फ्लॉप रहा था Mukesh का पहला गाना, 85 साल पुराने गीत की असफलता से टूट गया था दिल
फ्लॉप रहा था Mukesh का पहला गाना, 85 साल पुराने गीत की असफलता से टूट गया था दिल
मशहूर गायक रहे मुकेश का पहला गाना सिनेमा जगत में महा फ्लॉप के तौर पर जाना जाता है। ...और पढ़ें

मुकेश का पहला गाना (फोटो क्रेडिट- फेसबुक)
85 साल पहले आया था ये गाना
मुकेश के सिंगिंग करियर का पहला गीत
इस गाने से बाद में मिली पहचान
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। वेटरन प्लेबैक सिंगर मुकेश (Mukesh) को भला कौन नहीं जानता। आज बेशक वह हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके द्वारा गाए गए शानदार गीतों को हर कोई सुनना पसंद करता है। करीब तीन दशक के लंबे गायिकी करियर में मुकेश ने एक से बढ़कर एक गीतों को आवाज दी और अमर किया।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि बतौर पार्श्वगायक मुकेश का पहला गीत कौन सा था। आपको ये जानकार हैरानी होगी की वह गाने फ्लॉप माना गया था, जिसकी वजह से मुकेश का दिल टूट गया था। पूरा मामला क्या है, आइए जानते हैं-
मुकेश का पहला गीत
दरअसल मुकेश सिनेमा जगत में गायक बनने नहीं आए थे। उन्होंने एक एक्टर के तौर पर सिनेमा जगत में एंट्री मारी थी। देखने में हैंडसम होने के बावजूद मुकेश को चंद फिल्में करने के बाद ये एहसास हो गया था कि वह एक अभिनेता के तौर पर फिल्म इंडस्ट्री में सर्वाइव नहीं कर पाएंगे।

इसके बाद उन्होंने मन बनाया कि वह एक गायक के रूप में अपनी पहचान बनाएंगे।बतौर प्लेबैक सिंगर मुकेश ने पहला गाना साल 1941 में रिलीज होने वाली फिल्म निर्दोष के लिए गाया था। उस गीत के बोल थे- दिल ही बुझा हुआ हो तो... (Dil Hi Bujha Hua Ho Toh)। इस गीत को गाने के अलावा मुकेश ने निर्दोष में एक एक्टर के तौर पर भी काम किया।

बात की जाए गाने की मेकिंग की तरफ तो इसे संगीतकार अनिल विश्वास ने अपनी संगीत की धुनों से तैयार किया।बताया जाता है कि अभिनेता मोतीलाल ने अनिल ने मुकेश के लिए सिफारिश की थी कि वह एक्टर के साथ-साथ एक अच्छा गायक भी है,
इस तरह से उन्हें अपनी जिंदगी का पहला गाना मिला था। लेकिन अफसोस की निर्दोष का दिल ही बुझा हुआ हो तो... एक फ्लॉप सॉन्ग बनकर रह गया, जिससे मुकेश को काफी निराशा हुई।
इस गाने ने बदली थी किस्मत
पहले गाने की असफलता के बाद मुकेश को इंडस्ट्री में काफी संघर्ष करना पड़ा। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार काम करते रहे। फिर 1945 में बतौर गायक मुकेश को फिल्म नजर के कल्ट सॉन्ग दिल जलता है तो जलने दो... से अधिक लोकप्रियता हासिल हुई और वह रातोंरात संगीत की दुनिया के पॉपुलर गायक बन गए। उस दौरान ये चर्चा काफी तेज थी कि मुकेश की आवाज सुरों के सरताज के एल सहगल से काफी मिलती थी।
मशहूर गायक रहे मुकेश का पहला गाना सिनेमा जगत में महा फ्लॉप के तौर पर जाना जाता है। ...और पढ़ें

मुकेश का पहला गाना (फोटो क्रेडिट- फेसबुक)
85 साल पहले आया था ये गाना
मुकेश के सिंगिंग करियर का पहला गीत
इस गाने से बाद में मिली पहचान
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। वेटरन प्लेबैक सिंगर मुकेश (Mukesh) को भला कौन नहीं जानता। आज बेशक वह हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके द्वारा गाए गए शानदार गीतों को हर कोई सुनना पसंद करता है। करीब तीन दशक के लंबे गायिकी करियर में मुकेश ने एक से बढ़कर एक गीतों को आवाज दी और अमर किया।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि बतौर पार्श्वगायक मुकेश का पहला गीत कौन सा था। आपको ये जानकार हैरानी होगी की वह गाने फ्लॉप माना गया था, जिसकी वजह से मुकेश का दिल टूट गया था। पूरा मामला क्या है, आइए जानते हैं-
मुकेश का पहला गीत
दरअसल मुकेश सिनेमा जगत में गायक बनने नहीं आए थे। उन्होंने एक एक्टर के तौर पर सिनेमा जगत में एंट्री मारी थी। देखने में हैंडसम होने के बावजूद मुकेश को चंद फिल्में करने के बाद ये एहसास हो गया था कि वह एक अभिनेता के तौर पर फिल्म इंडस्ट्री में सर्वाइव नहीं कर पाएंगे।

इसके बाद उन्होंने मन बनाया कि वह एक गायक के रूप में अपनी पहचान बनाएंगे।बतौर प्लेबैक सिंगर मुकेश ने पहला गाना साल 1941 में रिलीज होने वाली फिल्म निर्दोष के लिए गाया था। उस गीत के बोल थे- दिल ही बुझा हुआ हो तो... (Dil Hi Bujha Hua Ho Toh)। इस गीत को गाने के अलावा मुकेश ने निर्दोष में एक एक्टर के तौर पर भी काम किया।

बात की जाए गाने की मेकिंग की तरफ तो इसे संगीतकार अनिल विश्वास ने अपनी संगीत की धुनों से तैयार किया।बताया जाता है कि अभिनेता मोतीलाल ने अनिल ने मुकेश के लिए सिफारिश की थी कि वह एक्टर के साथ-साथ एक अच्छा गायक भी है,
इस तरह से उन्हें अपनी जिंदगी का पहला गाना मिला था। लेकिन अफसोस की निर्दोष का दिल ही बुझा हुआ हो तो... एक फ्लॉप सॉन्ग बनकर रह गया, जिससे मुकेश को काफी निराशा हुई।
इस गाने ने बदली थी किस्मत
पहले गाने की असफलता के बाद मुकेश को इंडस्ट्री में काफी संघर्ष करना पड़ा। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार काम करते रहे। फिर 1945 में बतौर गायक मुकेश को फिल्म नजर के कल्ट सॉन्ग दिल जलता है तो जलने दो... से अधिक लोकप्रियता हासिल हुई और वह रातोंरात संगीत की दुनिया के पॉपुलर गायक बन गए। उस दौरान ये चर्चा काफी तेज थी कि मुकेश की आवाज सुरों के सरताज के एल सहगल से काफी मिलती थी।
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Mirchmasala
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