ट्रंप प्रशासन ने शुरू की एच-1बी धोखाधड़ी की बड़ी जांच, दर्जनों लोगों को जारी किए समन
ट्रंप प्रशासन ने शुरू की एच-1बी धोखाधड़ी की बड़ी जांच, दर्जनों लोगों को जारी किए समन
अमेरिकी श्रम विभाग ने कहा है कि जांचकर्ताओं ने श्रमिकों की तस्करी और विदेशी कामगार कार्यक्रमों के दुरुपयोग की व्यापक जांच के तहत पहले ही दर्जनों समन ज ...और पढ़ें

ट्रंप प्रशासन ने शुरू की एच-1बी धोखाधड़ी की बड़ी जांच (फाइल फोटो)
अमेरिकी श्रम विभाग ने जांच के तहत जारी किए दर्जनों समन
कहा, बड़े आपराधिक नेटवर्क से जुड़ी है इस तरह की धोखाधड़ी
आईएएनएस, वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप प्रशासन ने एच-1बी वीजा और पीईआरएम रोजगार वीजा से जुड़ी कथित धोखाधड़ी की अपनी पहली बड़ी जांच शुरू कर दी है।
अमेरिकी श्रम विभाग ने कहा है कि जांचकर्ताओं ने श्रमिकों की तस्करी और विदेशी कामगार कार्यक्रमों के दुरुपयोग की व्यापक जांच के तहत पहले ही दर्जनों समन जारी कर दिए हैं। एक संघीय श्रम अधिकारी ने बताया कि जांच के दायरे में आने वाली कंपनियों में आइटी कंपनी 'काग्निजेंट' भी शामिल है।
श्रम विभाग के महानिरीक्षक एंथनी डी'एस्पोसिटो ने बताया कि यह जांच विदेशी श्रमिकों से जुड़ी धोखाधड़ी के विरुद्ध महानिरीक्षक कार्यालय द्वारा अब तक की गई सबसे सख्त कार्रवाइयों में से एक होगी।
उन्होंने एक साक्षात्कार में कहा कि जांचकर्ता ट्रंप प्रशासन और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व वाले धोखाधड़ी पर कार्यबल के सहयोग से हर सुराग पर काम करेंगे।
साथ ही आरोप लगाया कि विदेशी श्रमिक कार्यक्रमों से जुड़ी धोखाधड़ी बड़े आपराधिक नेटवर्क से जुड़ी हुई है। लिहाजा यह धोखाधड़ी हिंसक अपराधों को बढ़ावा दे रही है। अमेरिका को फिर से सुरक्षित और अधिक किफायती बनाने के लिए ऐसा करना जरूरी है।
डी'एस्पोसिटो ने कहा, "यह सिर्फ कारखानों में काम करने वाले लोगों का मामला नहीं है। ये वे लोग हैं जो चिकित्सा केंद्रों व डाक्टरों के क्लीनिक में काम कर रहे हैं और असल में लोगों को खतरे में डाल रहे हैं।
जांचकर्ता पूरे अमेरिका में कारखानों, बंदरगाहों, अस्पतालों और नर्सिंग केंद्रों से जुड़े मामलों की जांच करेंगे। धोखाधड़ी करने वालों को ढूंढ़कर पकड़ा जाएगा। उनकी जांच होगी, उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा और जेल भेजा जाएगा।" गौरतलब है कि एच-1बी लाभार्थियों में सबसे बड़ा हिस्सा लगातार भारतीय नागरिकों का रहा है।
एच-1बी वीजा व ग्रीन कार्ड आवेदकों के लिए 10 जुलाई से नए हस्ताक्षर नियम
अमेरिका की नागरिकता व आव्रजन सेवा (यूएससीआइएस) 10 जुलाई से एच-1बी वीजा याचिकाएं और ग्रीन कार्ड आवेदन समेत आव्रजन लाभ अनुरोध (इमीग्रेशन बेनिफिट रिक्वेस्ट) पर हस्ताक्षर करने तरीकों के बारे में नए नियम लागू करेगा।
यूएससीआइएस ने एक बयान में कहा, "आव्रजन लाभ प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने और लाभ मांगने वालों की पहचान सत्यापित करने के लिए यूएससीआइएस गलत हस्ताक्षर वाले किसी भी लाभ अनुरोध को खारिज कर देता है और उसे वापस कर देता है।
यूएससीआइएस गलत हस्ताक्षर सुधारने का मौका नहीं देता। हालांकि, आवेदक सही हस्ताक्षर के साथ लाभ अनुरोध फिर दाखिल कर सकता है, बशर्ते फाइलिंग की सभी जरूरतें पूरी होती हों, जिसमें आवश्यक शुल्क का भुगतान शामिल है। यूएससीआइएस दोबारा दाखिल लाभ अनुरोध को स्वीकार कर सकता है।"
मान्य हस्ताक्षर
यूएससीआइएस के दिशानिर्देशों के अनुसार निम्नलिखित हस्ताक्षर सही माने जाते हैं-हाथ से किए गए स्याही वाले हस्ताक्षर।
असली हस्ताक्षरों के स्कैन, फैक्स या फोटोकापी वर्जन।
कुछ इलेक्ट्रानिक हस्ताक्षर, लेकिन तभी जब यूएससीआइएस उन्हें ऑनलाइन फाइलिंग के लिए मंजूरी दे।
अमान्य हस्ताक्षरहस्ताक्षर के लिए टाइप किए गए नाम या डिजिटल टूल्स का इस्तेमाल।
आवेदक की ओर से वकीलों या एजेंटों के हस्ताक्षर (नाबालिग या अक्षम वयस्क के मामलों को छोड़कर)।
सिग्नेचर स्टैम्प या ऑटो-पेन के इस्तेमाल से हस्ताक्षर।
डिजिटल साइन जेनरेटर।
आवेदक क्या करेंफार्म जमा करने से पहले हमेशा हाथ से हस्ताक्षर करें।
अगर ई-फाइल कर रहे हैं, तो हस्ताक्षरित दस्तावेज को स्कैन या फोटोकापी करें।
सभी साइन फील्ड्स की जांच करें और सुनिश्चित करें कि वे भरे हुए हैं।
अनुपालन रिकार्ड के लिए असली हस्ताक्षरित प्रति अपने पास रखें।
हर तरह के फार्म के लिए यूएससीआइएस के निर्देशों का पालन करें।
अमेरिकी श्रम विभाग ने कहा है कि जांचकर्ताओं ने श्रमिकों की तस्करी और विदेशी कामगार कार्यक्रमों के दुरुपयोग की व्यापक जांच के तहत पहले ही दर्जनों समन ज ...और पढ़ें

ट्रंप प्रशासन ने शुरू की एच-1बी धोखाधड़ी की बड़ी जांच (फाइल फोटो)
अमेरिकी श्रम विभाग ने जांच के तहत जारी किए दर्जनों समन
कहा, बड़े आपराधिक नेटवर्क से जुड़ी है इस तरह की धोखाधड़ी
आईएएनएस, वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप प्रशासन ने एच-1बी वीजा और पीईआरएम रोजगार वीजा से जुड़ी कथित धोखाधड़ी की अपनी पहली बड़ी जांच शुरू कर दी है।
अमेरिकी श्रम विभाग ने कहा है कि जांचकर्ताओं ने श्रमिकों की तस्करी और विदेशी कामगार कार्यक्रमों के दुरुपयोग की व्यापक जांच के तहत पहले ही दर्जनों समन जारी कर दिए हैं। एक संघीय श्रम अधिकारी ने बताया कि जांच के दायरे में आने वाली कंपनियों में आइटी कंपनी 'काग्निजेंट' भी शामिल है।
श्रम विभाग के महानिरीक्षक एंथनी डी'एस्पोसिटो ने बताया कि यह जांच विदेशी श्रमिकों से जुड़ी धोखाधड़ी के विरुद्ध महानिरीक्षक कार्यालय द्वारा अब तक की गई सबसे सख्त कार्रवाइयों में से एक होगी।
उन्होंने एक साक्षात्कार में कहा कि जांचकर्ता ट्रंप प्रशासन और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व वाले धोखाधड़ी पर कार्यबल के सहयोग से हर सुराग पर काम करेंगे।
साथ ही आरोप लगाया कि विदेशी श्रमिक कार्यक्रमों से जुड़ी धोखाधड़ी बड़े आपराधिक नेटवर्क से जुड़ी हुई है। लिहाजा यह धोखाधड़ी हिंसक अपराधों को बढ़ावा दे रही है। अमेरिका को फिर से सुरक्षित और अधिक किफायती बनाने के लिए ऐसा करना जरूरी है।
डी'एस्पोसिटो ने कहा, "यह सिर्फ कारखानों में काम करने वाले लोगों का मामला नहीं है। ये वे लोग हैं जो चिकित्सा केंद्रों व डाक्टरों के क्लीनिक में काम कर रहे हैं और असल में लोगों को खतरे में डाल रहे हैं।
जांचकर्ता पूरे अमेरिका में कारखानों, बंदरगाहों, अस्पतालों और नर्सिंग केंद्रों से जुड़े मामलों की जांच करेंगे। धोखाधड़ी करने वालों को ढूंढ़कर पकड़ा जाएगा। उनकी जांच होगी, उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा और जेल भेजा जाएगा।" गौरतलब है कि एच-1बी लाभार्थियों में सबसे बड़ा हिस्सा लगातार भारतीय नागरिकों का रहा है।
एच-1बी वीजा व ग्रीन कार्ड आवेदकों के लिए 10 जुलाई से नए हस्ताक्षर नियम
अमेरिका की नागरिकता व आव्रजन सेवा (यूएससीआइएस) 10 जुलाई से एच-1बी वीजा याचिकाएं और ग्रीन कार्ड आवेदन समेत आव्रजन लाभ अनुरोध (इमीग्रेशन बेनिफिट रिक्वेस्ट) पर हस्ताक्षर करने तरीकों के बारे में नए नियम लागू करेगा।
यूएससीआइएस ने एक बयान में कहा, "आव्रजन लाभ प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने और लाभ मांगने वालों की पहचान सत्यापित करने के लिए यूएससीआइएस गलत हस्ताक्षर वाले किसी भी लाभ अनुरोध को खारिज कर देता है और उसे वापस कर देता है।
यूएससीआइएस गलत हस्ताक्षर सुधारने का मौका नहीं देता। हालांकि, आवेदक सही हस्ताक्षर के साथ लाभ अनुरोध फिर दाखिल कर सकता है, बशर्ते फाइलिंग की सभी जरूरतें पूरी होती हों, जिसमें आवश्यक शुल्क का भुगतान शामिल है। यूएससीआइएस दोबारा दाखिल लाभ अनुरोध को स्वीकार कर सकता है।"
मान्य हस्ताक्षर
यूएससीआइएस के दिशानिर्देशों के अनुसार निम्नलिखित हस्ताक्षर सही माने जाते हैं-हाथ से किए गए स्याही वाले हस्ताक्षर।
असली हस्ताक्षरों के स्कैन, फैक्स या फोटोकापी वर्जन।
कुछ इलेक्ट्रानिक हस्ताक्षर, लेकिन तभी जब यूएससीआइएस उन्हें ऑनलाइन फाइलिंग के लिए मंजूरी दे।
अमान्य हस्ताक्षरहस्ताक्षर के लिए टाइप किए गए नाम या डिजिटल टूल्स का इस्तेमाल।
आवेदक की ओर से वकीलों या एजेंटों के हस्ताक्षर (नाबालिग या अक्षम वयस्क के मामलों को छोड़कर)।
सिग्नेचर स्टैम्प या ऑटो-पेन के इस्तेमाल से हस्ताक्षर।
डिजिटल साइन जेनरेटर।
आवेदक क्या करेंफार्म जमा करने से पहले हमेशा हाथ से हस्ताक्षर करें।
अगर ई-फाइल कर रहे हैं, तो हस्ताक्षरित दस्तावेज को स्कैन या फोटोकापी करें।
सभी साइन फील्ड्स की जांच करें और सुनिश्चित करें कि वे भरे हुए हैं।
अनुपालन रिकार्ड के लिए असली हस्ताक्षरित प्रति अपने पास रखें।
हर तरह के फार्म के लिए यूएससीआइएस के निर्देशों का पालन करें।
Labels
Videsh
Post A Comment
No comments :