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फिल्म में इंटीमेट सींस के लिए Rekha ने बोला 'हां', खुशी से 4 किलोमीटर नंगे पांव दौड़ा था ये एक्टर

फिल्म में इंटीमेट सींस के लिए Rekha ने बोला 'हां', खुशी से 4 किलोमीटर नंगे पांव दौड़ा था ये एक्टर

41 साल पहले शशि कपूर ने पटना से आए इस लड़के को देखते ही हीरो बनाने की ठान ली थी। हालांकि, जिस मूवी से उसे डेब्यू करना था, उसमें रेखा के साथ 'इंटीमेट' स ...और पढ़ें








रेखा की एक 'हां' ने बदल दी थी अभिनेता की जिंदगी/ फोटो- Youtube


रेखा के अपोजिट हुआ था इस एक्टर का डेब्यू


शशि कपूर ने देखते ही चुन लिया था अपना लीड एक्टर


'रेखा' की इंटीमेट सीन पर हामी पर टिका था पूएअ करियर



एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। बॉलीवुड की एवरग्रीन स्टार रेखा के अपोजिट काम करने की ख्वाहिश किसकी नहीं होगी। उनके अपोजिट अगर किसी न्यू कमर को एक 30 सेकंड का रोल भी मिल जाए, तो वह खुद को भाग्यशाली समझता है।


41 साल पहले भी कुछ ऐसा ही हुआ था, जहां शशि कपूर ने एक लड़के को देखते ही अपनी फिल्म का लीड एक्टर चुन लिया था, लेकिन बात अटकी थी तो रेखा की एक 'हां' पर। मूवी में कुछ अतरंगी सीन थे और पटना से आया वह एक्टर बिल्कुल नया, जिसकी वजह से कश्मकश ये थी कि रेखा मूवी में उसके साथ काम करने को तैयार होंगी या नहीं। कौन था यह पटना से आया ये लड़का, जिसने बॉलीवुड में बनाई अपनी एक अलग जगह, नीचे पढ़ें डिटेल्स:


शशि कपूर ने लीड एक्टर बनाने का लिया था फैसला

आमतौर पर बिना किसी जान पहचान के किसी दूसरे शहर से आकर फिल्म इंडस्ट्री में आने और केंद्रीय भूमिकाएं पाने के लिए कलाकारों को काफी संघर्ष करना पड़ता है। मुंबई मनोरंजन संवाददाता की रिपोर्ट्स के अनुसार, अभिनेता शेखर सुमन की कहानी इससे बिल्कुल अलग है। शेखर इस बारे में बताते हैं,

"पटना से आने के 15 दिनों बाद ही मुझे फिल्म उत्सव में रेखा के साथ लीड रोल मिल गया था। शशि जी, जो उस फिल्म के निर्माता थे, उन्होंने तो मुझे देखते ही कह दिया था कि अब आप मेरी फिल्म के हीरो हैं। फिर मैंने कहा कि देखिए, ऐसा मजाक मत कीजिए। मैं अभी मुंबई आया हूं, खुशी से इंतकाल हो जाएगा।"




फिल्म में अतरंगी सीन की वजह से रेखा की हां का था डर

शेखर बताते हैं कि आगे हीरो के तौर पर रेखा की स्वीकृति मिलनी आखिरी समस्या थी। फिल्म में कुछ अंतरंग सीन थे तो हीरो के लिए उनकी अंतिम मुहर जरूरी थी। उन्होंने कहा, "कुछ दिन मैं पृथ्वी थिएटर के बाहर बैठा रहता था कि रेखा आएंगी और मुझे देखेंगी। एक दिन वह आईं, मुझे बड़े ध्यान से देखा और चली गईं। अगले दिन मुझे शशि जी का फोन आया, उन्होंने कहा, आप फिल्म के लिए चुन लिए गए हैं। मेरी बहन का घर वहां से करीब चार किमी था। शशि जी की बात सुनकर मैं खुशी में नंगे पांव बहन के घर भागा था।"




आपको बता दें कि फिल्म उत्सव 1984 में रिलीज हुई थी। यह एक एटोरिक ड्रामा मूवी थी, जिसके निर्देशन की कमान गिरीश करंद ने संभाली थी। फिल्म को कहानी की वजह से समीक्षकों के तो अच्छे रिव्यू मिले थे, लेकिन थिएटर्स में यह दर्शकों को खींचने में नाकामयाब साबित हुई।
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