Heatwave में AC, फ्रिज और फोन को ऐसे रखें सुरक्षित, ओवरहीटिंग से बचाने के आसान उपाय
Heatwave में AC, फ्रिज और फोन को ऐसे रखें सुरक्षित, ओवरहीटिंग से बचाने के आसान उपाय
तेज गर्मी और लू के चलते इन दिनों इंसान ही नहीं, बल्कि डिवाइसेज और घरों में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी प्रभावित हो रहे हैं। ...और पढ़ें

Heatwave में AC, फ्रिज और फोन को ऐसे रखें सुरक्षित, ओवरहीटिंग से बचाने के आसान उपाय
देश के ज्यादातर इलाकों में इस समय तेज गर्मी के चलते लोग हर स्तर पर सतर्कता बरत रहे हैं, ताकि गर्मी के चलते कोई नई मुसीबत न पैदा हो जाए। गर्मी से बचाव में एसी और फ्रिज जैसे घरेलू उपकरण बहुत उपयोगी हैं, पर लगातार प्रयोग करने, कमरे में अधिक गर्मी होने, वेंटिलेशन के अभाव और थोड़ी सी लापरवाही होने पर ये खराब भी हो सकते हैं।
फोन, लैपटाप, एसी, रेफ्रिजरेटर जैसे उपकरणों पर गर्मी के चलते अतिरिक्त दबाव पड़ता है, इसलिए गर्म मौसम में इनके प्रयोग को लेकर थोड़ा सतर्क रहने की जरूरत है। इस गर्मी में एसी या रेफ्रिजरेटर का खराब होना, आपके लिए अधिक तकलीफदेह हो सकता है।
छोटी छोटी बातों का रखना होगा ध्यान
ये उपकरण हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा हैं, इसलिए गर्म दिनों में हमें इनका अतिरिक्त खयाल रखना होता है। यहां तक कि कार में बिना एसी के फोन या लैपटाप छोड़ना भी जोखिम भरा हो सकता है। वहीं, घरों में हवा का बहाव बाधित होने, धूल के जमाव, बिजली से जुड़ी समस्याएं होने और लंबे समय तक इनके इस्तेमाल के चलते ओवरहीटिंग होना इन दिनों आम बात है।
डिवाइसेज के फेल होने का यह एक बड़ा कारण भी है। गर्मी के चलते ये स्थायी रूप से खराब भी हो सकते हैं। इसके वार्निंग साइन को समझना जरूरी है। साथ ही, यह भी जानना आवश्यक है कि इलेक्ट्रानिक उपकरणों के अंदर हीट कैसे बढ़ती है, कैसे आप इन डिवाइस की उम्र बढ़ा सकते हैं और महंगे रिपेयर के खर्च से बच सकते हैं।

ओवरहीटिंग की गंभीरता को समझें
आधुनिक इलेक्ट्रानिक्स एक खास तापमान पर आपरेट होने के लिए डिजाइन किए जाते हैं। जब तापमान सहने की सीमा पार हो जाती है, तो सर्किट बोर्ड्स, कैपिसिटर्स और प्रोसेसर जैसे इंटरनल पार्ट्स खराब होने लगते हैं। होम इलेक्ट्रानिक्स अक्सर धीरे-धीरे गर्म होते हैं।
शुरुआत में अचानक बंद हो जाने, आवाज आने, स्क्रीन के झिलमिलाने या कमांड देने पर देरी से एक्टिव होने जैसी समस्याएं देखने में आती हैं। अगर इसे आप लंबे समय तक नजरअंदाज करते रहेंगे, तो डिवाइसेज की उम्र कम हो जाती है। इससे सुरक्षा खतरे भी पैदा हो सकते हैं, यानी वायरिंग पिघलने या इलेक्ट्रिकल फाल्ट जैसी समस्याएं देखने में आ सकती हैं।
गर्म होने के संकेत को समझेंअचानक बंद या रिस्टार्ट होना
सतह का गर्म होना या जलने की गंध आना
आडियो या विजुअल आउपुट में विकृति आना
परफार्मेंस में गिरावट या धीमा होना
पंखों की आवाज का तेज होना
ओवरहीटिंग के पीछे आम कारण
खराब वेंटिलेशन या ओवरफ्लो : हवा का प्रवाह नहीं होने से इलेक्ट्रानिक्स गर्म हो जाते हैं। ये वेंट्स या इंटरनल फैन के जरिये हीट को रिलीज करते हैं। जब दीवाल या किसी वस्तु से इसे ढंक दिया जाता है, तो गर्मी बाहर नहीं निकल पाती। हवा के बहाव में रुकावट इन पर अधिक दबाव डालती है।
धूल का जमाव : धूल इंसुलेशन (ताप अवरोध) का काम करती है। लंबे समय तक प्रयोग करने के कारण वेंट, पंखे, सर्किट बोर्ड्स के अंदर धूल जमा हो जाती है, जिससे गर्मी बाहर नहीं निकल पाती। इससे कंपोनेंट को अधिक तापमान पर काम करना पड़ता है।
लगातार प्रयोग : डिवाइसेज को लगातार कई घंटे तक प्रयोग करने से भी गर्मी पैदा होती है। इससे डिवाइस का कूलिंग सिस्टम अपनी क्षमता खो देता है, जिससे गर्मी के चलते आंतरिक समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
पावर सप्लाई और वोल्टेज इश्यू : अस्थिर बिजली सप्लाई, खराब एडाप्टर या गलत वोल्टेज के कारण डिवाइस जरूरत से ज्यादा करंट खींच सकते हैं, जिससे उनमें ज्यादा गर्मी पैदा होती है। सस्ते पावर बोर्ड और खराब तार, घर के उपकरणों में अधिक गर्मी पैदा होने का खतरा बढ़ा देते हैं।
पुराने होते पुर्जे : समय के साथ इंटरनल पार्ट्स की क्षमता कम होने लगती है। कैपिसिटर्स ड्राइ होने, ज्वाइंट्स के कमजोर होने और कूलिंग फैन के स्लो होने से गर्मी बढ़ती है। इन्हीं कारणों से पुराने उपकरणों जल्दी गर्म या फेल होते हैं।
बाहरी तापमान : कमरे का तापमान भी डिवाइस की परफार्मेंस को प्रभावित करता है। खिड़की पर धूप आने, हीटर के पास रखने या वेंटिलेशन नहीं होने से उपकरण जल्दी गर्म हो जाते हैं। इन दिनों गर्मी के चलते उपकरण स्वाभाविक रूप से जल्दी गर्म हो जाते हैं।

तेज गर्मी में कैसे बचाएं उपकरण
स्मार्टफोन, लैपटाप और टैबलेट: अगर धूप में निकल रहे हैं, तो पर्सनल गैजेट्स का इस्तेमाल कम से कम करें। अगर गैजेट अधिक गर्म हो रहा है, तो उसका कवर हटा कर डिवाइस को कुछ देर के लिए बंद कर देना चाहिए। इन्हें खड़ी कार में नहीं छोड़ना चाहिए।
यात्रा के दौरान भी इन्हें ठंडे स्थान पर रखना चाहिए। लो-पावर मोड पर स्विच करने से बैटरी बचा सकते हैं। साथ ही, बैटरी की खपत करने वाले गैर-जरूरी एप्स को हटा सकते हैं। लैपटाप और दूसरे इलेक्ट्रानिक्स के लिए, गर्मी कम करने के लिए कूलिंग पैड का इस्तेमाल करना चाहिए।
एयर कंडीशनर : एसी की बाहरी यूनिट को तेज धूप के बजाय छाया वाले स्थान पर रखने का प्रयास करें। इसके फिल्टर को दो-तीन हफ्तों में साफ करते रहना चाहिए, ताकि हवा का बहाव सही बना रहे और एसी पर अतिरिक्त दबान न पड़े। एसी पर्याप्त ठंडा नहीं कर रहा है या कोई अन्य समस्या आ रही है, तो कूलेंट की जांच करा लेनी चाहिए।
रेफ्रिजरेटर : सबसे जरूरी वेंटिलेशन सुनिश्चित करना है। रेफ्रिजरेटर के चारों ओर कुछ इंच जगह छोड़ना जरूरी है। इसके दरवाजे सही ढंग से बंद होने चाहिए, ताकि ठंडी हवा बाहर न निकले। काइल्स में जमी धूल और गंदगी को साफ करते रहना चाहिए, क्योंकि इससे गर्मी बढ़ने की आशंका रहती है।
वाशिंग मशीन : गर्म स्थान पर रखने से बचना चाहिए। साथ ही ओवरलोडिंग के चलते मोटर पर दबाव बढ़ता है। फिल्टर को साफ रखना चाहिए। वाशिंग मशीन के आसपास वेंटिलेशन भी सुनिश्चित करना आवश्यक है।
टेलीविजन : सीधी धूप से दूर रखने का प्रयास करना चाहिए। इस मौसम में धूप रोकने वाले पर्दे लगा सकते हैं या उन्हें किसी कपड़े से ढक सकते हैं, ताकि उन्हें सीधे नुकसान से बचाया जा सके।

हीट मैनेजमेंट को सही रखने की जरूरत
पंकज राणा, सीईओ, हाइसेंस इंडिया
गर्मी और उमस के मौसम में एसी, फ्रिज और वाशिंग मशीन जैसे अप्लायंसेज दिन-रात चलते हैं, इसलिए ओवरहीटिंग होना एक आम समस्या बन जाती है। हालांकि, क्यूएसडी रैपिड इन्वर्टर टेक्नोलाजी, कापर कंडेंशर, हाइ एंबियंट डिजाइन और कापर पाइपिंग जैसी एडवांस टेक्नोलाजी मशीन से गर्मी को बाहर निकालने और इंटरनल सिस्टम को ठंडा बनाए रखने में मदद करती है।
ओवरहीटिंग की सबसे बड़ी वजह खराब हीट मैनेजमेंट है। यूजर को कुछ आसान बातों का ध्यान रखना चाहिए, जैसे एसी का फिल्टर हर 15 दिन में साफ करें, फ्रिज को दीवार से कम से कम छह इंच दूर रखें, वाशिंग मशीन में जरूरत से ज्यादा कपड़े न भरें और हमेशा स्टेबलाइजर या स्टेबलाइजर-फ्री प्रोडक्ट का इस्तेमाल करें। सही क्षमता वाला प्रोडक्ट खरीदना भी बेहद जरूरी है, क्योंकि छोटा एसी लगातार फुल लोड पर चलकर जल्दी गर्म हो सकता है।
एसी को 24-26 डिग्री सेल्सियस पर चलाना, अप्लायंसेज के आसपास पर्याप्त वेंटिलेशन रखना और मेंटिनेंस करना परफार्मेंस को बेहतर बनाएं रखने और लंबी लाइफ के लिए जरूरी है। एक्सटेंशन बोर्ड पर हेवी अप्लायंसेज चलाने, गीले हाथों से प्लग छूने और पीसीबी रिपेयर के लिए लोकल मैकेनिक पर निर्भर रहने से बचना चाहिए।
एसी के आउटडोर यूनिट के आसपास कम से कम दो फीट खुली जगह रखने से भी मशीन पर अतिरिक्त लोड नहीं पड़ता। समय पर सर्विसिंग कराने से न केवल बिजली की खपत कम होती है, बल्कि अप्लायंसेज की लाइफ भी बढ़ती है।
तेज गर्मी और लू के चलते इन दिनों इंसान ही नहीं, बल्कि डिवाइसेज और घरों में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी प्रभावित हो रहे हैं। ...और पढ़ें

Heatwave में AC, फ्रिज और फोन को ऐसे रखें सुरक्षित, ओवरहीटिंग से बचाने के आसान उपाय
देश के ज्यादातर इलाकों में इस समय तेज गर्मी के चलते लोग हर स्तर पर सतर्कता बरत रहे हैं, ताकि गर्मी के चलते कोई नई मुसीबत न पैदा हो जाए। गर्मी से बचाव में एसी और फ्रिज जैसे घरेलू उपकरण बहुत उपयोगी हैं, पर लगातार प्रयोग करने, कमरे में अधिक गर्मी होने, वेंटिलेशन के अभाव और थोड़ी सी लापरवाही होने पर ये खराब भी हो सकते हैं।
फोन, लैपटाप, एसी, रेफ्रिजरेटर जैसे उपकरणों पर गर्मी के चलते अतिरिक्त दबाव पड़ता है, इसलिए गर्म मौसम में इनके प्रयोग को लेकर थोड़ा सतर्क रहने की जरूरत है। इस गर्मी में एसी या रेफ्रिजरेटर का खराब होना, आपके लिए अधिक तकलीफदेह हो सकता है।
छोटी छोटी बातों का रखना होगा ध्यान
ये उपकरण हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा हैं, इसलिए गर्म दिनों में हमें इनका अतिरिक्त खयाल रखना होता है। यहां तक कि कार में बिना एसी के फोन या लैपटाप छोड़ना भी जोखिम भरा हो सकता है। वहीं, घरों में हवा का बहाव बाधित होने, धूल के जमाव, बिजली से जुड़ी समस्याएं होने और लंबे समय तक इनके इस्तेमाल के चलते ओवरहीटिंग होना इन दिनों आम बात है।
डिवाइसेज के फेल होने का यह एक बड़ा कारण भी है। गर्मी के चलते ये स्थायी रूप से खराब भी हो सकते हैं। इसके वार्निंग साइन को समझना जरूरी है। साथ ही, यह भी जानना आवश्यक है कि इलेक्ट्रानिक उपकरणों के अंदर हीट कैसे बढ़ती है, कैसे आप इन डिवाइस की उम्र बढ़ा सकते हैं और महंगे रिपेयर के खर्च से बच सकते हैं।

ओवरहीटिंग की गंभीरता को समझें
आधुनिक इलेक्ट्रानिक्स एक खास तापमान पर आपरेट होने के लिए डिजाइन किए जाते हैं। जब तापमान सहने की सीमा पार हो जाती है, तो सर्किट बोर्ड्स, कैपिसिटर्स और प्रोसेसर जैसे इंटरनल पार्ट्स खराब होने लगते हैं। होम इलेक्ट्रानिक्स अक्सर धीरे-धीरे गर्म होते हैं।
शुरुआत में अचानक बंद हो जाने, आवाज आने, स्क्रीन के झिलमिलाने या कमांड देने पर देरी से एक्टिव होने जैसी समस्याएं देखने में आती हैं। अगर इसे आप लंबे समय तक नजरअंदाज करते रहेंगे, तो डिवाइसेज की उम्र कम हो जाती है। इससे सुरक्षा खतरे भी पैदा हो सकते हैं, यानी वायरिंग पिघलने या इलेक्ट्रिकल फाल्ट जैसी समस्याएं देखने में आ सकती हैं।
गर्म होने के संकेत को समझेंअचानक बंद या रिस्टार्ट होना
सतह का गर्म होना या जलने की गंध आना
आडियो या विजुअल आउपुट में विकृति आना
परफार्मेंस में गिरावट या धीमा होना
पंखों की आवाज का तेज होना
ओवरहीटिंग के पीछे आम कारण
खराब वेंटिलेशन या ओवरफ्लो : हवा का प्रवाह नहीं होने से इलेक्ट्रानिक्स गर्म हो जाते हैं। ये वेंट्स या इंटरनल फैन के जरिये हीट को रिलीज करते हैं। जब दीवाल या किसी वस्तु से इसे ढंक दिया जाता है, तो गर्मी बाहर नहीं निकल पाती। हवा के बहाव में रुकावट इन पर अधिक दबाव डालती है।
धूल का जमाव : धूल इंसुलेशन (ताप अवरोध) का काम करती है। लंबे समय तक प्रयोग करने के कारण वेंट, पंखे, सर्किट बोर्ड्स के अंदर धूल जमा हो जाती है, जिससे गर्मी बाहर नहीं निकल पाती। इससे कंपोनेंट को अधिक तापमान पर काम करना पड़ता है।
लगातार प्रयोग : डिवाइसेज को लगातार कई घंटे तक प्रयोग करने से भी गर्मी पैदा होती है। इससे डिवाइस का कूलिंग सिस्टम अपनी क्षमता खो देता है, जिससे गर्मी के चलते आंतरिक समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
पावर सप्लाई और वोल्टेज इश्यू : अस्थिर बिजली सप्लाई, खराब एडाप्टर या गलत वोल्टेज के कारण डिवाइस जरूरत से ज्यादा करंट खींच सकते हैं, जिससे उनमें ज्यादा गर्मी पैदा होती है। सस्ते पावर बोर्ड और खराब तार, घर के उपकरणों में अधिक गर्मी पैदा होने का खतरा बढ़ा देते हैं।
पुराने होते पुर्जे : समय के साथ इंटरनल पार्ट्स की क्षमता कम होने लगती है। कैपिसिटर्स ड्राइ होने, ज्वाइंट्स के कमजोर होने और कूलिंग फैन के स्लो होने से गर्मी बढ़ती है। इन्हीं कारणों से पुराने उपकरणों जल्दी गर्म या फेल होते हैं।
बाहरी तापमान : कमरे का तापमान भी डिवाइस की परफार्मेंस को प्रभावित करता है। खिड़की पर धूप आने, हीटर के पास रखने या वेंटिलेशन नहीं होने से उपकरण जल्दी गर्म हो जाते हैं। इन दिनों गर्मी के चलते उपकरण स्वाभाविक रूप से जल्दी गर्म हो जाते हैं।

तेज गर्मी में कैसे बचाएं उपकरण
स्मार्टफोन, लैपटाप और टैबलेट: अगर धूप में निकल रहे हैं, तो पर्सनल गैजेट्स का इस्तेमाल कम से कम करें। अगर गैजेट अधिक गर्म हो रहा है, तो उसका कवर हटा कर डिवाइस को कुछ देर के लिए बंद कर देना चाहिए। इन्हें खड़ी कार में नहीं छोड़ना चाहिए।
यात्रा के दौरान भी इन्हें ठंडे स्थान पर रखना चाहिए। लो-पावर मोड पर स्विच करने से बैटरी बचा सकते हैं। साथ ही, बैटरी की खपत करने वाले गैर-जरूरी एप्स को हटा सकते हैं। लैपटाप और दूसरे इलेक्ट्रानिक्स के लिए, गर्मी कम करने के लिए कूलिंग पैड का इस्तेमाल करना चाहिए।
एयर कंडीशनर : एसी की बाहरी यूनिट को तेज धूप के बजाय छाया वाले स्थान पर रखने का प्रयास करें। इसके फिल्टर को दो-तीन हफ्तों में साफ करते रहना चाहिए, ताकि हवा का बहाव सही बना रहे और एसी पर अतिरिक्त दबान न पड़े। एसी पर्याप्त ठंडा नहीं कर रहा है या कोई अन्य समस्या आ रही है, तो कूलेंट की जांच करा लेनी चाहिए।
रेफ्रिजरेटर : सबसे जरूरी वेंटिलेशन सुनिश्चित करना है। रेफ्रिजरेटर के चारों ओर कुछ इंच जगह छोड़ना जरूरी है। इसके दरवाजे सही ढंग से बंद होने चाहिए, ताकि ठंडी हवा बाहर न निकले। काइल्स में जमी धूल और गंदगी को साफ करते रहना चाहिए, क्योंकि इससे गर्मी बढ़ने की आशंका रहती है।
वाशिंग मशीन : गर्म स्थान पर रखने से बचना चाहिए। साथ ही ओवरलोडिंग के चलते मोटर पर दबाव बढ़ता है। फिल्टर को साफ रखना चाहिए। वाशिंग मशीन के आसपास वेंटिलेशन भी सुनिश्चित करना आवश्यक है।
टेलीविजन : सीधी धूप से दूर रखने का प्रयास करना चाहिए। इस मौसम में धूप रोकने वाले पर्दे लगा सकते हैं या उन्हें किसी कपड़े से ढक सकते हैं, ताकि उन्हें सीधे नुकसान से बचाया जा सके।

हीट मैनेजमेंट को सही रखने की जरूरत
पंकज राणा, सीईओ, हाइसेंस इंडिया
गर्मी और उमस के मौसम में एसी, फ्रिज और वाशिंग मशीन जैसे अप्लायंसेज दिन-रात चलते हैं, इसलिए ओवरहीटिंग होना एक आम समस्या बन जाती है। हालांकि, क्यूएसडी रैपिड इन्वर्टर टेक्नोलाजी, कापर कंडेंशर, हाइ एंबियंट डिजाइन और कापर पाइपिंग जैसी एडवांस टेक्नोलाजी मशीन से गर्मी को बाहर निकालने और इंटरनल सिस्टम को ठंडा बनाए रखने में मदद करती है।
ओवरहीटिंग की सबसे बड़ी वजह खराब हीट मैनेजमेंट है। यूजर को कुछ आसान बातों का ध्यान रखना चाहिए, जैसे एसी का फिल्टर हर 15 दिन में साफ करें, फ्रिज को दीवार से कम से कम छह इंच दूर रखें, वाशिंग मशीन में जरूरत से ज्यादा कपड़े न भरें और हमेशा स्टेबलाइजर या स्टेबलाइजर-फ्री प्रोडक्ट का इस्तेमाल करें। सही क्षमता वाला प्रोडक्ट खरीदना भी बेहद जरूरी है, क्योंकि छोटा एसी लगातार फुल लोड पर चलकर जल्दी गर्म हो सकता है।
एसी को 24-26 डिग्री सेल्सियस पर चलाना, अप्लायंसेज के आसपास पर्याप्त वेंटिलेशन रखना और मेंटिनेंस करना परफार्मेंस को बेहतर बनाएं रखने और लंबी लाइफ के लिए जरूरी है। एक्सटेंशन बोर्ड पर हेवी अप्लायंसेज चलाने, गीले हाथों से प्लग छूने और पीसीबी रिपेयर के लिए लोकल मैकेनिक पर निर्भर रहने से बचना चाहिए।
एसी के आउटडोर यूनिट के आसपास कम से कम दो फीट खुली जगह रखने से भी मशीन पर अतिरिक्त लोड नहीं पड़ता। समय पर सर्विसिंग कराने से न केवल बिजली की खपत कम होती है, बल्कि अप्लायंसेज की लाइफ भी बढ़ती है।
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