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लॉ की पढ़ाई करने आया दामाद बना साइबर ठग, जामताड़ा पुलिस ने नौ ठगों को किया गिरफ्तार

लॉ की पढ़ाई करने आया दामाद बना साइबर ठग, जामताड़ा पुलिस ने नौ ठगों को किया गिरफ्तार

जामताड़ा पुलिस ने नौ साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक दामाद भी शामिल है जो कानून की पढ़ाई के बहाने ठगी में लिप्त था। ...और पढ़ें








साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी और बरामदगी की जानकारी देती जामताड़ा पुलिस। (फोटो जागरण)

HIGHLIGHTS

जामताड़ा में नौ साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया।


लॉ की पढ़ाई के बहाने दामाद भी साइबर ठगी में शामिल।


27 मोबाइल, 39 सिम कार्ड बरामद; फर्जी कैशबैक से ठगी।

 जामताड़ा। झारखंड के जामताड़ा में साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने नौ साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों में पश्चिम बंगाल का एक युवक भी शामिल है, जो अपनी ससुराल में रहकर लॉ (कानून) की पढ़ाई करने आया था, लेकिन पढ़ाई की आड़ में साइबर ठगी के धंधे में शामिल हो गया।


पुलिस ने आरोपितों के पास से 27 मोबाइल फोन और 39 सिम कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस अधीक्षक शंभु कुमार सिंह को मिली गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस उपाधीक्षक (साइबर अपराध) अमित कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने करमाटांड़ थाना क्षेत्र के सियाटांड़ और मट्टांड़ गांव के झाड़ीनुमा परती क्षेत्र में छापेमारी कर पांच साइबर अपराधियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया।




इसके बाद जामताड़ा थाना क्षेत्र के मोहड़ा- पोसोई मार्ग के किनारे झाड़ियों में छापेमारी कर चार अन्य आरोपितों को भी दबोच लिया गया। गिरफ्तार आरोपितों में मट्टांड़ निवासी मुजाहिद अंसारी, सलामत अंसारी, सनवर अंसारी, तबारक अंसारी और सरफराज अंसारी, पोसोई निवासी रोक्की कुमार दास, अर्जुन दास, सचिन दास तथा पश्चिम बंगाल के कुल्टी थाना क्षेत्र के दासपाड़ा, बराकर निवासी अमृत रुईदास शामिल हैं।



पुलिस के अनुसार अमृत रुईदास अपनी ससुराल में रहकर लॉ की पढ़ाई करने आया था, लेकिन साइबर गिरोह के संपर्क में आने के बाद ठगी करने लगा।
ऐसे करते थे साइबर ठगी

पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वे फोनपे कैशबैक का फर्जी संदेश भेजकर लोगों को लिंक 'एक्सेप्ट' करने के लिए प्रेरित करते थे। जैसे ही पीड़ित लिंक स्वीकार करता, उसके खाते से रकम ठगों के फर्जी एप्लिकेशन में स्थानांतरित हो जाती थी।


इसके अलावा गूगल पर फर्जी कस्टमर केयर नंबर अपलोड कर लोगों को अपने जाल में फंसाया जाता था। आरोपी खुद को बैंक अधिकारी बताकर एटीएम कार्ड का 16 अंकों वाला नंबर, सीवीवी और ओटीपी हासिल कर फर्जी बैंक खातों एवं विभिन्न वॉलेट के माध्यम से रुपये निकाल लेते थे।
पहले भी दर्ज हैं मामले

पुलिस ने साइबर अपराध थाना कांड संख्या 44/26 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस)-2023, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम तथा टेलीकम्युनिकेशंस एक्ट-2023 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। जांच में सामने आया कि गिरफ्तार मुजाहिद अंसारी पहले साइबर थाना कांड संख्या 44/24 और सलामत अंसारी कांड संख्या 59/20 में आरोपपत्रित हो चुका है।


पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों, बैंक खातों, मोबाइल नेटवर्क और अंतरराज्यीय साइबर ठगी के नेटवर्क की जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में देश के कई राज्यों के लोगों को निशाना बनाकर साइबर ठगी करने की बात सामने आई है


बरामदगी27 मोबाइल फोन
39 सिम कार्ड

साइबर ठगी का तरीकाफोनपे कैशबैक का फर्जी संदेश भेजकर ठगी।
गूगल पर फर्जी कस्टमर केयर नंबर अपलोड करना।
बैंक अधिकारी बनकर एटीएम कार्ड का 16 अंकों वाला नंबर, सीवीवी व ओटीपी हासिल कर फर्जी वॉलेट और बैंक खातों के माध्यम से रुपये उड़ाना।
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