सौर फार्म की बाड़ अमेरिका के सबसे तेज जानवर प्रोंगहॉर्न के प्रवास में बन रही है बड़ी बाधा, GPS डेटा से अहम खुलासा
सौर फार्म की बाड़ अमेरिका के सबसे तेज जानवर प्रोंगहॉर्न के प्रवास में बन रही है बड़ी बाधा, GPS डेटा से अहम खुलासा
वैज्ञानिकों ने जीपीएस कॉलर के डेटा से खुलासा किया है कि अमेरिका में सौर फार्मों की बाड़ प्रोंगहॉर्न के प्राचीन प्रवास मार्गों को बाधित कर रही है। ...और पढ़ें

सौर फार्म की बाड़ प्रोंगहॉर्न के प्रवास में बन रही है बड़ी बाधा(फोटो: सोशल मीडिया)
जीपीएस कॉलर से प्रोंगहॉर्न की आवाजाही पर नजर रखी गई।
सौर फार्म की बाड़ प्रोंगहॉर्न के प्रवास को बाधित कर रही।
बाड़ में छोटे बदलाव से वन्यजीवों को मदद मिल सकती है।
डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। वैज्ञानिकों ने साल 2024 में अमेरिका के सबसे तेज जमीनी जानवर प्रोंगहॉर्न की 75 मादाओं को जीपीएस कॉलर पहनाए थे। तब से ये जानवर लगातार अपनी लोकेशन का डेटा भेज रहे हैं। न्यू मेक्सिको में सैन जुआन सोलर एंड स्टोरेज प्रोजेक्ट के पास संरक्षण समूह वाइल्डलैंड्स नेटवर्क के नेतृत्व में चल रही यह परियोजना शोधकर्ताओं को यह समझने में मदद कर रही है कि बड़े सौर फार्म वन्यजीवों की आवाजाही को कैसे प्रभावित करते हैं।
शुरुआती निष्कर्षों से पता चलता है कि हालांकि सौर ऊर्जा परियोजनाएं जीवाश्म ईंधन को बदलने में मदद करती हैं, लेकिन इन केंद्रों के चारों ओर लगी बाड़ प्रोंगहॉर्न द्वारा हजारों वर्षों से उपयोग किए जाने वाले प्राचीन प्रवास मार्गों को बाधित कर सकती हैं
जीपीएस कॉलर डेटा से प्रोंगहॉर्न की आवाजाही पर नजर
शोधकर्ताओं ने 2024 में न्यू मेक्सिको के फार्मिंगटन के पास 75 मादा प्रोंगहॉर्न पर जीपीएस कॉलर लगाकर इस परियोजना की शुरुआत की थी। ये कॉलर हर घंटे जानवरों की लोकेशन रिकॉर्ड करते हैं, जिससे सौर ऊर्जा परियोजना के पास रहने वाले बड़े स्तनधारियों पर अब तक का सबसे विस्तृत डेटासेट तैयार हो रहा है।
2025 की शुरुआत तक, इन कॉलर ने 7,00,000 से अधिक लोकेशन पॉइंट रिकॉर्ड किए। इससे वैज्ञानिकों को 1,100 एकड़ में फैले सैन जुआन सोलर एंड स्टोरेज प्रोजेक्ट के निर्माण से पहले और बाद में जानवरों की आवाजाही की तुलना करने का मौका मिला। यह केंद्र एक बंद हो चुके कोयला आधारित बिजली संयंत्र के पास बनाया गया है और इसमें बाड़ से घिरे कई सोलर पैनल ऐरे शामिल हैं।
सौर फार्म की बाड़ प्रोंगहॉर्न के लिए बनी बड़ी बाधा
हिरणों के विपरीत प्रोंगहॉर्न बहुत कम ही बाड़ के ऊपर से कूदते हैं। इसके बजाय, वे आमतौर पर उनके नीचे से रेंगकर निकलने की कोशिश करते हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि इस आदत की वजह से सौर केंद्रों के चारों ओर सुरक्षा के लिए लगाई जाने वाली छह फुट की चेन-लिंक बाड़ उनके रास्ते की एक बड़ी रुकावट बन जाती है।
हालांकि सैन जुआन परियोजना में बाड़ वाले हिस्सों के बीच कुछ गैप छोड़ी गई है, लेकिन वैज्ञानिकों का कहना है कि ये रास्ते हमेशा उन मार्गों से मेल नहीं खाते जिनका जानवर प्राकृतिक रूप से उपयोग करते आ रहे हैं।
वैज्ञानिक पत्रिका इकोलॉजिकल सॉल्यूशंस एंड एविडेंस में प्रकाशित पिछले शोध में भी यह पाया गया था कि वायोमिंग में एक सौर फार्म के पास प्रोंगहॉर्न की गतिविधियों में कमी आई थी, और इसका असर बाड़ वाले क्षेत्र से काफी आगे तक देखा गया था।
बाड़ में साधारण बदलाव से वन्यजीवों को मिल सकती है मदद
वैज्ञानिकों का स्पष्ट कहना है कि ये निष्कर्ष सौर ऊर्जा के विरोध में नहीं हैं। इसके बजाय, वे सुझाव देते हैं कि डिज़ाइन में छोटे-छोटे बदलाव करके इस समस्या को सुलझाया जा सकता है। उदाहरण के लिए, यदि बाड़ के निचले हिस्से को ज़मीन से थोड़ा ऊपर उठा दिया जाए ताकि प्रोंगहॉर्न उसके नीचे से आसानी से निकल सकें, तो ये जानवर अपने पारंपरिक प्रवास मार्गों का उपयोग जारी रख पाएंगे।
शोधकर्ताओं को उम्मीद है कि इस दीर्घकालिक डेटा की मदद से यह समझने में आसानी होगी कि उत्तरी अमेरिका के सबसे तेज़ और अनोखे जानवरों पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को कम करते हुए पर्यावरण-अनुकूल नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं का विकास कैसे किया जा सकता है।
वैज्ञानिकों ने जीपीएस कॉलर के डेटा से खुलासा किया है कि अमेरिका में सौर फार्मों की बाड़ प्रोंगहॉर्न के प्राचीन प्रवास मार्गों को बाधित कर रही है। ...और पढ़ें

सौर फार्म की बाड़ प्रोंगहॉर्न के प्रवास में बन रही है बड़ी बाधा(फोटो: सोशल मीडिया)
जीपीएस कॉलर से प्रोंगहॉर्न की आवाजाही पर नजर रखी गई।
सौर फार्म की बाड़ प्रोंगहॉर्न के प्रवास को बाधित कर रही।
बाड़ में छोटे बदलाव से वन्यजीवों को मदद मिल सकती है।
डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। वैज्ञानिकों ने साल 2024 में अमेरिका के सबसे तेज जमीनी जानवर प्रोंगहॉर्न की 75 मादाओं को जीपीएस कॉलर पहनाए थे। तब से ये जानवर लगातार अपनी लोकेशन का डेटा भेज रहे हैं। न्यू मेक्सिको में सैन जुआन सोलर एंड स्टोरेज प्रोजेक्ट के पास संरक्षण समूह वाइल्डलैंड्स नेटवर्क के नेतृत्व में चल रही यह परियोजना शोधकर्ताओं को यह समझने में मदद कर रही है कि बड़े सौर फार्म वन्यजीवों की आवाजाही को कैसे प्रभावित करते हैं।
शुरुआती निष्कर्षों से पता चलता है कि हालांकि सौर ऊर्जा परियोजनाएं जीवाश्म ईंधन को बदलने में मदद करती हैं, लेकिन इन केंद्रों के चारों ओर लगी बाड़ प्रोंगहॉर्न द्वारा हजारों वर्षों से उपयोग किए जाने वाले प्राचीन प्रवास मार्गों को बाधित कर सकती हैं
जीपीएस कॉलर डेटा से प्रोंगहॉर्न की आवाजाही पर नजर
शोधकर्ताओं ने 2024 में न्यू मेक्सिको के फार्मिंगटन के पास 75 मादा प्रोंगहॉर्न पर जीपीएस कॉलर लगाकर इस परियोजना की शुरुआत की थी। ये कॉलर हर घंटे जानवरों की लोकेशन रिकॉर्ड करते हैं, जिससे सौर ऊर्जा परियोजना के पास रहने वाले बड़े स्तनधारियों पर अब तक का सबसे विस्तृत डेटासेट तैयार हो रहा है।
2025 की शुरुआत तक, इन कॉलर ने 7,00,000 से अधिक लोकेशन पॉइंट रिकॉर्ड किए। इससे वैज्ञानिकों को 1,100 एकड़ में फैले सैन जुआन सोलर एंड स्टोरेज प्रोजेक्ट के निर्माण से पहले और बाद में जानवरों की आवाजाही की तुलना करने का मौका मिला। यह केंद्र एक बंद हो चुके कोयला आधारित बिजली संयंत्र के पास बनाया गया है और इसमें बाड़ से घिरे कई सोलर पैनल ऐरे शामिल हैं।
सौर फार्म की बाड़ प्रोंगहॉर्न के लिए बनी बड़ी बाधा
हिरणों के विपरीत प्रोंगहॉर्न बहुत कम ही बाड़ के ऊपर से कूदते हैं। इसके बजाय, वे आमतौर पर उनके नीचे से रेंगकर निकलने की कोशिश करते हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि इस आदत की वजह से सौर केंद्रों के चारों ओर सुरक्षा के लिए लगाई जाने वाली छह फुट की चेन-लिंक बाड़ उनके रास्ते की एक बड़ी रुकावट बन जाती है।
हालांकि सैन जुआन परियोजना में बाड़ वाले हिस्सों के बीच कुछ गैप छोड़ी गई है, लेकिन वैज्ञानिकों का कहना है कि ये रास्ते हमेशा उन मार्गों से मेल नहीं खाते जिनका जानवर प्राकृतिक रूप से उपयोग करते आ रहे हैं।
वैज्ञानिक पत्रिका इकोलॉजिकल सॉल्यूशंस एंड एविडेंस में प्रकाशित पिछले शोध में भी यह पाया गया था कि वायोमिंग में एक सौर फार्म के पास प्रोंगहॉर्न की गतिविधियों में कमी आई थी, और इसका असर बाड़ वाले क्षेत्र से काफी आगे तक देखा गया था।
बाड़ में साधारण बदलाव से वन्यजीवों को मिल सकती है मदद
वैज्ञानिकों का स्पष्ट कहना है कि ये निष्कर्ष सौर ऊर्जा के विरोध में नहीं हैं। इसके बजाय, वे सुझाव देते हैं कि डिज़ाइन में छोटे-छोटे बदलाव करके इस समस्या को सुलझाया जा सकता है। उदाहरण के लिए, यदि बाड़ के निचले हिस्से को ज़मीन से थोड़ा ऊपर उठा दिया जाए ताकि प्रोंगहॉर्न उसके नीचे से आसानी से निकल सकें, तो ये जानवर अपने पारंपरिक प्रवास मार्गों का उपयोग जारी रख पाएंगे।
शोधकर्ताओं को उम्मीद है कि इस दीर्घकालिक डेटा की मदद से यह समझने में आसानी होगी कि उत्तरी अमेरिका के सबसे तेज़ और अनोखे जानवरों पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को कम करते हुए पर्यावरण-अनुकूल नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं का विकास कैसे किया जा सकता है।
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Videsh
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