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'वे लोगों का दिमाग खराब करते थे', सौरव गांगुली को लेकर साथी खिलाड़ी ने किया हैरान करने वाला खुलासा

'वे लोगों का दिमाग खराब करते थे', सौरव गांगुली को लेकर साथी खिलाड़ी ने किया हैरान करने वाला खुलासा


भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली को लेकर उनकी साथी खिलाड़ी ने बड़ा खुलासा किया है। उनका कहना है कि गांगुली खिलाड़ियों और कप्तानों का दिमाग खराब करते ...और पढ़ें








सौरव गांगुली



स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली के आक्रामक रवैये से हर कोई वाकिफ है। वे मैदान पर विरिधियों को उन्हीं की भाषा में जवाब देते थे। उन्हें ऐसे ही दादा नहीं बुलाया जाता था बल्कि वे मैदान पर दादागिरी भी दिखाते थे। इसी से जुड़ा एक किस्सा उनके साथ खेल चुके पूर्व सलामी बल्लेबाज वसीम जाफर से साझा किया है। जाफर का कहना है कि गांगुली के अंदर दूसरों के मन की बात को समझने की काबिलित थी।


जाफर ने ये भी खुलासा किया कि वे टॉस के दौरान जानबूझकर देर करते थे। इससे ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी भड़क जाते थे। अगर कोई भी खिलाड़ी गांगुली के खिलाफ स्लेजिंग करता तो वे उसी की भाषा में जवाब देते थे। अपने इसी रवैये की वजह से इंग्लैंड के खिलाफ एक मुकाबले में गांगुली ने टीम इंडिया को ऐतिहासिक जीत दिलाई। जाफर ने उसका किस्सा शेयर किया है।


वसीम जाफर ने सुनाया सौरव गांगुली का किस्सा

भारतीय टीम ने 2002 में इंग्लैंड का 4 मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए दौरा किया था। उस सीरीज में भारत 0-1 से पीछे था और तीसरा मुकाबला हेडिंग्ले में खेला जाना था। मैच में मेजबान इंग्लैंड ने पिच पर घास छोड़ने का फैसला किया ताकि उनके 4 तेज गेंदबाज खेल सकें और भारत को परेशान कर सकें। हालांकि, गांगुली ने अपने फैसले से सभी को हैरान कर दिया था। जाफर उस मैच में 12वें खिलाड़ी के तौर पर खेल रहे थे, जिससे उन्होंने सब कुछ नजदीक से देखा।



दूरदर्शन के द ग्रेट इंडियन क्रिकेट शो पर बात करते हुए जाफर ने कहा, उस समय सीरीज में भारत 0-1 से पीछे था। इंग्लैंड ने हेडिंग्ले में हरी पिच तैयार की ताकि उनके चार तेज गेंदबाज खेल सकें। गांगुली ने टॉस जीतकर सभी को चौंकाते हुए पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। ये फैसला जोखिम भरा लग रहा था लेकिन भारत ने शानदार प्रदर्शन किया। टीम ने 600 से ज्यादा रन बना लिए।
सौरव गांगुली और इंग्लैंड के खिलाड़ियों में कहासुनी हुई: जाफर

जाफर ने आगे कहा "सचिन तेंदुलकर ने 193 रनों की पारी खेली। राहुल द्रविड़ और संजय बांगर ने भी अच्छा खेल दिखाया। सौरव गांगुली ने खुद शतक लगाया। ये पहला मौका था, जब सचिन, राहुल और सौरव तीनों ने ही एक टेस्ट मैच में शतक लगाया हो। 12वें खिलाड़ी के तौर पर मैं खेल रहा था। मैं मैदान पर ड्रिंक्स और बल्ला लेकर जा रहा था। इस वजह से मैंने सबकुछ करीब से देखा। मैदान पर काफी बातचीत हो रही थी, खासकर एंड्रयू फ्लिंटॉफ और गांगुली के बीच।"
दादा में कुछ तो खास था: जाफर

जाफर ने दादा को खास बताते हुए कहा, "दादा में कुछ तो खास था। वे आसानी से विपक्षी खिलाड़ियों के दिमाग में घुस जाते थे। नासिर हुसैन और दूसरे खिलाड़ियों से भी बातचीत हुई। गांगुली सिर्फ इंग्लैंड के खिलाफ नहीं बल्कि ऑस्ट्रेलिया के स्टीव वॉ के खिलाफ भी यही रणनीति अपनाते थे। वे टॉस के लिए जानबूझकर देर से जाते थे ताकि ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों का दिमाग खराब हो जाए।"
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