लगभग 90 सैन्य ठिकानों पर किए एयर स्ट्राइक का वीडियो जारी किया है, इस बीच ईरान ने गंभीर जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। ...और पढ़ें
अमेरिका ने ईरान के 90 सैन्य ठिकानों पर एयर स्ट्राइक किए
ईरान ने अमेरिका को गंभीर जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी
डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। अमेरिका-ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। सीजफायर को समाप्त करते के बाद अमेरिका ने अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) ने ईरान के भीतर लगभग 90 सैन्य ठिकानों पर किए एयर स्ट्राइक का वीडियो जारी किया है।
अमेरिकी सेंटकॉम ने हमलों के वीडियो एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, "इन हमलों का उद्देश्य स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में कमर्शियल जहाजों और निर्दोष नाविकों पर हमला करने की ईरान की क्षमता को और कमजोर करना था।"
इस बयान के साथ, सेंटकॉम ने ऑपरेशनल वीडियो फुटेज जारी किया जिसमें सटीक हमले और कई द्वितीयक विस्फोट दिखाए गए हैं, जिन्हें उसने ईरानी सैन्य ठिकानों के रूप में पहचाना है।
ईरानी सैन्य संपत्तियों को बनाया गया निशाना
अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के अनुसार, इस नए हवाई हमलों में विशेष रूप से ईरान की प्रमुख सैन्य संपत्तियों को निशाना बनाया गया, जिनमें वायु रक्षा प्रणाली, मिसाइल और ड्रोन भंडारण सुविधाएं और महत्वपूर्ण रणनीतिक कमान नेटवर्क शामिल हैं।
80 ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमला
अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने खुलासा किया कि 7 जुलाई को अमेरिकी सेना ने लगभग 80 ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमला किया, जिसमें इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) की 60 से अधिक नौकाओं को नष्ट किया गया।
इन हमलों को लेकर CENTCOM का कहना है कि यह हमला स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे तीन कामर्शियल जहाजों पर ईरान के आक्रामक समुद्री हमलों की सीधी प्रतिक्रिया थी। अमेरिकी सेनाएं सतर्क, घातक और कमांडर इन चीफ द्वारा निर्देशित अभियानों को अंजाम देने के लिए तैयार हैं।
गौरतलब है कि अमेरिका-ईरान के बीच अचानक सीजफायर टूटने के बाद वैश्विक स्तर पर चिंता फैल गई है, जिसके चलते संयुक्त राष्ट्र, पाकिस्तान और कतर ने तत्काल संयम बरतने का आह्वान किया है, जबकि अंतरराष्ट्रीय राजनयिक प्रयास क्षेत्रीय युद्ध को रोकने के लिए सक्रिय रूप से प्रयासरत हैं।
ईरान ने दी चेतावनी
इस हमले की प्रतिक्रिया में, तेहरान ने वाशिंगटन को अपनी कड़ी चेतावनी दोहराई और कहा कि अमेरिका द्वारा किसी भी प्रकार की और सैन्य दुस्साहस की स्थिति में गंभीर जवाबी कार्रवाई की जाएगी।
इन हमलों की निंदा करते हुए, ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ ने अमेरिकी प्रशासन पर टकराव वाली विदेश नीति पर अड़े रहने का आरोप लगाया और तर्क दिया कि वाशिंगटन यह समझने में विफल रहा है कि धमकी देना और वादे तोड़ना अब मुफ्त नहीं है।
आप हमला करेंगे तो...
ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ ने एक सार्वजनिक संबोधन में अमेरिका को सीधी चेतावनी देते हुए कहा, "अमेरिका को अभी तक यह समझ नहीं आया है कि दादागिरी और वादे तोड़ना अब मुफ्त नहीं है। मैं इसे सीधे शब्दों में कहूं तो- अगर आप हमला करेंगे, तो हम भी पीछे नहीं हटेंगे। हम भी जवाब देंगे।"
गालिबफ नेआगे घोषणा की कि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य का चोकपॉइंट पूरी तरह से तेहरान के संप्रभु नियंत्रण में रहेगा और इसकी परिचालन समुद्री स्थिति का फैसला पश्चिमी धमकियों से नहीं, बल्कि ईरान द्वारा ही किया जाएगा।
गालिबफ ने चुनौती भरे लहजे में कहा, "बेकार में हाथ-पैर मत मारो, वरना और भी गहरे दलदल में फंस जाओगे। होर्मुज जलडमरूमध्य केवल ईरानी समझौतों से ही खुलेगा, अमेरिकी धमकियों से नहीं।"
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