BRICS सम्मेलन में रूसी विदेश मंत्री से पीएम मोदी ने की खास मुलाकात, अराघची से मिले डोभाल
BRICS सम्मेलन में रूसी विदेश मंत्री से पीएम मोदी ने की खास मुलाकात, अराघची से मिले डोभाल
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लाव्रोव से विशेष मुलाकात की, जिसमें द्विपक्षीय सहयोग और क्षेत्रीय मुद्दों ...और पढ़ें
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प्रधानमंत्री मोदी ने रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लाव्रोव से की खास मुलाकात।
पीएम मोदी ने रूसी विदेश मंत्री लाव्रोव से मुलाकात की
नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की शुरुआत
एनएसए डोभाल ने ईरानी विदेश मंत्री अराघची से चर्चा की
भारत की अध्यक्षता में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की शुरूआत हो चुकी है। BRICS सहित अन्य देशों के विदेश मंत्रियों की यह बैठक नई दिल्ली में जारी है। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ रहा है। इस उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता विदेश मंत्री एस. जयशंकर कर रहे हैं।
इस दौरान जहां एक तरफ ब्रिक्स के विदेश मंत्रियों और प्रतिनिधिमंडलों के नेताओं ने संयुक्त रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की, वहीं रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लाव्रोव को पीएम के साथ एक विशेष मुलाकात का मौका मिला। इसके साथ ही ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अलग से NSA अजीत डोभाल से मुलाकात की।
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लाव्रोव से पीएम मोदी ने की खास मुलाकात
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, लाव्रोव ने पीएम मोदी को दिसंबर 2025 में 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए दोनों नेताओं की मुलाकात के बाद से द्विपक्षीय सहयोग में हुई प्रगति के बारे में जानकारी दी। उन्होंने आपसी हित के विभिन्न क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा की, जिसमें यूक्रेन और पश्चिम एशिया की स्थिति शामिल थी।
इस दौरान पीएम मोदी ने आगे बढ़ने के सबसे अच्छे तरीके के रूप में बातचीत और कूटनीति के पक्ष में भारत के लगातार रुख को दोहराया। मालूम हो कि लाव्रोव एकमात्र ऐसे मंत्री थे जिनसे पीएम मोदी ने निजी तौर पर मुलाकात की।
पीएम ने उनसे राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन तक अपना अभिवादन पहुंचाने का भी आग्रह किया।
वहीं, बाद में मोदी ने X पर लिखा, "यह समूह उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने और ग्लोबल साउथ की आकांक्षाओं को आवाज देने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में उभरा है। इस साल भारत की अध्यक्षता में, हम बहुपक्षवाद को मजबूत करने, सतत विकास को बढ़ावा देने, आर्थिक लचीलेपन को बढ़ाने और एक अधिक समावेशी विश्व व्यवस्था बनाने के लिए मिलकर काम करेंगे।"
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लाव्रोव से विशेष मुलाकात की, जिसमें द्विपक्षीय सहयोग और क्षेत्रीय मुद्दों ...और पढ़ें
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प्रधानमंत्री मोदी ने रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लाव्रोव से की खास मुलाकात।
पीएम मोदी ने रूसी विदेश मंत्री लाव्रोव से मुलाकात की
नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की शुरुआत
एनएसए डोभाल ने ईरानी विदेश मंत्री अराघची से चर्चा की
भारत की अध्यक्षता में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की शुरूआत हो चुकी है। BRICS सहित अन्य देशों के विदेश मंत्रियों की यह बैठक नई दिल्ली में जारी है। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ रहा है। इस उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता विदेश मंत्री एस. जयशंकर कर रहे हैं।
इस दौरान जहां एक तरफ ब्रिक्स के विदेश मंत्रियों और प्रतिनिधिमंडलों के नेताओं ने संयुक्त रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की, वहीं रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लाव्रोव को पीएम के साथ एक विशेष मुलाकात का मौका मिला। इसके साथ ही ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अलग से NSA अजीत डोभाल से मुलाकात की।
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लाव्रोव से पीएम मोदी ने की खास मुलाकात
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, लाव्रोव ने पीएम मोदी को दिसंबर 2025 में 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए दोनों नेताओं की मुलाकात के बाद से द्विपक्षीय सहयोग में हुई प्रगति के बारे में जानकारी दी। उन्होंने आपसी हित के विभिन्न क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा की, जिसमें यूक्रेन और पश्चिम एशिया की स्थिति शामिल थी।
इस दौरान पीएम मोदी ने आगे बढ़ने के सबसे अच्छे तरीके के रूप में बातचीत और कूटनीति के पक्ष में भारत के लगातार रुख को दोहराया। मालूम हो कि लाव्रोव एकमात्र ऐसे मंत्री थे जिनसे पीएम मोदी ने निजी तौर पर मुलाकात की।
पीएम ने उनसे राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन तक अपना अभिवादन पहुंचाने का भी आग्रह किया।
वहीं, बाद में मोदी ने X पर लिखा, "यह समूह उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने और ग्लोबल साउथ की आकांक्षाओं को आवाज देने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में उभरा है। इस साल भारत की अध्यक्षता में, हम बहुपक्षवाद को मजबूत करने, सतत विकास को बढ़ावा देने, आर्थिक लचीलेपन को बढ़ाने और एक अधिक समावेशी विश्व व्यवस्था बनाने के लिए मिलकर काम करेंगे।"
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