'भगवान सब देख रहे थे', ईरान से अपने पायलटों को कैसे निकाला? ट्रंप ने बताई पूरी बात
'भगवान सब देख रहे थे', ईरान से अपने पायलटों को कैसे निकाला? ट्रंप ने बताई पूरी बात
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को दी 48 घंटे की डेडलाइन के बीच एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने ईरानी क्षेत्र में मार गिराए गए अमेरिकी F-15E ...और पढ़ें

व्हाइट हाउस में ट्रंप की पीसी।
HIGHLIGHTS
ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन दी।
ईरान में गिरे अमेरिकी विमान के पायलट बचाए गए।
ट्रंप ने ईरान को एक रात में खत्म करने की धमकी दी।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की ओर से ईरान को सीजफायर के लिए दी गई 48 घंटे की डेडलाइन करीब आ रही है। इस मौके पर ट्रंप ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने उन दो पायलटों के बारे में जानकारी दी, जिन्हें ईरानी इलाके में अमेरिकी जेट गिरने के बाद रेस्क्यू किया गया। साथ ही ईरान को धमकी भी दी।
यह कॉन्फ्रेंस ऐसे समय में हुई जब दक्षिण-पश्चिमी ईरान के ऊपर अमेरिकी वायु सेना का एक F-15E लड़ाकू विमान मार गिराया गया था, जिसके चलते उसके दो क्रू सदस्यों को दुश्मन के इलाके में विमान से बाहर कूदना पड़ा और इसके बाद एक बड़े पैमाने पर बचाव अभियान शुरू करना पड़ा। लगभग दो दिनों तक चले समन्वित सैन्य और खुफिया प्रयासों के बाद दोनों वायुसैनिकों को सफलतापूर्वक बचा लिया गया।
ट्रंप ने क्या-क्या कहा?होर्मुज स्ट्रेट को खोलने की बढ़ती समय सीमा के बीच उन्होंने कहा, "ईरान को एक ही रात में खत्म किया जा सकता है और वह रात शायद कल रात हो।"
इसके साथ ही उन्होंने विस्तार से बताया कि अमेरिकी सेना ने उन पायलटों को कैसे बचाया। अमेरिकी राष्ट्रपति ने दो पायलटों को बचाने के अभियान का जिक्र करते हुए कहा, "ईरान में बचाव अभियान के दौरान अमेरिकी सैनिकों को बहुत करीब से गोलीबारी का सामना करना पड़ा।"
उन्होंने इस अभियान की सफलता के बारे में बात करते हुए आगे कहा, "भगवान हमारी रक्षा कर रहे थे।"
अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा, "मैंने अमेरिकी सेना को आदेश दिया था कि हमारे बहादुर सैनिकों को घर वापस लाने के लिए जो कुछ भी जरूरी हो, वह किया जाए। अमेरिकी सेना में हम किसी भी अमेरिकी को पीछे नहीं छोड़ते।"
ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान बचाव अभियान में 170 से ज्यादा अमेरिकी सैन्य विमान तैनात किए गए थे, जिनमें से 21 पहले ऑपरेशन में और 155 दूसरे ऑपरेशन में शामिल थे। उन्होंने कहा, "ईरान में दूसरे बचाव अभियान में 155 विमान शामिल थे।"
और ज्यादा जानकारी देते हुए उन्होंने आगे कहा, "इसमें चार बॉम्बर, 64 फाइटर जेट, 48 रीफ्यूलिंग टैंकर, 13 बचाव विमान और अन्य शामिल थे।"
डोनल्ड ट्रंप ने यह भी कहा कि बचाया गया एयरमैन ईरान के पहाड़ों में छिपा हुआ था और बचने की संभावनाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार ऊंचाई पर चढ़ता रहा। उन्होंने इस मिशन को "भूसे के ढेर में सुई ढूंढ़ने जैसा" बताया।
उन्होंने आगे बताया कि रेत में फंसने के बाद दो ट्रांसपोर्ट विमान नष्ट हो गए थे। डोनल्ड ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान पायलट बचाव अभियान की जानकारी लीक हो गई थी।
उन्होंने कहा कि वह "मीडिया संगठन से ईरान बचाव लीक के सूत्र का नाम बताने के लिए कहेंगे।" उन्होंने चेतावनी दी कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है और अगर संबंधित व्यक्ति सहयोग नहीं करता है तो उसे जेल भी हो सकती है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को दी 48 घंटे की डेडलाइन के बीच एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने ईरानी क्षेत्र में मार गिराए गए अमेरिकी F-15E ...और पढ़ें

व्हाइट हाउस में ट्रंप की पीसी।
HIGHLIGHTS
ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन दी।
ईरान में गिरे अमेरिकी विमान के पायलट बचाए गए।
ट्रंप ने ईरान को एक रात में खत्म करने की धमकी दी।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की ओर से ईरान को सीजफायर के लिए दी गई 48 घंटे की डेडलाइन करीब आ रही है। इस मौके पर ट्रंप ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने उन दो पायलटों के बारे में जानकारी दी, जिन्हें ईरानी इलाके में अमेरिकी जेट गिरने के बाद रेस्क्यू किया गया। साथ ही ईरान को धमकी भी दी।
यह कॉन्फ्रेंस ऐसे समय में हुई जब दक्षिण-पश्चिमी ईरान के ऊपर अमेरिकी वायु सेना का एक F-15E लड़ाकू विमान मार गिराया गया था, जिसके चलते उसके दो क्रू सदस्यों को दुश्मन के इलाके में विमान से बाहर कूदना पड़ा और इसके बाद एक बड़े पैमाने पर बचाव अभियान शुरू करना पड़ा। लगभग दो दिनों तक चले समन्वित सैन्य और खुफिया प्रयासों के बाद दोनों वायुसैनिकों को सफलतापूर्वक बचा लिया गया।
ट्रंप ने क्या-क्या कहा?होर्मुज स्ट्रेट को खोलने की बढ़ती समय सीमा के बीच उन्होंने कहा, "ईरान को एक ही रात में खत्म किया जा सकता है और वह रात शायद कल रात हो।"
इसके साथ ही उन्होंने विस्तार से बताया कि अमेरिकी सेना ने उन पायलटों को कैसे बचाया। अमेरिकी राष्ट्रपति ने दो पायलटों को बचाने के अभियान का जिक्र करते हुए कहा, "ईरान में बचाव अभियान के दौरान अमेरिकी सैनिकों को बहुत करीब से गोलीबारी का सामना करना पड़ा।"
उन्होंने इस अभियान की सफलता के बारे में बात करते हुए आगे कहा, "भगवान हमारी रक्षा कर रहे थे।"
अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा, "मैंने अमेरिकी सेना को आदेश दिया था कि हमारे बहादुर सैनिकों को घर वापस लाने के लिए जो कुछ भी जरूरी हो, वह किया जाए। अमेरिकी सेना में हम किसी भी अमेरिकी को पीछे नहीं छोड़ते।"
ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान बचाव अभियान में 170 से ज्यादा अमेरिकी सैन्य विमान तैनात किए गए थे, जिनमें से 21 पहले ऑपरेशन में और 155 दूसरे ऑपरेशन में शामिल थे। उन्होंने कहा, "ईरान में दूसरे बचाव अभियान में 155 विमान शामिल थे।"
और ज्यादा जानकारी देते हुए उन्होंने आगे कहा, "इसमें चार बॉम्बर, 64 फाइटर जेट, 48 रीफ्यूलिंग टैंकर, 13 बचाव विमान और अन्य शामिल थे।"
डोनल्ड ट्रंप ने यह भी कहा कि बचाया गया एयरमैन ईरान के पहाड़ों में छिपा हुआ था और बचने की संभावनाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार ऊंचाई पर चढ़ता रहा। उन्होंने इस मिशन को "भूसे के ढेर में सुई ढूंढ़ने जैसा" बताया।
उन्होंने आगे बताया कि रेत में फंसने के बाद दो ट्रांसपोर्ट विमान नष्ट हो गए थे। डोनल्ड ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान पायलट बचाव अभियान की जानकारी लीक हो गई थी।
उन्होंने कहा कि वह "मीडिया संगठन से ईरान बचाव लीक के सूत्र का नाम बताने के लिए कहेंगे।" उन्होंने चेतावनी दी कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है और अगर संबंधित व्यक्ति सहयोग नहीं करता है तो उसे जेल भी हो सकती है।
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