पहली बार 1944 में दिए गए थे गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड्स
पहली बार 1944 में दिए गए थे गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड्स

गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड्स ऑस्कर पुरस्कार के बाद फिल्म और मनोरंजन जगत से जुड़े सबसे बड़े अवॉर्ड माने जाते हैं। गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड्स फॉरेन फॉरेन प्रेस एसोसिएशन की ओर से दिए जाते हैं। पहली बार विजेताओं को सिर्फ स्क्रॉल दिए गए थे।
Golden Globe Awards 2023: साउथ इंडस्ट्री ने बीते कुछ सालों में कई ऐसी फिल्में दी हैं जो ग्लोबल मंच पर लोकप्रियता हासिल कर रही हैं। मार्च 2022 में रिलीज हुई फिल्म 'RRR' उसकी सबसे बेहतरीन मिसाल है जो लगातार विदेशों में अपना डंका बजा रही है। राम चरण और जूनियर एनटीआर की फिल्म 'RRR' के गाने 'नाटू-नाटू' को गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड्स में बेस्ट ओरिजिनल गाने के लिए इंटरनेशनल लेवल पर सम्मानित किया गया है।
'RRR' ने मारी बाजी
एस एस राजामौली के निर्देशन में बनी इस फिल्म को दिसंबर में गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड्स 2023 के लिए दो अलग-अलग कैटेगरी में नॉमिनेशन मिला था। इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म पर रामचरण और आलिया भट्ट स्टारर 'RRR' को बेस्ट नॉन इंग्लिश लैंग्वेज फिल्म और 'नाटू-नाटू' गाने को बेस्ट ओरिजिनल गाने की नॉमिनेशन लिस्ट में शामिल किया गया था। जिसमें बेस्ट हॉलीवुड गानों के बीच साउथ की इस बिग बजट फिल्म ने बाजी मारी और बेस्ट ओरिजिनल गाने का खिताब जीता।
गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड्स में भी दिलचस्पी
फिल्मों के दीवानों की रुचि फिल्म देखने में ही नहीं, बल्कि इससे जुड़े पुरस्कारों में भी होती है। उन्हें ये जानने में खासी दिलचस्पी होती है कि किस फिल्म को कब कौन सा अवॉर्ड दिया गया? किस कलाकार की अदाकारी को सबसे बड़े सम्मान से नवाजा गया? ऐसा ही एक अवॉर्ड गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड्स भी है। गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड्स हर साल पहले महीने में दिए जाते हैं, जबकि घोषणा इससे पूर्व हो जाती है। तो चलिए अब आपको बताते हैं कि गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड्स का इतिहास क्या है। पहली बार ये अवॉर्ड कब दिया गया था। इतना ही नहीं इस रिपोर्ट में हम आपको इस अवॉर्ड के बारे में कई रोचक पहलुओं के बारे में बताएंगे।

ऑस्कर के बाद सबसे पड़ा पुरस्कार
गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड्स ऑस्कर पुरस्कार के बाद फिल्म और मनोरंजन जगत से जुड़े सबसे बड़े अवॉर्ड माने जाते हैं। गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड्स फॉरेन फॉरेन प्रेस एसोसिएशन की ओर से दिए जाते हैं। इसका मकसद मनोरंजन जगत में बेमिसाल कार्य करने वालों का सम्मान करना है। इसमें एक्टर, एक्ट्रेस, डायरेक्टर, फिल्म और टीवी से जुड़े कलाकारों को सम्मानित किया जाता है।
हर साल जनवरी के महीने में गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड्स समारोह का आयोजन किया जाता है। इसमें विजेताओं के चयन की प्रक्रिया वोटिंग पर आधारित है। अमेरिकी और विदेशी पत्रकारों के इससे संबद्ध 93 सदस्यों का एक समूह इन अवॉर्ड्स के लिए वोटिंग करता है।
1944 में पहली बार हुआ आयोजन
हॉलीवुड फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स एसोसिएशन यानी आज के हॉलीवुड फॉरेन प्रेस एसोसिएशन ने 1944 में पहली बार पुरस्कार समारोह का आयोजन किया था। इसकी शुरुआत 20th सेंचुरी फॉक्स में अनौपचारिक समारोह के साथ हुई थी। वहां, जेनिफर जोन्स को 'द सॉन्ग ऑफ बर्नाडेट' के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। इसी को सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार भी मिला था। पॉल लुकास को 'वॉच ऑन द राइन' के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार मिला था। पहली बार विजेताओं को सिर्फ स्क्रॉल दिए गए थे लेकिन 1945 में स्टैच्यू डिजाइन किया गया और विजेताओं को दिया जाने लगा।

गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड्स ऑस्कर पुरस्कार के बाद फिल्म और मनोरंजन जगत से जुड़े सबसे बड़े अवॉर्ड माने जाते हैं। गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड्स फॉरेन फॉरेन प्रेस एसोसिएशन की ओर से दिए जाते हैं। पहली बार विजेताओं को सिर्फ स्क्रॉल दिए गए थे।
Golden Globe Awards 2023: साउथ इंडस्ट्री ने बीते कुछ सालों में कई ऐसी फिल्में दी हैं जो ग्लोबल मंच पर लोकप्रियता हासिल कर रही हैं। मार्च 2022 में रिलीज हुई फिल्म 'RRR' उसकी सबसे बेहतरीन मिसाल है जो लगातार विदेशों में अपना डंका बजा रही है। राम चरण और जूनियर एनटीआर की फिल्म 'RRR' के गाने 'नाटू-नाटू' को गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड्स में बेस्ट ओरिजिनल गाने के लिए इंटरनेशनल लेवल पर सम्मानित किया गया है।
'RRR' ने मारी बाजी
एस एस राजामौली के निर्देशन में बनी इस फिल्म को दिसंबर में गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड्स 2023 के लिए दो अलग-अलग कैटेगरी में नॉमिनेशन मिला था। इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म पर रामचरण और आलिया भट्ट स्टारर 'RRR' को बेस्ट नॉन इंग्लिश लैंग्वेज फिल्म और 'नाटू-नाटू' गाने को बेस्ट ओरिजिनल गाने की नॉमिनेशन लिस्ट में शामिल किया गया था। जिसमें बेस्ट हॉलीवुड गानों के बीच साउथ की इस बिग बजट फिल्म ने बाजी मारी और बेस्ट ओरिजिनल गाने का खिताब जीता।
गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड्स में भी दिलचस्पी
फिल्मों के दीवानों की रुचि फिल्म देखने में ही नहीं, बल्कि इससे जुड़े पुरस्कारों में भी होती है। उन्हें ये जानने में खासी दिलचस्पी होती है कि किस फिल्म को कब कौन सा अवॉर्ड दिया गया? किस कलाकार की अदाकारी को सबसे बड़े सम्मान से नवाजा गया? ऐसा ही एक अवॉर्ड गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड्स भी है। गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड्स हर साल पहले महीने में दिए जाते हैं, जबकि घोषणा इससे पूर्व हो जाती है। तो चलिए अब आपको बताते हैं कि गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड्स का इतिहास क्या है। पहली बार ये अवॉर्ड कब दिया गया था। इतना ही नहीं इस रिपोर्ट में हम आपको इस अवॉर्ड के बारे में कई रोचक पहलुओं के बारे में बताएंगे।

ऑस्कर के बाद सबसे पड़ा पुरस्कार
गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड्स ऑस्कर पुरस्कार के बाद फिल्म और मनोरंजन जगत से जुड़े सबसे बड़े अवॉर्ड माने जाते हैं। गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड्स फॉरेन फॉरेन प्रेस एसोसिएशन की ओर से दिए जाते हैं। इसका मकसद मनोरंजन जगत में बेमिसाल कार्य करने वालों का सम्मान करना है। इसमें एक्टर, एक्ट्रेस, डायरेक्टर, फिल्म और टीवी से जुड़े कलाकारों को सम्मानित किया जाता है।
हर साल जनवरी के महीने में गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड्स समारोह का आयोजन किया जाता है। इसमें विजेताओं के चयन की प्रक्रिया वोटिंग पर आधारित है। अमेरिकी और विदेशी पत्रकारों के इससे संबद्ध 93 सदस्यों का एक समूह इन अवॉर्ड्स के लिए वोटिंग करता है।
1944 में पहली बार हुआ आयोजन
हॉलीवुड फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स एसोसिएशन यानी आज के हॉलीवुड फॉरेन प्रेस एसोसिएशन ने 1944 में पहली बार पुरस्कार समारोह का आयोजन किया था। इसकी शुरुआत 20th सेंचुरी फॉक्स में अनौपचारिक समारोह के साथ हुई थी। वहां, जेनिफर जोन्स को 'द सॉन्ग ऑफ बर्नाडेट' के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। इसी को सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार भी मिला था। पॉल लुकास को 'वॉच ऑन द राइन' के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार मिला था। पहली बार विजेताओं को सिर्फ स्क्रॉल दिए गए थे लेकिन 1945 में स्टैच्यू डिजाइन किया गया और विजेताओं को दिया जाने लगा।
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