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अमेरिका के खिलाफ चीन कर रहा तैयारी, वर्चुअली दुनिया के सबसे बड़े एयरक्राफ्ट कैरियर को उड़ाकर बताए अपने इरादे

चीन ने अमेरिका के खिलाफ जो वर्चुअल प्रोग्राम शुरू किया है उसमें कुछ मिसाइलों का इस्तेमाल किया है। शोधकर्ताओं ने इन मिसाइलों के वास्तविक दुनिया के प्रदर्शन पर संदेह व्यक्त किया है। साथ ही इसको लेकर कई तरह के सवाल भी उठाए हैं।


अमेरिका के खिलाफ चीन कर रहा तैयारी, वर्चुअली दुनिया के सबसे बड़े एयरक्राफ्ट कैरियर को उड़ाकर बताए अपने इरादे


नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। चीन और अमेरिके के बीच चल रहे कुछ विवादों के बीच चीन अपनी कमर कसते नजर आ रहा है। चीन ने एक प्रोग्राम तैयार करते हुए दिखाया है कि यदि भविष्य में यह विवाद युद्ध तक पहुंचता है, तो चीन की प्रतिक्रिया क्या हो सकती है।

दरअसल, चीन में सैन्य योजनाकारों ने एक प्रोग्राम तैयार किया है, जिसमें उन्होंने दुनिया के सबसे बड़े विमानवाहक पोत यूएसएस गेराल्ड आर फोर्ड को वर्चुअली ध्वस्त कर दिया है। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट (एससीएमपी) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, चीन की सेना द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले वॉर गेम सॉफ्टवेयर पर इस प्रोग्राम को चलाया गया था।

वर्चुअली अमेरिकी जहाजों पर किया हमला

इसका परिणाम चीनी भाषा के जर्नल ऑफ टेस्ट एंड मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी द्वारा मई में सार्वजनिक रूप से प्रकाशित कर दिया गया था। चीन ने एक ऐसे परिदृश्य की कल्पना की जहां कई चेतावनियों के बावजूद चीन द्वारा दावा किए गए विवादित दक्षिण चीन सागर के एक द्वीप तक पहुंचने के बाद अमेरिकी जहाजों पर हमला किया गया।
पूरी तरह से अमेरिकी पोत को किया चकनाचूर

SCMP की रिपोर्ट के अनुसार, प्रोग्राम में 20 गहन लड़ाइयों के बाद अमेरिकी वाहक का बेड़ा डूब गया था, जिसमें 24 हाइपरसोनिक एंटी-शिप मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया था। शोधकर्ताओं ने कहा कि कुछ मिसाइलों को वर्चुअली गोबी रेगिस्तान से दागा गया था और लगभग हर अमेरिकी पोत चकनाचूर हो गया और पूरी तरह से डूब गया।
पहली बार सार्वजनिक हुआ परिणाम

यह पहली बार है जब किसी अमेरिकी वाहक समूह के खिलाफ सिम्युलेटेड हाइपरसोनिक स्ट्राइक के परिणाम सार्वजनिक किए गए हैं। प्रोग्राम को अंजाम देने वाली टीम का नेतृत्व चीन के उत्तरी विश्वविद्यालय के काओ होंगसॉन्ग ने किया था।
मिसाइलों के प्रदर्शन पर जताया संदेह

हालांकि, शोधकर्ताओं ने इन मिसाइलों के वास्तविक दुनिया के प्रदर्शन पर संदेह व्यक्त किया है और इन दस्तावेजों को जारी करने के उद्देश्य पर भी सवाल उठाया है। एक पूर्व वरिष्ठ अमेरिकी रक्षा अधिकारी ड्रू थॉम्पसन ने कहा, "जो कोई भी सार्वजनिक रूप से युद्ध के खेल या सिमुलेशन के परिणाम पर चर्चा करता है, उसका एक राजनीतिक उद्देश्य होता है, खासकर यदि वे परिणाम को जीत या हार के रूप में फ्रेम करते हैं।"

यूनाइटेड स्टेट्स स्टडीज सेंटर में इंडो-पैसिफिक विशेषज्ञ और डिफेंस रिसर्च फेलो ब्लेक हर्ज़िंगर ने कहा कि इस तरह के दावे बेतहाशा गलत हैं। उन्होंने कहा, "आज के अधिक उन्नत हथियारों के साथ भी 100,000 टन के युद्धपोत को डुबाना कोई आसान काम नहीं है।"
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