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पलामू का बढ़ा मान! सरकारी स्कूलों की राज्य रैकिंग में चौथे स्थान पर पहुंचा जिला, 12 अंकों की बड़ी छलांग

पलामू का बढ़ा मान! सरकारी स्कूलों की राज्य रैकिंग में चौथे स्थान पर पहुंचा जिला, 12 अंकों की बड़ी छलांग


मई 2026 की झारखंड की जिलावार शिक्षा प्रगति रिपोर्ट में पलामू ने 12 अंकों का सुधार कर राज्य में चौथा स्थान हासिल किया है। हालांकि, राज्य में नामांकन मे ...और पढ़ें







पलामू ने झारखंड शिक्षा रैंकिंग में चौथा स्थान प्राप्त किया। एआई जेमरेटेड इमेज


पलामू ने झारखंड शिक्षा रैंकिंग में चौथा स्थान प्राप्त किया।


कोडरमा 82.52 अंकों के साथ राज्य में पहले स्थान पर।


मेदिनीनगर (पलामू)। झारखंड के सरकारी स्कूलों की मई 2026 की जिलावार प्रगति रिपोर्ट में पलामू ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए राज्य में चौथा स्थान हासिल किया है।

पिछले मूल्यांकन की तुलना में 12 अंकों का सुधार दर्ज कर जिले ने शिक्षा व्यवस्था, प्रशासनिक कार्यप्रणाली और योजनाओं के क्रियान्वयन में बेहतर प्रदर्शन का संकेत दिया है। झारखंड स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग तथा झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद की समीक्षा बैठक में जारी इस रैंकिंग में 19 प्रमुख एवं सहायक संकेतकों के आधार पर सभी जिलों का मूल्यांकन किया गया।


रिपोर्ट में जहां पलामू, देवघर और लोहरदगा जैसे जिलों ने शानदार प्रदर्शन किया, वहीं रांची, धनबाद, पूर्वी सिंहभूम और बोकारो जैसे बड़े जिले अपेक्षाकृत पीछे रह गए।
केपीएमजी ने 19 संकेतकों पर तैयार की रिपोर्ट

वैश्विक कंसल्टेंसी फर्म केपीएमजी द्वारा तैयार रिपोर्ट में 70 प्रतिशत वेटेज प्राथमिकता वाले उच्च संकेतकों तथा 30 प्रतिशत इनेबलर्स संकेतकों को दिया गया है। मूल्यांकन में शिक्षकों एवं छात्रों की उपस्थिति, नामांकन, आधार सत्यापन, अपार आईडी, पाठ्यपुस्तक वितरण और विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन को आधार बनाया गया।


रैंकिंग में कोडरमा 82.52 अंकों के साथ पहले, लोहरदगा 75.01 अंकों के साथ दूसरे और सरायकेला-खरसावां 68.34 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा। पलामू ने 12 अंकों का सुधार करते हुए चौथा स्थान प्राप्त किया।

वहीं देवघर ने 13 पायदान की छलांग लगाकर छठा स्थान हासिल किया। दूसरी ओर मार्च में पहले स्थान पर रहने वाला पूर्वी सिंहभूम 56.14 अंकों के साथ 15वें स्थान पर पहुंच गया। धनबाद 14वें, बोकारो 10वें और रांची 54.03 अंकों के साथ 18वें स्थान पर रहा। गिरिडीह 37.90 अंकों के साथ अंतिम यानी 24वें स्थान पर है।

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नामांकन में 14.28 प्रतिशत की गिरावट

राज्य स्तरीय समीक्षा में शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी कई चिंताजनक बातें भी सामने आई हैं। यू-डाइस 2026-27 के आंकड़ों के अनुसार राज्य में नामांकन 74.57 लाख से घटकर 63.92 लाख रह गया, जो 14.28 प्रतिशत की गिरावट दर्शाता है।


वहीं 13.71 प्रतिशत छात्र ड्रॉपआउट श्रेणी में दर्ज हैं। मई 2026 में शिक्षकों की औसत उपस्थिति 82.85 प्रतिशत रही, जबकि छात्रों की औसत उपस्थिति केवल 63.22 प्रतिशत दर्ज की गई। रिपोर्ट में छात्रों की कम उपस्थिति को शिक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती माना गया है।
72.01 प्रतिशत छात्रों का आधार सत्यापित

राज्य के 72.01 प्रतिशत छात्रों का आधार सत्यापन पूरा हो चुका है, जबकि 57.74 प्रतिशत विद्यार्थियों की अपार आईडी तैयार की जा चुकी है। वहीं सत्र 2026-27 के लिए मंगाई गई पाठ्यपुस्तकों में से 97.63 प्रतिशत किताबों का वितरण विद्यार्थियों के बीच किया जा चुका है।


'यह रैंकिंग जिलों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के साथ-साथ कमजोर क्षेत्रों की पहचान कर उनमें सुधार की दिशा तय करने में सहायक होगी। पलामू का चौथे स्थान पर पहुंचना जिले के लिए बड़ी उपलब्धि है। हालांकि छात्र उपस्थिति और नामांकन बढ़ाने जैसी चुनौतियां अभी भी बरकरार हैं।'

-संदीप कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी, पलामू
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