मानसून में इनवर्टर हो सकता है खराब! बचाने के लिए अपनाएं ये आसान टिप्स
मानसून में इनवर्टर हो सकता है खराब! बचाने के लिए अपनाएं ये आसान टिप्स
मानसून में इनवर्टर और बैटरी की सही देखभाल के लिए नमी से बचाएं और नियमित जांच करें। भारी उपकरण चलाने से बचें और बैटरी में केवल डिस्टिल्ड पानी का उपयोग ...और पढ़ें

मानसून में इनवर्टर हो सकता है खराब! बचाने के लिए अपनाएं ये आसान टिप्स
टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। मानसून का मौसम आ गया है जिससे गर्मी से थोड़ी राहत तो मिली है, लेकिन ऐसे मौसम में इनवर्टर और उसकी बैटरी के लिए कई नई चुनौतियां भी आ गई हैं। जी हां, बारिश के दौरान हवा में नमी बढ़ जाती है, साथ ही बिजली की कटौती ज्यादा होती है और इनवर्टर पर बैकअप का दबाव भी काफी बढ़ जाता है।
ऐसे में अगर इस मौसम में आप भी अपने इनवर्टर की सही देखभाल करना चाहते हैं तो कुछ टिप्स को फॉलो कर सकते हैं। साथ ही बैटरी के कम होते बैकअप, शॉर्ट सर्किट या स्पार्किंग जैसी समस्याओं से भी बच सकते हैं। चलिए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं...
मानसून में अपनाएं ये आसान टिप्स
एक्सपर्ट्स के मुताबिक मानसून में सबसे पहले इनवर्टर को ऐसी जगह रखें जहां नमी, सीलन या बारिश का पानी न पहुंच सके। बैटरी को हमेशा सूखी, हवादार और जमीन से थोड़ी ऊंची जगह पर रखें। इसके अलावा इनवर्टर को दीवार से पूरी तरह सटाकर न रखें ताकि उसके चारों ओर एयर फ्लो बना रहे और गर्मी आसानी से बाहर निकल जाए।
वाटर लेवल चेक करें
साथ ही ऐसे मौसम में बैटरी की रेगुलर जांच भी जरूरी है। हर 45 से 60 दिन में बैटरी का वाटर लेवल चेक करें। अगर इलेक्ट्रोलाइट का लेवल कम हो जाए, तो उसमें केवल डिस्टिल्ड पानी डालें। RO या नल का पानी कभी यूज नहीं करना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि इसमें मौजूद मिनरल्स बैटरी को नुकसान पहुंचा सकते हैं। वहीं, जरूरत से ज्यादा पानी भरने से भी एसिड बाहर निकल सकता है।
टर्मिनल्स की सफाई करवाएं
मानसून के दौरान नमी के कारण बैटरी के टर्मिनल्स पर जंग या सफेद-हरे कलर की परत भी जम सकती है। अगर ऐसा दिखाई दे, तो उसे नजरअंदाज बिलकुल भी न करें। टाइम रहते तकनीशियन से टर्मिनल्स की सफाई करवाएं। इनवर्टर की बाहरी सतह को भी सूखे और मुलायम कपड़े से रेगुलर साफ करें। साथ ही गीले कपड़े का यूज करने से बचें।
ज्यादत हैवी उपकरण न चलाएं
बारिश के मौसम में बिजली कटौती ज्यादा होती है। इसकी वजह से इनवर्टर पर ज्यादा लोड पड़ता है। इसलिए ऐसी कंडीशन में उसकी क्षमता से ज्यादा उपकरण चलाने से बचें। साथ ही बैटरी पर एयर कंडीशनर, हीटर, गीजर, माइक्रोवेव और अन्य भारी बिजली खपत वाले उपकरण न चलाएं। इससे बैटरी जल्दी डिस्चार्ज हो सकती है और उसकी लाइफ कम हो सकती है।
मानसून में इनवर्टर और बैटरी की सही देखभाल के लिए नमी से बचाएं और नियमित जांच करें। भारी उपकरण चलाने से बचें और बैटरी में केवल डिस्टिल्ड पानी का उपयोग ...और पढ़ें

मानसून में इनवर्टर हो सकता है खराब! बचाने के लिए अपनाएं ये आसान टिप्स
टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। मानसून का मौसम आ गया है जिससे गर्मी से थोड़ी राहत तो मिली है, लेकिन ऐसे मौसम में इनवर्टर और उसकी बैटरी के लिए कई नई चुनौतियां भी आ गई हैं। जी हां, बारिश के दौरान हवा में नमी बढ़ जाती है, साथ ही बिजली की कटौती ज्यादा होती है और इनवर्टर पर बैकअप का दबाव भी काफी बढ़ जाता है।
ऐसे में अगर इस मौसम में आप भी अपने इनवर्टर की सही देखभाल करना चाहते हैं तो कुछ टिप्स को फॉलो कर सकते हैं। साथ ही बैटरी के कम होते बैकअप, शॉर्ट सर्किट या स्पार्किंग जैसी समस्याओं से भी बच सकते हैं। चलिए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं...
मानसून में अपनाएं ये आसान टिप्स
एक्सपर्ट्स के मुताबिक मानसून में सबसे पहले इनवर्टर को ऐसी जगह रखें जहां नमी, सीलन या बारिश का पानी न पहुंच सके। बैटरी को हमेशा सूखी, हवादार और जमीन से थोड़ी ऊंची जगह पर रखें। इसके अलावा इनवर्टर को दीवार से पूरी तरह सटाकर न रखें ताकि उसके चारों ओर एयर फ्लो बना रहे और गर्मी आसानी से बाहर निकल जाए।
वाटर लेवल चेक करें
साथ ही ऐसे मौसम में बैटरी की रेगुलर जांच भी जरूरी है। हर 45 से 60 दिन में बैटरी का वाटर लेवल चेक करें। अगर इलेक्ट्रोलाइट का लेवल कम हो जाए, तो उसमें केवल डिस्टिल्ड पानी डालें। RO या नल का पानी कभी यूज नहीं करना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि इसमें मौजूद मिनरल्स बैटरी को नुकसान पहुंचा सकते हैं। वहीं, जरूरत से ज्यादा पानी भरने से भी एसिड बाहर निकल सकता है।
टर्मिनल्स की सफाई करवाएं
मानसून के दौरान नमी के कारण बैटरी के टर्मिनल्स पर जंग या सफेद-हरे कलर की परत भी जम सकती है। अगर ऐसा दिखाई दे, तो उसे नजरअंदाज बिलकुल भी न करें। टाइम रहते तकनीशियन से टर्मिनल्स की सफाई करवाएं। इनवर्टर की बाहरी सतह को भी सूखे और मुलायम कपड़े से रेगुलर साफ करें। साथ ही गीले कपड़े का यूज करने से बचें।
ज्यादत हैवी उपकरण न चलाएं
बारिश के मौसम में बिजली कटौती ज्यादा होती है। इसकी वजह से इनवर्टर पर ज्यादा लोड पड़ता है। इसलिए ऐसी कंडीशन में उसकी क्षमता से ज्यादा उपकरण चलाने से बचें। साथ ही बैटरी पर एयर कंडीशनर, हीटर, गीजर, माइक्रोवेव और अन्य भारी बिजली खपत वाले उपकरण न चलाएं। इससे बैटरी जल्दी डिस्चार्ज हो सकती है और उसकी लाइफ कम हो सकती है।
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