निज्जर हत्याकांड में लॉरेंस बिश्नोई पर आरोप तय, अमेरिका ने गोल्डी बराड़ पर रखा 50 हजार डॉलर का इनाम
निज्जर हत्याकांड में लॉरेंस बिश्नोई पर आरोप तय, अमेरिका ने गोल्डी बराड़ पर रखा 50 हजार डॉलर का इनाम
अमेरिका, कनाडा और यूरोप की पुलिस ने 'ऑपरेशन हार्ड बॉल' के तहत गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। अमेरिका ने निज्जर ...और पढ़ें

गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसका मुख्य साथी गोल्डी बराड़।
'ऑपरेशन हार्ड बॉल' में लॉरेंस बिश्नोई गैंग पर बड़ी कार्रवाई।
अमेरिका ने गोल्डी बराड़ पर 50,000 डॉलर का इनाम घोषित किया।
निज्जर हत्याकांड में बिश्नोई-बराड़ पर आरोप, भारत-कनाडा संबंध सुधरे।
डिजिटल डेस्क, वॉशिगंटन। जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके मुख्य साथी गोल्डी बराड़ की मुश्किलें अब सातवें आसमान पर पहुंच गई है। कारण है कि अमेरिका, कनाडा और यूरोप की पुलिस ने एक साथ मिलकर भारत से जुड़े संगठित अपराध के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। इस पूरे एक्शन को नाम दिया गया है, 'ऑपरेशन हार्ड बॉल'।
इस बड़ी कार्रवाई के बाद अमेरिका ने भारत की जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके मुख्य साथी गोल्डी बराड़ पर खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का आरोप तय किया है। इतना ही नहीं अमेरिका की सबसे बड़ी जांच एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) ने गोल्डी बराड़ पर 50000 अमेरिकी डॉलर (लगभग 42 लाख रुपये) के इनाम का भी एलान किया है।
क्या हैं लॉरेंस और गोल्डी बराड़ पर ताजा आरोप?
अमेरिकी कोर्ट में खुले सरकारी दस्तावेजों के मुताबिक, लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ पर तीन साल पहले यानी 18 जून 2023 में कनाडा के सरे शहर में गुरुद्वारे के बाहर हुई खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगा है।
अमेरिकी जांच एजेंसियों का कहना है कि बिश्नोई और गोल्डी बराड़ ने ही जेल और विदेशों में बैठकर निज्जर की हत्या के ऑर्डर दिए थे। इनके कहने पर ही दो शूटरों ने निज्जर की गोली मारकर हत्या की थी। गोल्डी बराड़ फिलहाल अमेरिका में ही छुपा हुआ है और वहीं से उत्तर अमेरिका में इस पूरे गैंग को ऑपरेट कर रहा है।
समझिए 'ऑपरेशन हार्ड बॉल' क्या है?
बात अगर इस संयुक्त एक्शन और उसके नाम की करें तो। इस बात को ऐसे समझिए कि यह कार्रवाई किसी एक देश की नहीं, बल्कि अमेरिका (FBI), कनाडा (RCMP) और यूरोपीय देशों की पुलिस का एक साझा ऑपरेशन है। पिछले कई सालों से ये एजेंसियां इन भारतीय आपराधिक गुटों पर नजर रख रही थीं। इसलिए इस पूरे कार्रवाई का नाम 'ऑपरेशन हार्ड बॉल' रखा गया है।
तीन अलग-अलग चार्जशीट में 37 आरोपियों का नाम
अमेरिका, यूरोप और कनाडा की तरफ से की गई इस कार्रवाई में तीन अलग-अलग चार्जशीट दाखिल की गई है, जिसमें कुल 37 आरोपियों के नाम शामिल हैं। इसमें 24 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस धरपकड़ के दौरान भारी मात्रा में कोकीन (ड्रग्स) और अवैध हथियार बरामद किए गए हैं।
इनमें से 13 को अमेरिका, जिसमें 11 अकेले कैलिफोर्निया में, 3 को कनाडा और 1 को स्पेन से गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा 7 आरोपी पहले से ही जेल में हैं। इसके अलावा पुलिस अभी भी 10 अपराधियों को ढूंढ रही है, जिनमें से 7 के अमेरिका, 2 के भारत और 1 के यूरोप में होने का शक है।
इस गैंग का जाल कहां-कहां फैला है?
गौरतलब है कि यह केवल भारत या कनाडा तक सीमित नहीं है। अमेरिकी एजेंसियों के मुताबिक, यह एक इंटरनेशनल क्रिमिनल सिंडिकेट बन चुका है। बात अगर गोल्डी बराड़ के ठिकाने की करें तो FBI के मुताबिक, गोल्डी के तार कैलिफोर्निया के सैक्रामेंटो और फ्रेस्नो के अलावा कनाडा, भारत और मैक्सिको से जुड़े हैं।
इसके अलावा इस मामले में पंजाब के गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया और रविंदर सिंह धांडा का नाम भी सामने आया है। इनका नेटवर्क अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड तक फैला हुआ है, जो बड़े पैमाने पर ड्रग्स की तस्करी और जबरन वसूली करते हैं।
भारत और कनाडा के रिश्तों पर अब क्या असर होगा?
गौरतलब है कि साल 2023 में जब निज्जर की हत्या हुई थी, तब कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने इसके पीछे भारत सरकार के एजेंटों का हाथ होने का आरोप लगाया था। भारत ने इन आरोपों को पूरी तरह गलत बताया था, जिससे दोनों देशों के रिश्ते बहुत खराब हो गए थे।
ऐसे में अब कनाडा में प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की सरकार है। इस ताजा अमेरिकी और कनाडाई कार्रवाई से यह साफ हो गया है कि निज्जर की हत्या के पीछे भारत सरकार नहीं, बल्कि भारत से जुड़े ये अपराधी और गैंगस्टर्स शामिल थे। कनाडा सरकार ने भी अब संकेत दिए हैं कि वह इन आपराधिक हरकतों को भारत सरकार से जोड़कर नहीं देख रही है, जिससे दोनों देशों के रिश्ते फिर से सुधरने लगे हैं।
अमेरिका, कनाडा और यूरोप की पुलिस ने 'ऑपरेशन हार्ड बॉल' के तहत गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। अमेरिका ने निज्जर ...और पढ़ें

गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसका मुख्य साथी गोल्डी बराड़।
'ऑपरेशन हार्ड बॉल' में लॉरेंस बिश्नोई गैंग पर बड़ी कार्रवाई।
अमेरिका ने गोल्डी बराड़ पर 50,000 डॉलर का इनाम घोषित किया।
निज्जर हत्याकांड में बिश्नोई-बराड़ पर आरोप, भारत-कनाडा संबंध सुधरे।
डिजिटल डेस्क, वॉशिगंटन। जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके मुख्य साथी गोल्डी बराड़ की मुश्किलें अब सातवें आसमान पर पहुंच गई है। कारण है कि अमेरिका, कनाडा और यूरोप की पुलिस ने एक साथ मिलकर भारत से जुड़े संगठित अपराध के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। इस पूरे एक्शन को नाम दिया गया है, 'ऑपरेशन हार्ड बॉल'।
इस बड़ी कार्रवाई के बाद अमेरिका ने भारत की जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके मुख्य साथी गोल्डी बराड़ पर खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का आरोप तय किया है। इतना ही नहीं अमेरिका की सबसे बड़ी जांच एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) ने गोल्डी बराड़ पर 50000 अमेरिकी डॉलर (लगभग 42 लाख रुपये) के इनाम का भी एलान किया है।
क्या हैं लॉरेंस और गोल्डी बराड़ पर ताजा आरोप?
अमेरिकी कोर्ट में खुले सरकारी दस्तावेजों के मुताबिक, लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ पर तीन साल पहले यानी 18 जून 2023 में कनाडा के सरे शहर में गुरुद्वारे के बाहर हुई खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगा है।
अमेरिकी जांच एजेंसियों का कहना है कि बिश्नोई और गोल्डी बराड़ ने ही जेल और विदेशों में बैठकर निज्जर की हत्या के ऑर्डर दिए थे। इनके कहने पर ही दो शूटरों ने निज्जर की गोली मारकर हत्या की थी। गोल्डी बराड़ फिलहाल अमेरिका में ही छुपा हुआ है और वहीं से उत्तर अमेरिका में इस पूरे गैंग को ऑपरेट कर रहा है।
समझिए 'ऑपरेशन हार्ड बॉल' क्या है?
बात अगर इस संयुक्त एक्शन और उसके नाम की करें तो। इस बात को ऐसे समझिए कि यह कार्रवाई किसी एक देश की नहीं, बल्कि अमेरिका (FBI), कनाडा (RCMP) और यूरोपीय देशों की पुलिस का एक साझा ऑपरेशन है। पिछले कई सालों से ये एजेंसियां इन भारतीय आपराधिक गुटों पर नजर रख रही थीं। इसलिए इस पूरे कार्रवाई का नाम 'ऑपरेशन हार्ड बॉल' रखा गया है।
तीन अलग-अलग चार्जशीट में 37 आरोपियों का नाम
अमेरिका, यूरोप और कनाडा की तरफ से की गई इस कार्रवाई में तीन अलग-अलग चार्जशीट दाखिल की गई है, जिसमें कुल 37 आरोपियों के नाम शामिल हैं। इसमें 24 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस धरपकड़ के दौरान भारी मात्रा में कोकीन (ड्रग्स) और अवैध हथियार बरामद किए गए हैं।
इनमें से 13 को अमेरिका, जिसमें 11 अकेले कैलिफोर्निया में, 3 को कनाडा और 1 को स्पेन से गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा 7 आरोपी पहले से ही जेल में हैं। इसके अलावा पुलिस अभी भी 10 अपराधियों को ढूंढ रही है, जिनमें से 7 के अमेरिका, 2 के भारत और 1 के यूरोप में होने का शक है।
इस गैंग का जाल कहां-कहां फैला है?
गौरतलब है कि यह केवल भारत या कनाडा तक सीमित नहीं है। अमेरिकी एजेंसियों के मुताबिक, यह एक इंटरनेशनल क्रिमिनल सिंडिकेट बन चुका है। बात अगर गोल्डी बराड़ के ठिकाने की करें तो FBI के मुताबिक, गोल्डी के तार कैलिफोर्निया के सैक्रामेंटो और फ्रेस्नो के अलावा कनाडा, भारत और मैक्सिको से जुड़े हैं।
इसके अलावा इस मामले में पंजाब के गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया और रविंदर सिंह धांडा का नाम भी सामने आया है। इनका नेटवर्क अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड तक फैला हुआ है, जो बड़े पैमाने पर ड्रग्स की तस्करी और जबरन वसूली करते हैं।
भारत और कनाडा के रिश्तों पर अब क्या असर होगा?
गौरतलब है कि साल 2023 में जब निज्जर की हत्या हुई थी, तब कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने इसके पीछे भारत सरकार के एजेंटों का हाथ होने का आरोप लगाया था। भारत ने इन आरोपों को पूरी तरह गलत बताया था, जिससे दोनों देशों के रिश्ते बहुत खराब हो गए थे।
ऐसे में अब कनाडा में प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की सरकार है। इस ताजा अमेरिकी और कनाडाई कार्रवाई से यह साफ हो गया है कि निज्जर की हत्या के पीछे भारत सरकार नहीं, बल्कि भारत से जुड़े ये अपराधी और गैंगस्टर्स शामिल थे। कनाडा सरकार ने भी अब संकेत दिए हैं कि वह इन आपराधिक हरकतों को भारत सरकार से जोड़कर नहीं देख रही है, जिससे दोनों देशों के रिश्ते फिर से सुधरने लगे हैं।
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