झारखंड हाई कोर्ट परिसर में फुटबॉल ग्राउंड निर्माण पर अधिवक्ताओं का विरोध, 27 को सुनवाई
झारखंड हाई कोर्ट परिसर में फुटबॉल ग्राउंड निर्माण पर अधिवक्ताओं का विरोध, 27 को सुनवाई
झारखंड हाई कोर्ट परिसर में प्रस्तावित फुटबॉल ग्राउंड निर्माण का अधिवक्ताओं ने विरोध किया है। इस मामले पर चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की ...और पढ़ें

एडवोकेट एसोसिएशन ने स्टेडियम निर्माण पर जताया विरोध।
हाई कोर्ट परिसर में फुटबॉल ग्राउंड निर्माण का अधिवक्ताओं द्वारा विरोध।
अधिवक्ताओं ने याचिका दायर कर जल्द सुनवाई का आग्रह किया।
चीफ जस्टिस की अदालत 27 जुलाई को मामले की सुनवाई करेगी।
झारखंड हाई कोर्ट परिसर में प्रस्तावित फुटबॉल ग्राउंड निर्माण का अधिवक्ताओं ने विरोध किया है। इस मामले पर चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की ...और पढ़ें

एडवोकेट एसोसिएशन ने स्टेडियम निर्माण पर जताया विरोध।
हाई कोर्ट परिसर में फुटबॉल ग्राउंड निर्माण का अधिवक्ताओं द्वारा विरोध।
अधिवक्ताओं ने याचिका दायर कर जल्द सुनवाई का आग्रह किया।
चीफ जस्टिस की अदालत 27 जुलाई को मामले की सुनवाई करेगी।
रांची। झारखंड हाई कोर्ट परिसर में प्रस्तावित फुटबाल ग्राउंड निर्माण का विरोध करते हुए अधिवक्ताओं ने झारखंड हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है। गुरुवार को अदालत से इस मामले की जल्द सुनवाई का आग्रह किया गया।
इस पर चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने 27 जुलाई को सुनवाई निर्धारित की और सभी पक्षों को नोटिस जारी किया। स्टेडियम निर्माण के खिलाफ हाई कोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन ने याचिका दायर की है।
याचिका में कहा गया है कि यदि हाई कोर्ट परिसर की खाली भूमि पर फुटबाल ग्राउंड विकसित करने का प्रस्ताव है, तो उसके बजाय उस स्थान का उपयोग अधिवक्ताओं के लिए अतिरिक्त चैंबर और विशेष रूप से नए वकीलों के बैठने की व्यवस्था विकसित करने में किया जाना चाहिए।
याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि वर्तमान में अधिवक्ताओं के लिए उपलब्ध स्थान उनकी संख्या की तुलना में अपर्याप्त है, जिससे उन्हें कार्य करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
इस पर चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने 27 जुलाई को सुनवाई निर्धारित की और सभी पक्षों को नोटिस जारी किया। स्टेडियम निर्माण के खिलाफ हाई कोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन ने याचिका दायर की है।
याचिका में कहा गया है कि यदि हाई कोर्ट परिसर की खाली भूमि पर फुटबाल ग्राउंड विकसित करने का प्रस्ताव है, तो उसके बजाय उस स्थान का उपयोग अधिवक्ताओं के लिए अतिरिक्त चैंबर और विशेष रूप से नए वकीलों के बैठने की व्यवस्था विकसित करने में किया जाना चाहिए।
याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि वर्तमान में अधिवक्ताओं के लिए उपलब्ध स्थान उनकी संख्या की तुलना में अपर्याप्त है, जिससे उन्हें कार्य करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
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