'रोजगार नहीं, व्यापार का केंद्र बन चुका है JPSC', भाजयुमो का हल्लाबोल; 21 को मशाल जुलूस और 22 जुलाई को घेराव
'रोजगार नहीं, व्यापार का केंद्र बन चुका है JPSC', भाजयुमो का हल्लाबोल; 21 को मशाल जुलूस और 22 जुलाई को घेराव
भारतीय जनता युवा मोर्चा ने झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) पर भ्रष्टाचार, अपारदर्शिता और अनियमितताओं का आरोप लगाया है। भाजयुमो 20 जुलाई को सोशल मीडिया ...और पढ़ें

जेपीएससी में भ्रष्टाचार का आरोप: भाजयुमो का राज्यव्यापी आंदोलन।
HIGHLIGHTS
जेपीएससी पर भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के गंभीर आरोप।
भाजयुमो 21 जुलाई को पूरे राज्य में मशाल जुलूस निकालेगा।
22 जुलाई को जेपीएससी कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
राज्य ब्यूरो, रांची। भारतीय जनता युवा मोर्चा ने झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए रोजगार नहीं बल्कि व्यापार करने वाला संस्थान बताया है। शनिवार को प्रदेश भाजयुमो अध्यक्ष शशांक राज ने प्रेस वार्ता कर कहा कि जिस आयोग पर राज्य के लाखों युवाओं के भविष्य को संवारने की जिम्मेदारी है वह भ्रष्टाचार, अपारदर्शिता एवं अनियमितताओं का केंद्र बन चुका है।
शशांक राज ने कहा कि हाल ही में जारी परीक्षा परिणामों में आयोग के सभी सदस्यों के हस्ताक्षर नहीं थे। उन्होंने सवाल उठाया कि जब आयोग के तीन सदस्यों के हस्ताक्षर ही नहीं थे, तो परिणाम किस नियम और अधिकार के तहत जारी किया गया।
उन्होंने घोषणा किया कि भारतीय जनता युवा मोर्चा 20 जुलाई को जेपीएससी के खिलाफ राज्य में इंटरनेट मीडिया कैंपेन चलाएगा। भाजयुमो कार्यकर्ता 21 जुलाई को पूरे राज्य में मशाल जुलूस निकालेंगे और 22 जुलाई को जेपीएससी कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति के विरुद्ध नहीं, बल्कि कथित भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ है। भारतीय जनता युवा मोर्चा राज्य के लाखों प्रतियोगी छात्रों के साथ मजबूती से खड़ा है और उनके अधिकारों की लड़ाई अंतिम सांस तक लड़ता रहेगा।
आरोप लगाया कि रोजगार नहीं, व्यापार का केंद्र बन चुका है जेपीएससी। अभ्यथियों की परेशानी से आयोग को कोई सरोकार नहीं है। लगातार गलतियों और लापरवाके बावजूद सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सूचना का अधिकार के तहत अभ्यर्थियों को उनकी उत्तर पुस्तिकाओं का अवलोकन नहीं कराया जाता और न ही कापियां सार्वजनिक पोर्टल पर अपलोड की जाती हैं। आयोग परीक्षा का कट-आफ भी सार्वजनिक नहीं करता, जिससे पूरी चयन प्रक्रिया संदेह के घेरे में आ जाती है।
भारतीय जनता युवा मोर्चा ने झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) पर भ्रष्टाचार, अपारदर्शिता और अनियमितताओं का आरोप लगाया है। भाजयुमो 20 जुलाई को सोशल मीडिया ...और पढ़ें

जेपीएससी में भ्रष्टाचार का आरोप: भाजयुमो का राज्यव्यापी आंदोलन।
HIGHLIGHTS
जेपीएससी पर भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के गंभीर आरोप।
भाजयुमो 21 जुलाई को पूरे राज्य में मशाल जुलूस निकालेगा।
22 जुलाई को जेपीएससी कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
राज्य ब्यूरो, रांची। भारतीय जनता युवा मोर्चा ने झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए रोजगार नहीं बल्कि व्यापार करने वाला संस्थान बताया है। शनिवार को प्रदेश भाजयुमो अध्यक्ष शशांक राज ने प्रेस वार्ता कर कहा कि जिस आयोग पर राज्य के लाखों युवाओं के भविष्य को संवारने की जिम्मेदारी है वह भ्रष्टाचार, अपारदर्शिता एवं अनियमितताओं का केंद्र बन चुका है।
शशांक राज ने कहा कि हाल ही में जारी परीक्षा परिणामों में आयोग के सभी सदस्यों के हस्ताक्षर नहीं थे। उन्होंने सवाल उठाया कि जब आयोग के तीन सदस्यों के हस्ताक्षर ही नहीं थे, तो परिणाम किस नियम और अधिकार के तहत जारी किया गया।
उन्होंने घोषणा किया कि भारतीय जनता युवा मोर्चा 20 जुलाई को जेपीएससी के खिलाफ राज्य में इंटरनेट मीडिया कैंपेन चलाएगा। भाजयुमो कार्यकर्ता 21 जुलाई को पूरे राज्य में मशाल जुलूस निकालेंगे और 22 जुलाई को जेपीएससी कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति के विरुद्ध नहीं, बल्कि कथित भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ है। भारतीय जनता युवा मोर्चा राज्य के लाखों प्रतियोगी छात्रों के साथ मजबूती से खड़ा है और उनके अधिकारों की लड़ाई अंतिम सांस तक लड़ता रहेगा।
आरोप लगाया कि रोजगार नहीं, व्यापार का केंद्र बन चुका है जेपीएससी। अभ्यथियों की परेशानी से आयोग को कोई सरोकार नहीं है। लगातार गलतियों और लापरवाके बावजूद सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सूचना का अधिकार के तहत अभ्यर्थियों को उनकी उत्तर पुस्तिकाओं का अवलोकन नहीं कराया जाता और न ही कापियां सार्वजनिक पोर्टल पर अपलोड की जाती हैं। आयोग परीक्षा का कट-आफ भी सार्वजनिक नहीं करता, जिससे पूरी चयन प्रक्रिया संदेह के घेरे में आ जाती है।
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