करोड़ों खर्च फिर भी जलमग्न हुई रांची, सड़कों से ऊंची नालियों और एसटीपी घेराबंदी ने रोकी पानी की निकासी
करोड़ों खर्च फिर भी जलमग्न हुई रांची, सड़कों से ऊंची नालियों और एसटीपी घेराबंदी ने रोकी पानी की निकासी
राजधानी रांची में मूसलाधार बारिश ने जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी, जिससे सेवा सदन रोड और बड़ा तालाब के आसपास घंटों जलमग्न रहा। ...और पढ़ें

सड़कों से ऊंची नालियों ने रोकी पानी की निकासी
HIGHLIGHTS
मूसलाधार बारिश से रांची में जल निकासी व्यवस्था की पोल खुली।
सेवा सदन रोड, बड़ा तालाब के पास घंटों रहा जलजमाव।
एसटीपी निर्माण और ऊंची नालियां जलभराव का मुख्य कारण।
संवाददाता, रांची। राजधानी रांची में रविवार को हुई मूसलाधार बारिश ने शहर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। सेवा सदन रोड और बड़ा तालाब के आसपास का इलाका घंटों तक जलमग्न रहा।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि रविवार को हुई बारिश के दौरान जल जमाव का मुख्य कारण सड़क से ऊंची नालियां, आसपास के मकानों और दुकानों का ऊंचा स्तर तथा बड़ा तालाब के किनारे बनाए गए एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) की संरचना जलजमाव का प्रमुख कारण बन गई है।
जिसके कारण बारिश के दौरान सेवा सदन अस्पताल के आसपास लगभग 500 से 600 मीटर तक सड़कें पानी में डूब गईं। जलजमाव की चपेट में एक दर्जन से अधिक दुकानें, मंदिर, अस्पताल परिसर तथा बिजली सब-स्टेशन भी आ गए। कई स्थानों पर पानी अस्पताल परिसर तक पहुंच गया, जिससे मरीजों और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
2023 में बना था 8.20 करोड़ का एसटीपी
स्थानीय लोगों के अनुसार बड़ा तालाब में नालों के गंदे पानी को सीधे प्रवेश करने से रोकने के लिए वर्ष 2023 में लगभग 8.20 करोड़ रुपये की लागत से एसटीपी प्लांट का निर्माण कराया गया था। इस परियोजना का उद्देश्य नालों के गंदे पानी को फिल्टर कर तालाब में पहुंचाना था, ताकि जलाशय प्रदूषण से बच सके।

हालांकि लोगों का कहना है कि जिस स्थान से वर्षों से बारिश का पानी सीधे बड़ा तालाब में प्रवेश करता था, उसी क्षेत्र में एसटीपी संरचना और घेराबंदी कर दी गई। इससे बरसाती पानी की प्राकृतिक निकासी बाधित हो गई और पानी सड़कों पर जमा होने लगा।
निकासी के लिए गेट बनाए जाते तो नहीं होती समस्या
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि एसटीपी निर्माण के दौरान यदि बरसाती पानी की निकासी के लिए तीन से चार बड़े फाटक या जल प्रवाह मार्ग बनाए गए होते तो वर्तमान स्थिति नहीं बनती। उनका आरोप है कि परियोजना बनाते समय जल निकासी की जरूरतों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।
सड़क से ऊंची हो गईं दीवारें और नालियां
सेवा सदन रोड के दोनों ओर विभिन्न निर्माण कार्यों के कारण कई स्थानों पर दीवारों और भवनों का स्तर ऊंचा हो गया है। इसके मुकाबले सड़क नीचे रह गई है।

नालियां होने के बावजूद भारी बारिश के समय पानी तेजी से नहीं निकल पाता, जिससे जलभराव की स्थिति बन जाती है।
कई इलाकों का पानी पहुंचता है बड़ा तालाब
स्थानीय लोगों के अनुसार नगाबाबा खटाल, पहाड़ी टोला, जलान रोड, हरमू रोड, रातू रोड, अपर बाजार समेत कई क्षेत्रों का बरसाती पानी बड़ा तालाब की ओर आता है।

ऐसे में निकासी व्यवस्था बाधित होने पर सेवा सदन रोड सबसे अधिक प्रभावित होती है।
मेयर ने कहा- स्थिति पर रखी जा रही नजर
रांची की मेयर रौशनी खलखो ने कहा कि नगर निगम पूरे मामले की निगरानी कर रहा है। उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में जलजमाव की समस्या के दौरान वे स्वयं देर रात तक मौके पर मौजूद रहीं और जल निकासी कार्यों की निगरानी की। उन्होंने कहा कि समस्या के स्थायी समाधान के लिए तकनीकी स्तर पर समीक्षा की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति से बचा जा सके।
हर बारिश में दुकान के सामने पानी भर जाता है। इस बार स्थिति और खराब रही। एसटीपी और घेराबंदी के बाद पानी की निकासी प्रभावित हुई है। प्रशासन को स्थायी समाधान निकालना चाहिए।- विक्रम प्रसाद
बरसात के दौरान सड़कें तालाब जैसी हो जाती हैं। बच्चों और बुजुर्गों को आने-जाने में परेशानी होती है। जल निकासी की व्यवस्था मजबूत नहीं होने से हर साल यही समस्या दोहराई जा रही है। - मुरारी शर्मा
शहर के कई इलाकों का पानी बड़ा तालाब की ओर आता है। निकासी बाधित होने से व्यापार भी प्रभावित होता है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी लोगों को राहत नहीं मिलना चिंता का विषय है।- गणेश दास
बारिश के बाद घंटों तक पानी जमा रहता है। घरों में नमी और गंदगी बढ़ जाती है। विकास कार्यों के साथ जल निकासी की समुचित व्यवस्था भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।- महेश कुमार शर्मा
एसटीपी का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण है, लेकिन यदि इससे जलजमाव बढ़ रहा है तो तकनीकी खामियों की समीक्षा जरूरी है। विशेषज्ञों की टीम बनाकर पूरे क्षेत्र का सर्वे कराया जाना चाहिए।- शिव प्रकाश शर्मा
राजधानी रांची में मूसलाधार बारिश ने जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी, जिससे सेवा सदन रोड और बड़ा तालाब के आसपास घंटों जलमग्न रहा। ...और पढ़ें

सड़कों से ऊंची नालियों ने रोकी पानी की निकासी
HIGHLIGHTS
मूसलाधार बारिश से रांची में जल निकासी व्यवस्था की पोल खुली।
सेवा सदन रोड, बड़ा तालाब के पास घंटों रहा जलजमाव।
एसटीपी निर्माण और ऊंची नालियां जलभराव का मुख्य कारण।
संवाददाता, रांची। राजधानी रांची में रविवार को हुई मूसलाधार बारिश ने शहर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। सेवा सदन रोड और बड़ा तालाब के आसपास का इलाका घंटों तक जलमग्न रहा।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि रविवार को हुई बारिश के दौरान जल जमाव का मुख्य कारण सड़क से ऊंची नालियां, आसपास के मकानों और दुकानों का ऊंचा स्तर तथा बड़ा तालाब के किनारे बनाए गए एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) की संरचना जलजमाव का प्रमुख कारण बन गई है।
जिसके कारण बारिश के दौरान सेवा सदन अस्पताल के आसपास लगभग 500 से 600 मीटर तक सड़कें पानी में डूब गईं। जलजमाव की चपेट में एक दर्जन से अधिक दुकानें, मंदिर, अस्पताल परिसर तथा बिजली सब-स्टेशन भी आ गए। कई स्थानों पर पानी अस्पताल परिसर तक पहुंच गया, जिससे मरीजों और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
2023 में बना था 8.20 करोड़ का एसटीपी
स्थानीय लोगों के अनुसार बड़ा तालाब में नालों के गंदे पानी को सीधे प्रवेश करने से रोकने के लिए वर्ष 2023 में लगभग 8.20 करोड़ रुपये की लागत से एसटीपी प्लांट का निर्माण कराया गया था। इस परियोजना का उद्देश्य नालों के गंदे पानी को फिल्टर कर तालाब में पहुंचाना था, ताकि जलाशय प्रदूषण से बच सके।

हालांकि लोगों का कहना है कि जिस स्थान से वर्षों से बारिश का पानी सीधे बड़ा तालाब में प्रवेश करता था, उसी क्षेत्र में एसटीपी संरचना और घेराबंदी कर दी गई। इससे बरसाती पानी की प्राकृतिक निकासी बाधित हो गई और पानी सड़कों पर जमा होने लगा।
निकासी के लिए गेट बनाए जाते तो नहीं होती समस्या
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि एसटीपी निर्माण के दौरान यदि बरसाती पानी की निकासी के लिए तीन से चार बड़े फाटक या जल प्रवाह मार्ग बनाए गए होते तो वर्तमान स्थिति नहीं बनती। उनका आरोप है कि परियोजना बनाते समय जल निकासी की जरूरतों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।
सड़क से ऊंची हो गईं दीवारें और नालियां
सेवा सदन रोड के दोनों ओर विभिन्न निर्माण कार्यों के कारण कई स्थानों पर दीवारों और भवनों का स्तर ऊंचा हो गया है। इसके मुकाबले सड़क नीचे रह गई है।

नालियां होने के बावजूद भारी बारिश के समय पानी तेजी से नहीं निकल पाता, जिससे जलभराव की स्थिति बन जाती है।
कई इलाकों का पानी पहुंचता है बड़ा तालाब
स्थानीय लोगों के अनुसार नगाबाबा खटाल, पहाड़ी टोला, जलान रोड, हरमू रोड, रातू रोड, अपर बाजार समेत कई क्षेत्रों का बरसाती पानी बड़ा तालाब की ओर आता है।

ऐसे में निकासी व्यवस्था बाधित होने पर सेवा सदन रोड सबसे अधिक प्रभावित होती है।
मेयर ने कहा- स्थिति पर रखी जा रही नजर
रांची की मेयर रौशनी खलखो ने कहा कि नगर निगम पूरे मामले की निगरानी कर रहा है। उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में जलजमाव की समस्या के दौरान वे स्वयं देर रात तक मौके पर मौजूद रहीं और जल निकासी कार्यों की निगरानी की। उन्होंने कहा कि समस्या के स्थायी समाधान के लिए तकनीकी स्तर पर समीक्षा की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति से बचा जा सके।
हर बारिश में दुकान के सामने पानी भर जाता है। इस बार स्थिति और खराब रही। एसटीपी और घेराबंदी के बाद पानी की निकासी प्रभावित हुई है। प्रशासन को स्थायी समाधान निकालना चाहिए।- विक्रम प्रसाद
बरसात के दौरान सड़कें तालाब जैसी हो जाती हैं। बच्चों और बुजुर्गों को आने-जाने में परेशानी होती है। जल निकासी की व्यवस्था मजबूत नहीं होने से हर साल यही समस्या दोहराई जा रही है। - मुरारी शर्मा
शहर के कई इलाकों का पानी बड़ा तालाब की ओर आता है। निकासी बाधित होने से व्यापार भी प्रभावित होता है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी लोगों को राहत नहीं मिलना चिंता का विषय है।- गणेश दास
बारिश के बाद घंटों तक पानी जमा रहता है। घरों में नमी और गंदगी बढ़ जाती है। विकास कार्यों के साथ जल निकासी की समुचित व्यवस्था भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।- महेश कुमार शर्मा
एसटीपी का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण है, लेकिन यदि इससे जलजमाव बढ़ रहा है तो तकनीकी खामियों की समीक्षा जरूरी है। विशेषज्ञों की टीम बनाकर पूरे क्षेत्र का सर्वे कराया जाना चाहिए।- शिव प्रकाश शर्मा
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