बागी नेताओं पर ममता बनर्जी का पलटवार, EC को सौंपी पदाधिकारियों की नई सूची; खुद को बताया TMC अध्यक्ष
बागी नेताओं पर ममता बनर्जी का पलटवार, EC को सौंपी पदाधिकारियों की नई सूची; खुद को बताया TMC अध्यक्ष
तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग को अपने पदाधिकारियों और राष्ट्रीय कार्य समिति के सदस्यों की नई सूची भेजी है, जिसमें ममता बनर्जी को पार्टी प्रमुख बताया ग ...और पढ़ें

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी। (फाइल फोटो)
टीएमसी ने चुनाव आयोग को नई पदाधिकारियों की सूची भेजी।
ममता बनर्जी को पार्टी अध्यक्ष के रूप में दोहराया गया।
यह कदम बागी गुट के समानांतर ढांचे के बाद आया।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में विधायकों और सांसदों की बगावत के बीच तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग (ईसी) को अपने पदाधिकारियों और राष्ट्रीय कार्य समिति के सदस्यों की एक नई सूची भेजी है। इसमें यह बात दोहराई गई है कि ममता बनर्जी ही पार्टी की प्रमुख बनी हुई हैं।
सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि चुनाव आयोग को सौंपी गई सूची में पार्टी के संगठनात्मक ढांचे का जिक्र 20 जून, 2026 तक की स्थिति के अनुसार किया गया है। पार्टी पर नियंत्रण को लेकर चल रहे दावों के बीच इस सूची के जरिए पार्टी के आधिकारिक पदानुक्रम को रिकॉर्ड पर लाया गया है।
लिस्ट में किसके-किसके नाम?
सूची के अनुसार, ममता बनर्जी अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष हैं जबकि सुब्रत बख्शी उपाध्यक्ष हैं और अभिषेक बनर्जी राष्ट्रीय महासचिव (लोकसभा नेता) हैं। पदाधिकारियों की सूची में संयुक्त सचिव के रूप में डेरेक ओ'ब्रायन (राज्यसभा सांसद) और डोला सेन और कोषाध्यक्ष के रूप में सुभाशीष चक्रवर्ती का भी नाम है।
राष्ट्रीय कार्यसमिति में ममता बनर्जी, सुब्रत बख्शी, अभिषेक बनर्जी, डेरेक ओ'ब्रायन, डोला सेन और सुभाशीष चक्रवर्ती शामिल हैं। अन्य सदस्यों में चंद्रिमा भट्टाचार्य, अमित मित्रा, राजेश पति त्रिपाठी, असीमा पात्रा, मोलॉय घटक, गौतम देब, शोभनदेब चट्टोपाध्याय, बुलु चिक बड़ाइक, मुकुल संगमा, बैस्वनोर चट्टोपाध्याय, बीरबाहा हांसदा, कल्याण बनर्जी, सौगत रॉय, नदीमुल हक, मदन मित्रा, बिमान बनर्जी, महुआ मोइत्रा और कुणाल घोष शामिल हैं।
चंद्रिमा भट्टाचार्य को राष्ट्रीय कार्य समिति का सदस्य और पश्चिम बंगाल टीएमसी अध्यक्ष के तौर पर लिस्ट किया गया है, जबकि शोभनदेव चट्टोपाध्याय को सदस्य और पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता के तौर पर लिस्ट किया गया है।
बागी गुट ने अरूप रॉय तो बनाया अध्यक्ष
चुनाव आयोग को यह जानकारी टीएमसी के बागी गुट द्वारा कोलकाता में एक विशेष सत्र आयोजित करने और एक समानांतर संगठनात्मक ढांचा घोषित करने के एक दिन बाद दी गई है। इस ढांचे में वरिष्ठ विधायक अरूप रॉय को पार्टी अध्यक्ष चुना गया, जिससे सीधे तौर पर ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के अधिकार को चुनौती दी गई।
विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने दावा किया कि यह कदम पार्टी में संवैधानिक संकट के कारण उठाया गया है। उनका तर्क था कि फरवरी 2022 में गठित पिछली राष्ट्रीय कार्य समिति का कार्यकाल समाप्त हो चुका था।
बागी गुट ने कहा कि यह खास बैठक टीएमसी के संविधान के मुताबिक बुलाई गई थी। उन्होंने नई नेशनल वर्किंग कमेटी का ऐलान किया और पदाधिकारियों की नियुक्ति भी की। उन्होंने यह भी कहा कि इस बैठक की जानकारी चुनाव आयोग को दी जाएगी।
हालांकि, ममता बनर्जी के गुट ने इस कदम को खारिज कर दिया। वरिष्ठ नेता कुणाल घोष ने कहा कि बागी नेताओं के पास ऐसी बैठक बुलाने या पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में बदलाव करने का कोई अधिकार नहीं है। पार्टी के कुछ सांसदों और विधायकों के पार्टी नेतृत्व के खिलाफ जाने के बाद अंदरूनी संकट और गहरा गया है।
तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग को अपने पदाधिकारियों और राष्ट्रीय कार्य समिति के सदस्यों की नई सूची भेजी है, जिसमें ममता बनर्जी को पार्टी प्रमुख बताया ग ...और पढ़ें

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी। (फाइल फोटो)
टीएमसी ने चुनाव आयोग को नई पदाधिकारियों की सूची भेजी।
ममता बनर्जी को पार्टी अध्यक्ष के रूप में दोहराया गया।
यह कदम बागी गुट के समानांतर ढांचे के बाद आया।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में विधायकों और सांसदों की बगावत के बीच तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग (ईसी) को अपने पदाधिकारियों और राष्ट्रीय कार्य समिति के सदस्यों की एक नई सूची भेजी है। इसमें यह बात दोहराई गई है कि ममता बनर्जी ही पार्टी की प्रमुख बनी हुई हैं।
सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि चुनाव आयोग को सौंपी गई सूची में पार्टी के संगठनात्मक ढांचे का जिक्र 20 जून, 2026 तक की स्थिति के अनुसार किया गया है। पार्टी पर नियंत्रण को लेकर चल रहे दावों के बीच इस सूची के जरिए पार्टी के आधिकारिक पदानुक्रम को रिकॉर्ड पर लाया गया है।
लिस्ट में किसके-किसके नाम?
सूची के अनुसार, ममता बनर्जी अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष हैं जबकि सुब्रत बख्शी उपाध्यक्ष हैं और अभिषेक बनर्जी राष्ट्रीय महासचिव (लोकसभा नेता) हैं। पदाधिकारियों की सूची में संयुक्त सचिव के रूप में डेरेक ओ'ब्रायन (राज्यसभा सांसद) और डोला सेन और कोषाध्यक्ष के रूप में सुभाशीष चक्रवर्ती का भी नाम है।
राष्ट्रीय कार्यसमिति में ममता बनर्जी, सुब्रत बख्शी, अभिषेक बनर्जी, डेरेक ओ'ब्रायन, डोला सेन और सुभाशीष चक्रवर्ती शामिल हैं। अन्य सदस्यों में चंद्रिमा भट्टाचार्य, अमित मित्रा, राजेश पति त्रिपाठी, असीमा पात्रा, मोलॉय घटक, गौतम देब, शोभनदेब चट्टोपाध्याय, बुलु चिक बड़ाइक, मुकुल संगमा, बैस्वनोर चट्टोपाध्याय, बीरबाहा हांसदा, कल्याण बनर्जी, सौगत रॉय, नदीमुल हक, मदन मित्रा, बिमान बनर्जी, महुआ मोइत्रा और कुणाल घोष शामिल हैं।
चंद्रिमा भट्टाचार्य को राष्ट्रीय कार्य समिति का सदस्य और पश्चिम बंगाल टीएमसी अध्यक्ष के तौर पर लिस्ट किया गया है, जबकि शोभनदेव चट्टोपाध्याय को सदस्य और पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता के तौर पर लिस्ट किया गया है।
बागी गुट ने अरूप रॉय तो बनाया अध्यक्ष
चुनाव आयोग को यह जानकारी टीएमसी के बागी गुट द्वारा कोलकाता में एक विशेष सत्र आयोजित करने और एक समानांतर संगठनात्मक ढांचा घोषित करने के एक दिन बाद दी गई है। इस ढांचे में वरिष्ठ विधायक अरूप रॉय को पार्टी अध्यक्ष चुना गया, जिससे सीधे तौर पर ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के अधिकार को चुनौती दी गई।
विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने दावा किया कि यह कदम पार्टी में संवैधानिक संकट के कारण उठाया गया है। उनका तर्क था कि फरवरी 2022 में गठित पिछली राष्ट्रीय कार्य समिति का कार्यकाल समाप्त हो चुका था।
बागी गुट ने कहा कि यह खास बैठक टीएमसी के संविधान के मुताबिक बुलाई गई थी। उन्होंने नई नेशनल वर्किंग कमेटी का ऐलान किया और पदाधिकारियों की नियुक्ति भी की। उन्होंने यह भी कहा कि इस बैठक की जानकारी चुनाव आयोग को दी जाएगी।
हालांकि, ममता बनर्जी के गुट ने इस कदम को खारिज कर दिया। वरिष्ठ नेता कुणाल घोष ने कहा कि बागी नेताओं के पास ऐसी बैठक बुलाने या पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में बदलाव करने का कोई अधिकार नहीं है। पार्टी के कुछ सांसदों और विधायकों के पार्टी नेतृत्व के खिलाफ जाने के बाद अंदरूनी संकट और गहरा गया है।
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