लोहरदगा में सड़क सुरक्षा टीम की मनमानी: नई गाड़ी का काट दिया पॉल्यूशन चालान, वाहन जांच के नाम पर वसूली का आरोप
लोहरदगा में सड़क सुरक्षा टीम की मनमानी: नई गाड़ी का काट दिया पॉल्यूशन चालान, वाहन जांच के नाम पर वसूली का आरोप
लोहरदगा में जिला सड़क सुरक्षा टीम पर मनमानी वाहन जांच के आरोप लगे हैं। नए वाहन पर प्रदूषण सर्टिफिकेट न होने पर गलत जुर्माना लगाया गया, जिससे वाहन चालक ...और पढ़ें

जिले में जिला सड़क सुरक्षा टीम द्वारा की जा रही वाहन जांच को लेकर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि टीम के कर्मी अपनी मर्जी से कहीं भी वाहन जांच शुरू कर देते हैं, जिससे आम वाहन चालकों को मानसिक और आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हाल ही में एक नए वाहन चालक पर पॉल्यूशन सर्टिफिकेट नहीं होने के कारण जुर्माना लगाया गया, जबकि नियमों के तहत नई गाड़ी को 12 महीनों तक इस प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं होती। चालक द्वारा बार-बार जानकारी देने के बावजूद जुर्माना वसूला गया।
नई गाड़ी का काटा पॉल्यूशन चालान
टीम के अधिकारियों से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि ऑनलाइन रुप से पॉल्यूशन नजर नहीं आ रहा था। बाद में जुर्माना रिमूव कर देंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होने किसी कागजात की जांच ही नहीं की। इसी तरह किस्को रोड पर बिना हेलमेट पकड़े गए एक मोटरसाइकिल चालक पर कथित रूप से अन्य कागजातों की कमी बताकर 16 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
वाहन चालकों में नाराजगी
ऐसे मामलों से वाहन चालकों में नाराजगी देखी जा रही है। स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि जांच के दौरान कुछ बिचौलिए सक्रिय रहते हैं, जो जुर्माना कम कराने के नाम पर पैसे लेने का दावा करते हैं। इससे विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
हालांकि विभाग की ओर से सड़क सुरक्षा और नियमों के पालन को लेकर जागरूकता अभियान चलाने की बात कही जाती है, लेकिन जमीनी स्तर पर लोग खुद को परेशान महसूस कर रहे हैं।
लोहरदगा में जिला सड़क सुरक्षा टीम पर मनमानी वाहन जांच के आरोप लगे हैं। नए वाहन पर प्रदूषण सर्टिफिकेट न होने पर गलत जुर्माना लगाया गया, जिससे वाहन चालक ...और पढ़ें

जिले में जिला सड़क सुरक्षा टीम द्वारा की जा रही वाहन जांच को लेकर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि टीम के कर्मी अपनी मर्जी से कहीं भी वाहन जांच शुरू कर देते हैं, जिससे आम वाहन चालकों को मानसिक और आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हाल ही में एक नए वाहन चालक पर पॉल्यूशन सर्टिफिकेट नहीं होने के कारण जुर्माना लगाया गया, जबकि नियमों के तहत नई गाड़ी को 12 महीनों तक इस प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं होती। चालक द्वारा बार-बार जानकारी देने के बावजूद जुर्माना वसूला गया।
नई गाड़ी का काटा पॉल्यूशन चालान
टीम के अधिकारियों से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि ऑनलाइन रुप से पॉल्यूशन नजर नहीं आ रहा था। बाद में जुर्माना रिमूव कर देंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होने किसी कागजात की जांच ही नहीं की। इसी तरह किस्को रोड पर बिना हेलमेट पकड़े गए एक मोटरसाइकिल चालक पर कथित रूप से अन्य कागजातों की कमी बताकर 16 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
वाहन चालकों में नाराजगी
ऐसे मामलों से वाहन चालकों में नाराजगी देखी जा रही है। स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि जांच के दौरान कुछ बिचौलिए सक्रिय रहते हैं, जो जुर्माना कम कराने के नाम पर पैसे लेने का दावा करते हैं। इससे विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
हालांकि विभाग की ओर से सड़क सुरक्षा और नियमों के पालन को लेकर जागरूकता अभियान चलाने की बात कही जाती है, लेकिन जमीनी स्तर पर लोग खुद को परेशान महसूस कर रहे हैं।
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