पलामू में पंचकर्म अस्पताल बना शोपीस, बिना डॉक्टर कैसे होगा मरीजों का इलाज?
पलामू में पंचकर्म अस्पताल बना शोपीस, बिना डॉक्टर कैसे होगा मरीजों का इलाज?
मेदिनीनगर में करोड़ों की लागत से बना पंचकर्म अस्पताल चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्ति न होने से शुरू नहीं हो पाया है। ...और पढ़ें
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मेदिनीनगर में पंचकर्म अस्पताल बनकर तैयार, पर शुरू नहीं।
चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्ति अब तक नहीं।
अस्पताल भवन में फिलहाल टीबी कार्यालय संचालित हो रहा।
(पलामू)। आयुर्वेद पद्धति से उपचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मेदिनीनगर में पंचकर्म अस्पताल का निर्माण कराया गया, लेकिन चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्ति नहीं होने से यह अस्पताल शुरू होने से पहले ही उपेक्षा का शिकार बन गया है।
करोड़ों रुपये खर्च कर भवन तैयार कर दिया गया, परंतु इलाज की व्यवस्था अब तक धरातल पर नहीं उतर सकी है। अस्पताल में न तो आयुर्वेद चिकित्सकों की प्रतिनियुक्ति की गई है और न ही फार्मासिस्ट, नर्स तथा अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्ति की दिशा में कोई ठोस पहल हुई है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि बिना डाक्टर और स्वास्थ्य कर्मियों के मरीजों का उपचार कैसे होगा।
टीबी कार्यालय के कब्जे में अस्पताल भवन
स्थिति की विडंबना यह है कि पंचकर्म अस्पताल का निर्माण पूरा होने के बावजूद इसे अभी तक संबंधित विभाग को हैंडओवर नहीं किया जा सका है। बताया जाता है कि उपायुक्त के मौखिक आदेश पर भवन में यक्ष्मा (टीबी) कार्यालय को स्थानांतरित कर दिया गया है। इसके कारण अस्पताल का संचालन प्रारंभ नहीं हो पा रहा है और आयुर्वेदिक उपचार की सुविधा केवल कागजों तक सीमित रह गई है।
दो वर्षों की राशि लौटानी पड़ी
अस्पताल शुरू नहीं होने का सीधा असर संसाधनों की उपलब्धता पर भी पड़ा है। वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 में फर्नीचर एवं अन्य आवश्यक उपकरणों की खरीद के लिए सरकार द्वारा राशि उपलब्ध कराई गई थी, लेकिन भवन के उपयोग और संचालन को लेकर स्पष्टता नहीं होने के कारण राशि खर्च नहीं हो सकी। परिणामस्वरूप दोनों वर्षों की राशि सरकार को सरेंडर करनी पड़ी।
जनता को इंतजार, विभाग मौन
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि अस्पताल को शीघ्र शुरू किया जाए तो क्षेत्र के मरीजों को आयुर्वेदिक एवं पंचकर्म चिकित्सा का लाभ मिल सकेगा। भवन, संसाधन और सरकारी स्वीकृति होने के बावजूद अस्पताल का संचालन शुरू नहीं होना प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है। अब लोगों की नजर सरकार और स्वास्थ्य विभाग पर टिकी है कि आखिर यह अस्पताल कब तक केवल भवन बनकर रह जाएगा।
पलामू जिला का प्रभारअभी कुछ समय पहले ही मिला है। इस वजह से उन्हें पूरी जानकारी नहीं है। सरकार अगर सारी सुविधाएं उपलब्ध करा देती हैं तो शीघ्र ही पंचकर्म अस्पताल शुरू करा दिया जाएगा।
डॉ. उमेश चंद्र भास्कर, डीएमओ पलामू
मेदिनीनगर में करोड़ों की लागत से बना पंचकर्म अस्पताल चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्ति न होने से शुरू नहीं हो पाया है। ...और पढ़ें
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मेदिनीनगर में पंचकर्म अस्पताल बनकर तैयार, पर शुरू नहीं।
चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्ति अब तक नहीं।
अस्पताल भवन में फिलहाल टीबी कार्यालय संचालित हो रहा।
(पलामू)। आयुर्वेद पद्धति से उपचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मेदिनीनगर में पंचकर्म अस्पताल का निर्माण कराया गया, लेकिन चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्ति नहीं होने से यह अस्पताल शुरू होने से पहले ही उपेक्षा का शिकार बन गया है।
करोड़ों रुपये खर्च कर भवन तैयार कर दिया गया, परंतु इलाज की व्यवस्था अब तक धरातल पर नहीं उतर सकी है। अस्पताल में न तो आयुर्वेद चिकित्सकों की प्रतिनियुक्ति की गई है और न ही फार्मासिस्ट, नर्स तथा अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्ति की दिशा में कोई ठोस पहल हुई है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि बिना डाक्टर और स्वास्थ्य कर्मियों के मरीजों का उपचार कैसे होगा।
टीबी कार्यालय के कब्जे में अस्पताल भवन
स्थिति की विडंबना यह है कि पंचकर्म अस्पताल का निर्माण पूरा होने के बावजूद इसे अभी तक संबंधित विभाग को हैंडओवर नहीं किया जा सका है। बताया जाता है कि उपायुक्त के मौखिक आदेश पर भवन में यक्ष्मा (टीबी) कार्यालय को स्थानांतरित कर दिया गया है। इसके कारण अस्पताल का संचालन प्रारंभ नहीं हो पा रहा है और आयुर्वेदिक उपचार की सुविधा केवल कागजों तक सीमित रह गई है।
दो वर्षों की राशि लौटानी पड़ी
अस्पताल शुरू नहीं होने का सीधा असर संसाधनों की उपलब्धता पर भी पड़ा है। वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 में फर्नीचर एवं अन्य आवश्यक उपकरणों की खरीद के लिए सरकार द्वारा राशि उपलब्ध कराई गई थी, लेकिन भवन के उपयोग और संचालन को लेकर स्पष्टता नहीं होने के कारण राशि खर्च नहीं हो सकी। परिणामस्वरूप दोनों वर्षों की राशि सरकार को सरेंडर करनी पड़ी।
जनता को इंतजार, विभाग मौन
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि अस्पताल को शीघ्र शुरू किया जाए तो क्षेत्र के मरीजों को आयुर्वेदिक एवं पंचकर्म चिकित्सा का लाभ मिल सकेगा। भवन, संसाधन और सरकारी स्वीकृति होने के बावजूद अस्पताल का संचालन शुरू नहीं होना प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है। अब लोगों की नजर सरकार और स्वास्थ्य विभाग पर टिकी है कि आखिर यह अस्पताल कब तक केवल भवन बनकर रह जाएगा।
पलामू जिला का प्रभारअभी कुछ समय पहले ही मिला है। इस वजह से उन्हें पूरी जानकारी नहीं है। सरकार अगर सारी सुविधाएं उपलब्ध करा देती हैं तो शीघ्र ही पंचकर्म अस्पताल शुरू करा दिया जाएगा।
डॉ. उमेश चंद्र भास्कर, डीएमओ पलामू
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