जिस नाटक से डरकर पाकिस्तान ने किया बैन, उसी कहानी पर बनी है Sunny Deol की 'बंटवारा 1947'
जिस नाटक से डरकर पाकिस्तान ने किया बैन, उसी कहानी पर बनी है Sunny Deol की 'बंटवारा 1947'
सनी देओल की अपकमिंग फिल्म 'बंटवारा-1947' भारत और पाकिस्तान के विभाजन से कई अधिक दर्शाती है। फिल्म उस नाटक पर बेस्ड है, जिसे डर और गलतफहमी के कारण पाकि ...और पढ़ें
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'बंटवारा-1947' की कहानी पर से उठा पर्दा/ फोटो- Instagram
सनी देओल की बंटवारा 1947 की सामने आई कहानी
1989 में लिखे गए नाटक में दिखाई गई थी विभाजन की त्रासदी
डर के मारे पाकिस्तान ने 'लाहौर' के बारे में दर्शाते नाटक को किया था बैन
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। आमिर खान के प्रोडक्शन में बन रही फिल्म 'बंटवारा 1947' सनी देओल (Sunny Deol) की मोस्ट अवेटेड फिल्मों में से एक है। इस मूवी में कई सालों बाद उनकी जोड़ी प्रीति जिंटा संग दिखाई देगी। यह फिल्म भारत-पाकिस्तान के विभाजन के समय केवल सीमाओं पर ही नहीं, बल्कि इंसानी दिलों पर खींची गई लकीरों और नफरत के बीच जिंदा बची 'इंसानियत' की कहानी को दर्शाती है।
सबसे दिलचस्प बात ये है कि सनी देओल-प्रीति जिंटा के फिल्म 'बंटवारा-1947' जिस नाटक पर आधारित है, उसे डरकर पाकिस्तान ने बैन कर दिया था। क्या है मूवी की कहानी, चलिए बताते हैं।
लाहौर पर लिखे गए नाटक पर बेस्ड है 'बंटवारा 1947'
सनी देओल की फिल्म 'बंटवारा' प्रोफेसर असगर वजाहत के लोकप्रिय नाटक पर आधारित है, जिसका टाइटल है 'जिस लाहौर नई देख्या, ओ जम्या ही नई'। यह नाटक फतेहपुर, उत्तर प्रदेश के रहने वाले राइटर असगर वजाहत ने साल 1989 में विभाजन की त्रासदी को ध्यान में रखते हुए लिखा था। हमने जब उन्होंने पहली बार इस नाटक को देखा था, तो इसके इतिहास को जानने के लिए वह काफी प्रेरित हुए थे।
नाटक की कहानी एक बुजुर्ग पंजाबी हिंदू महिला की है, जो भारत और पाकिस्तान के विभाजन के बाद अपना लाहौर का घर छोड़ने से इनकार कर देती है और फिर जो होता है, वह अन्दर से झकझोरने वाला है, जो आपको फिल्म में देखने को मिलेगा। सनी देओल और शबाना आजमी की यह मूवी फैंस को भावनाओं की एक रोलर-कोस्टर राइड पर ले जाने वाली है।

पाकिस्तान ने डर और गलतफहमी के कारण बैन किया था नाटक
जब 'लाहौर' के बारे में बात करते इस नाटक को लेकर और अधिक रिसर्च की गई, तो उन्हें यह जानकारी मिली कि 'जिस लाहौर नई देख्या, ओ जम्या ही नई' नाटक को पाकिस्तान में बैन किया गया था। इसके बावजूद इसका मंचन लाहौर, कराची, न्यूयॉर्क, दुबई और भारत के कई शहरों सहित दुनिया के विभिन्न हिस्सों में किया गया। इसके अलावा साल 2018 में जयपुर थिएटर कलाकार शाकुर खान ने भी थिएटर में यह नाटक दर्शाया था।
इससे पहले असगर वजाहत जिन्होंने यह नाटक लिखा था, उन्होंने खुद बीबीसी को दिए इंटरव्यू में यह बताया था कि जब इस नाटक का मंचन किया गया था, तो आम आदमी को यह बेहद पसंद आया था, लेकिन पाकिस्तान की पुलिस और प्रशासन ने गलतफहमियों के चलते और डर से नाटक को बैन कर दिया था। दरअसल, नाटक में एक मौलवी का किरदार था, जिसकी हत्या कर दी जाती है, पाकिस्तान के पुलिस कमिश्नर ने इसे गलत समझा। इसके अलावा धार्मिक सहिंष्णुता को लेकर भी वहां का प्रशासन काफी असुरक्षित महसूस कर रहा था।

सिनेमाघरों में कब रिलीज होगी 'बंटवारा 1947'?
आमिर खान के प्रोडक्शन हाउस में बनने वाली फिल्म 'बंटवारा 1947' इस साल 14 अगस्त 2026 में स्वतंत्रता दिवस पर रिलीज होगी। मूवी में सनी देओल और प्रीति जिंटा के अलावा अली फजल, अभिमन्यु सिंह, खुशी हजारे और कनिका कपूर जैसे दमदार कलाकार नजर आएंगे। फिल्म के निर्देशन की कमान राजकुमार संतोषी ने संभाली है।
सनी देओल की अपकमिंग फिल्म 'बंटवारा-1947' भारत और पाकिस्तान के विभाजन से कई अधिक दर्शाती है। फिल्म उस नाटक पर बेस्ड है, जिसे डर और गलतफहमी के कारण पाकि ...और पढ़ें
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'बंटवारा-1947' की कहानी पर से उठा पर्दा/ फोटो- Instagram
सनी देओल की बंटवारा 1947 की सामने आई कहानी
1989 में लिखे गए नाटक में दिखाई गई थी विभाजन की त्रासदी
डर के मारे पाकिस्तान ने 'लाहौर' के बारे में दर्शाते नाटक को किया था बैन
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। आमिर खान के प्रोडक्शन में बन रही फिल्म 'बंटवारा 1947' सनी देओल (Sunny Deol) की मोस्ट अवेटेड फिल्मों में से एक है। इस मूवी में कई सालों बाद उनकी जोड़ी प्रीति जिंटा संग दिखाई देगी। यह फिल्म भारत-पाकिस्तान के विभाजन के समय केवल सीमाओं पर ही नहीं, बल्कि इंसानी दिलों पर खींची गई लकीरों और नफरत के बीच जिंदा बची 'इंसानियत' की कहानी को दर्शाती है।
सबसे दिलचस्प बात ये है कि सनी देओल-प्रीति जिंटा के फिल्म 'बंटवारा-1947' जिस नाटक पर आधारित है, उसे डरकर पाकिस्तान ने बैन कर दिया था। क्या है मूवी की कहानी, चलिए बताते हैं।
लाहौर पर लिखे गए नाटक पर बेस्ड है 'बंटवारा 1947'
सनी देओल की फिल्म 'बंटवारा' प्रोफेसर असगर वजाहत के लोकप्रिय नाटक पर आधारित है, जिसका टाइटल है 'जिस लाहौर नई देख्या, ओ जम्या ही नई'। यह नाटक फतेहपुर, उत्तर प्रदेश के रहने वाले राइटर असगर वजाहत ने साल 1989 में विभाजन की त्रासदी को ध्यान में रखते हुए लिखा था। हमने जब उन्होंने पहली बार इस नाटक को देखा था, तो इसके इतिहास को जानने के लिए वह काफी प्रेरित हुए थे।
नाटक की कहानी एक बुजुर्ग पंजाबी हिंदू महिला की है, जो भारत और पाकिस्तान के विभाजन के बाद अपना लाहौर का घर छोड़ने से इनकार कर देती है और फिर जो होता है, वह अन्दर से झकझोरने वाला है, जो आपको फिल्म में देखने को मिलेगा। सनी देओल और शबाना आजमी की यह मूवी फैंस को भावनाओं की एक रोलर-कोस्टर राइड पर ले जाने वाली है।

पाकिस्तान ने डर और गलतफहमी के कारण बैन किया था नाटक
जब 'लाहौर' के बारे में बात करते इस नाटक को लेकर और अधिक रिसर्च की गई, तो उन्हें यह जानकारी मिली कि 'जिस लाहौर नई देख्या, ओ जम्या ही नई' नाटक को पाकिस्तान में बैन किया गया था। इसके बावजूद इसका मंचन लाहौर, कराची, न्यूयॉर्क, दुबई और भारत के कई शहरों सहित दुनिया के विभिन्न हिस्सों में किया गया। इसके अलावा साल 2018 में जयपुर थिएटर कलाकार शाकुर खान ने भी थिएटर में यह नाटक दर्शाया था।
इससे पहले असगर वजाहत जिन्होंने यह नाटक लिखा था, उन्होंने खुद बीबीसी को दिए इंटरव्यू में यह बताया था कि जब इस नाटक का मंचन किया गया था, तो आम आदमी को यह बेहद पसंद आया था, लेकिन पाकिस्तान की पुलिस और प्रशासन ने गलतफहमियों के चलते और डर से नाटक को बैन कर दिया था। दरअसल, नाटक में एक मौलवी का किरदार था, जिसकी हत्या कर दी जाती है, पाकिस्तान के पुलिस कमिश्नर ने इसे गलत समझा। इसके अलावा धार्मिक सहिंष्णुता को लेकर भी वहां का प्रशासन काफी असुरक्षित महसूस कर रहा था।

सिनेमाघरों में कब रिलीज होगी 'बंटवारा 1947'?
आमिर खान के प्रोडक्शन हाउस में बनने वाली फिल्म 'बंटवारा 1947' इस साल 14 अगस्त 2026 में स्वतंत्रता दिवस पर रिलीज होगी। मूवी में सनी देओल और प्रीति जिंटा के अलावा अली फजल, अभिमन्यु सिंह, खुशी हजारे और कनिका कपूर जैसे दमदार कलाकार नजर आएंगे। फिल्म के निर्देशन की कमान राजकुमार संतोषी ने संभाली है।
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Mirchmasala
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