ब्रिटेन में भारतीय छात्र का कमाल, बाफ्टा यंग गेम डिजाइनर्स अवार्ड के लिए हुआ शॉर्टलिस्ट
ब्रिटेन में भारतीय छात्र का कमाल, बाफ्टा यंग गेम डिजाइनर्स अवार्ड के लिए हुआ शॉर्टलिस्ट
ब्रिटेन में पढ़ रहे भारतीय छात्र डार्सी धांडा को उनके गेम 'माया' के लिए बाफ्टा यंग गेम डिजाइनर्स अवार्ड के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है। ...और पढ़ें

बाफ्टा यंग गेम डिजाइनर्स अवार्ड के लिए शार्टलिस्ट किया गया भारतीय छात्र (AI जनरेटेड तस्वीर)
भारतीय छात्र डार्सी धांडा बाफ्टा अवार्ड के लिए शॉर्टलिस्ट
उनका गेम 'माया' विधवा की कहानी पर आधारित है
गेम गरीबी और फैक्ट्री जीवन के दबाव को दर्शाता है
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ब्रिटेन में पढ़ रहे भारतीय छात्र को एक फैक्ट्री में काम करने वाली महिला के जीवन पर आधारित एक गेम के लिए बाफ्टा यंग गेम डिजाइनर्स अवार्ड के लिए शार्टलिस्ट किया गया है।
स्काटलैंड के ग्लासगो में स्ट्रैथक्लाइड यूनिवर्सिटी के कंप्यूटर और इन्फार्मेशन साइंसेज डिपार्टमेंट के प्रथम वर्ष के छात्र डार्सी धांडा को उनके बनाए 'माया' गेम के लिए 15-18 साल की कैटेगरी में नामिनेट किया गया है।
यह गेम एक विधवा की कहानी पर आधारित है, जो गरीबी से जूझते हुए और अपने बच्चे की परवरिश करते हुए कपड़े की फैक्ट्री में लंबे समय तक काम करती है। गेम में कई छोटे-छोटे सीन हैं, जिनमें फैक्ट्री के काम और घर की जिंदगी को दिखाया गया है, ताकि मुख्य किरदार पर पड़ने वाले दबाव को उजागर किया जा सके।
स्ट्रैथक्लाइड में कंप्यूटर और इन्फार्मेशन साइंसेज डिपार्टमेंट के हेड, प्रोफेसर मार्टिन हैल्वी ने कहा, "डार्सी का नामिनेशन उनकी क्रिएटिविटी और गेम डिजाइन के जरिए अर्थपूर्ण कहानियां सुनाने की उनकी काबिलियत, दोनों को दिखाता है।
डार्सी ने कहा, "गेम के मैकेनिक्स असल जिंदगी के काम के माहौल की नकल करते हैं और खिलाड़ियों को माया की असलियत की झलक दिखाते हैं। मैं कुछ ऐसा बनाना चाहता था, जिससे लोग भावनात्मक रूप से जुड़ सकें।"
ब्रिटेन में पढ़ रहे भारतीय छात्र डार्सी धांडा को उनके गेम 'माया' के लिए बाफ्टा यंग गेम डिजाइनर्स अवार्ड के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है। ...और पढ़ें

बाफ्टा यंग गेम डिजाइनर्स अवार्ड के लिए शार्टलिस्ट किया गया भारतीय छात्र (AI जनरेटेड तस्वीर)
भारतीय छात्र डार्सी धांडा बाफ्टा अवार्ड के लिए शॉर्टलिस्ट
उनका गेम 'माया' विधवा की कहानी पर आधारित है
गेम गरीबी और फैक्ट्री जीवन के दबाव को दर्शाता है
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ब्रिटेन में पढ़ रहे भारतीय छात्र को एक फैक्ट्री में काम करने वाली महिला के जीवन पर आधारित एक गेम के लिए बाफ्टा यंग गेम डिजाइनर्स अवार्ड के लिए शार्टलिस्ट किया गया है।
स्काटलैंड के ग्लासगो में स्ट्रैथक्लाइड यूनिवर्सिटी के कंप्यूटर और इन्फार्मेशन साइंसेज डिपार्टमेंट के प्रथम वर्ष के छात्र डार्सी धांडा को उनके बनाए 'माया' गेम के लिए 15-18 साल की कैटेगरी में नामिनेट किया गया है।
यह गेम एक विधवा की कहानी पर आधारित है, जो गरीबी से जूझते हुए और अपने बच्चे की परवरिश करते हुए कपड़े की फैक्ट्री में लंबे समय तक काम करती है। गेम में कई छोटे-छोटे सीन हैं, जिनमें फैक्ट्री के काम और घर की जिंदगी को दिखाया गया है, ताकि मुख्य किरदार पर पड़ने वाले दबाव को उजागर किया जा सके।
स्ट्रैथक्लाइड में कंप्यूटर और इन्फार्मेशन साइंसेज डिपार्टमेंट के हेड, प्रोफेसर मार्टिन हैल्वी ने कहा, "डार्सी का नामिनेशन उनकी क्रिएटिविटी और गेम डिजाइन के जरिए अर्थपूर्ण कहानियां सुनाने की उनकी काबिलियत, दोनों को दिखाता है।
डार्सी ने कहा, "गेम के मैकेनिक्स असल जिंदगी के काम के माहौल की नकल करते हैं और खिलाड़ियों को माया की असलियत की झलक दिखाते हैं। मैं कुछ ऐसा बनाना चाहता था, जिससे लोग भावनात्मक रूप से जुड़ सकें।"
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