“नशे से दूरी है जरूरी 2.0” के पांचवें दिन प्रदेश में 1300 से अधिक जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से 9 लाख से अधिक नागरिकों तक पहुंचा नशामुक्ति का संदेश
“नशे से दूरी है जरूरी 2.0” के पांचवें दिन प्रदेश में 1300 से अधिक जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से 9 लाख से अधिक नागरिकों तक पहुंचा नशामुक्ति का संदेश
रैलियों, जनसंवाद, नुक्कड़ नाटक, जागरूकता रथ, मैराथन, शपथ, खेल एवं रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से युवाओं और आमजन को नशे के दुष्परिणामों से किया गया जागरूक

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा नशामुक्त एवं स्वस्थ समाज के निर्माण के उद्देश्य से पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार प्रदेशभर में 15 जुलाई से 30 जुलाई 2026 तक संचालित किए जा रहे विशेष जन-जागरूकता अभियान “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” को पांचवें दिन भी व्यापक जनसमर्थन मिला।
अभियान के पांचवें दिन प्रदेश के विभिन्न जिलों एवं पुलिस इकाइयों में 1300 से अधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर 09 लाख से अधिक नागरिकों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया गया। इस दौरान पुलिस द्वारा केवल जागरूकता संदेश देने तक सीमित न रहते हुए युवाओं, विद्यार्थियों, महिलाओं, ग्रामीणों, वाहन चालकों, श्रमिकों, खिलाड़ियों और आम नागरिकों को नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
जन-जागरूकता के साथ सामूहिक संकल्प
अभियान के अंतर्गत प्रदेशभर में जनजागरूकता रैलियां, वाहन रैलियां, मैराथन, जनसंवाद, ग्राम चौपाल, नुक्कड़ नाटक, जागरूकता रथ, पोस्टर एवं पंपलेट वितरण, शपथ ग्रहण कार्यक्रम, खेल प्रतियोगिताएं, चित्रकला एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं तथा सोशल मीडिया के माध्यम से जागरूकता गतिविधियां संचालित की गईं।
पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने शैक्षणिक संस्थानों, छात्रावासों, हाट-बाजारों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, औद्योगिक क्षेत्रों, झुग्गी बस्तियों, ग्राम चौपालों और सार्वजनिक स्थलों पर पहुंचकर नागरिकों को नशे से होने वाले स्वास्थ्यगत, सामाजिक, पारिवारिक एवं आर्थिक दुष्परिणामों की जानकारी दी। अनेक स्थानों पर नागरिकों एवं विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने की सामूहिक शपथ भी दिलाई गई।
माननीय मुख्यमंत्री महोदय ने किया नशामुक्त मध्यप्रदेश का शंखनाद
अभियान के पांचवें दिन प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी एवं मंत्रीगणों ने भोपाल देहात के ऐतिहासिक जगदीशपुर (चमन महल) में आयोजित कैबिनेट बैठक के दौरान इस अभियान को अपना पूर्ण समर्थन दिया। मुख्यमंत्री महोदय एवं कैबिनेट मंत्रियों ने "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान के तहत नशामुक्त मध्यप्रदेश के निर्माण का संकल्प लिया। इस अवसर पर सभी ने हस्ताक्षर अभियान में हिस्सा लेकर हस्ताक्षर किए और पूरे प्रदेशवासियों को नशे से दूर रहने की एक मजबूत और सकारात्मक प्रेरणा दी। शासन के इस कदम से अभियान को एक नई ऊर्जा मिली है।
जिलेवार प्रमुख आयोजन
अलीराजपुर जिले में 27 से अधिक कार्यक्रमों के जरिए आदिवासी सीनियर बालक छात्रावासों और छकतला जैसे ग्रामीण हाट बाजारों में जागरूकता फैलाई गई। विशेष जागरूकता रथ के माध्यम से गांवों में 'निमाड़ी बोली' में नशामुक्ति गीत बजाकर ग्रामीणों को जागरूक किया गया।
खंडवा जिले में 28 स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। पुलिस एवं सामाजिक न्याय विभाग के सहयोग से बाइक रैली, नुक्कड़ नाटक, छात्रावासों, विद्यालयों, बस स्टैंड, बाजारों एवं सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए गए। इन गतिविधियों के माध्यम से 1 लाख 20 हजार से अधिक नागरिकों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया गया।
ग्वालियर में अभियान के अंतर्गत ऑटो एवं ई-रिक्शा पर नशामुक्ति संदेश वाले पोस्टर लगाए गए। सार्वजनिक स्थलों पर नुक्कड़ नाटक आयोजित कर वाहन चालकों एवं आमजन को नशे के दुष्परिणामों की जानकारी दी गई तथा नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई गई।
बालाघाट जिले में शासकीय वाहनों पर नशामुक्ति संदेश वाले पोस्टर लगाए गए। रैली, बैंड प्रस्तुति एवं शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किए गए। झुग्गी बस्तियों एवं चिन्हित स्थानों पर पहुंचकर नशे के आदी व्यक्तियों एवं उनके परिवारजनों को नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई गई तथा नशामुक्ति परामर्श केंद्रों की जानकारी दी गई।
मंडला जिले में सार्वजनिक परिवहन के वाहनों पर पोस्टर लगाकर जनजातीय क्षेत्रों एवं आमजन के बीच नशे के विरुद्ध जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। बस स्टैंड एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर नागरिकों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए नशामुक्त समाज के निर्माण का संदेश दिया गया।
खरगोन में 21 स्थानों पर जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं। महेश्वर में नशामुक्ति मैराथन, हाट-बाजारों में नुक्कड़ नाटक, वाहनों पर पोस्टर एवं पंपलेट चस्पा करने के साथ नशे के आदी व्यक्तियों एवं उनके परिवारों को नशामुक्ति पुनर्वास केंद्रों की जानकारी दी गई। जिले में 17,850 से अधिक लोगों को जागरूक किया गया।
उज्जैन में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स एवं कंटेंट क्रिएटर्स के साथ बैठक कर अभियान के संदेश को डिजिटल माध्यमों से व्यापक स्तर पर प्रसारित करने का आह्वान किया गया। इसके साथ ही बस स्टैंड, सार्वजनिक परिवहन, बाजारों, ग्रामीण क्षेत्रों और प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर पोस्टर, जनसंवाद, नुक्कड़ सभा एवं शपथ कार्यक्रम आयोजित किए गए। 15 प्रमुख जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से 1,150 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रूप से जागरूक किया गया।
अभियान में रचनात्मक गतिविधियों से युवाओं की भागीदारी
अभियान के पांचवें दिन युवाओं और विद्यार्थियों को जोड़ने के लिए चित्रकला, खेल प्रतियोगिता, प्रश्नोत्तरी, मैराथन एवं रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए गए। पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों और वाहिनी परिसरों में प्रशिक्षुओं, पुलिस परिवारों एवं कर्मचारियों को भी अभियान से जोड़ा गया। वहीं कई जिलों में पुलिस ने नशे के विरुद्ध कार्रवाई के साथ-साथ नशामुक्ति परामर्श एवं पुनर्वास केंद्रों की जानकारी भी नागरिकों तक पहुंचाई।
मध्यप्रदेश पुलिस का उद्देश्य है कि समाज का प्रत्येक वर्ग नशे के दुष्परिणामों को समझे, युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए परिवार और समाज सक्रिय भूमिका निभाए तथा नशामुक्त एवं स्वस्थ मध्यप्रदेश के निर्माण में प्रत्येक नागरिक सहभागी बने।
मध्यप्रदेश पुलिस आमजन से अपील करती है कि नशे के विरुद्ध इस सामाजिक अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं। स्वयं नशे से दूर रहें, अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करें तथा नशे के अवैध कारोबार की सूचना पुलिस को देवें।
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