कश्मीर से कूटनीति तक: नए IB चीफ महेश दीक्षित का 370 और G-20 से रहा है सीधा कनेक्शन
कश्मीर से कूटनीति तक: नए IB चीफ महेश दीक्षित का 370 और G-20 से रहा है सीधा कनेक्शन
आईपीएस महेश दीक्षित को इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) का अगला प्रमुख नियुक्त किया गया है, जो तपन डेका की जगह दो साल के कार्यकाल के लिए पदभार संभालेंगे। ...और पढ़ें

महेश दीक्षित होंगे भारत के नए आईबी प्रमुख
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। आईपीएस अधिकारी महेश दीक्षित को भारत की प्रमुख आंतरिक खुफिया एजेंसी इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) का अगला प्रमुख नियुक्त किया गया है। वह मौजूदा आईबी डायरेक्टर तपन डेकाकी जगह लेंगे और दो साल के कार्यकाल के लिए पद संभालेंगे। तपन डेका का कार्यकाल 30 जून में ही समाप्त हो रहा है।
कार्मिक मंत्रालय के अनुसार, कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने FR 56 (D) और अखिल भारतीय सेवा (मृत्यु सह सेवानिवृत्ति लाभ) नियम, 1958 के नियम 16 (1A) के प्रावधानों के तहत महेश दीक्षित को पदभार ग्रहण करने के लिए सेवाकाल में विस्तार दिया गया है। वे पदभार ग्रहण करने की तिथि से दो वर्ष की अवधि के लिए या अगले आदेश तक इस पद पर बने रहेंगे।
कौन हैं IPS महेश दीक्षित?
IPS अधिकारी महेश दीक्षित की नियुक्ति को पीएम मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने मंजूरी दी है। आइए जानते हैं कौन हैं IPS अधिकारी महेश दीक्षित? जिन्हें इंटेलिजेंस ब्यूरो प्रमुख की कमान सौंपी जा रही है।
दरअसल, महेश दीक्षित 1993 बैच के IPS अधिकारी हैं। तेलंगाना कैडर के अधिकारी दीक्षित ने अपने करियर का अधिकांश समय IB में बिताया है। दीक्षित अभी इसके स्पेशल डायरेक्टर के तौर पर काम कर रहे थे। उन्हें देश के सबसे अनुभवी खुफिया अधिकारियों में से एक माना जाता है।
डॉक्टर की उपाधि प्राप्त करने के बाद, दीक्षित ने कानून प्रवर्तन क्षेत्र में अपना करियर बनाया। अपने करियर के दौरान, उन्होंने आतंकवाद विरोधी, राष्ट्रीय सुरक्षा और खुफिया अभियानों से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यभार संभाले हैं।
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370 हटने का बाद जम्मू कश्मीर में निभाई अहम भूमिका
नई दिल्ली स्थित खुफिया एजेंसी मुख्यालय में विशेष निदेशक के पद पर पदोन्नत होने से पहले IPS महेश दीक्षित जम्मू और कश्मीर में सहायक खुफिया ब्यूरो के प्रमुख थे। यहां उन्होंने ब्यूरो प्रमुख के तौर पर एक अगस्त 2019 में आर्टिकल 370 हटने के बाद के समय में अहम भूमिका निभाई।
G-20 पर्यटन कार्य समूह की बैठक का निरीक्षण
IPS अधिकारी महेश दीक्षित ने जम्मू और कश्मीर में संक्रमण काल के दौरान खुफिया आकलन और सुरक्षा योजना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अलावा उन्होंने 2023 में श्रीनगर में आयोजित G-20 पर्यटन कार्य समूह की बैठक के दौरान प्रमुख खुफिया जिम्मेदारियों का भी निरीक्षण किया।
अपनी कुटनीति के दम पर उन्होंने पूर्वोत्तर और लद्दाख में अभियानों से लेकर नक्सल विरोधी प्रकोष्ठों तक अलग-अलग तरह की संवेदनशील जिम्मेदारियां संभाली हैं। दीक्षित आईबी में मजबूत जमीनी खुफिया नेटवर्क और आतंकवाद-रोधी मामलों में विशेषज्ञता के लिए जाने जाते हैं।
महेश दीक्षित को पिछले साल खुफिया ब्यूरो के विशेष निदेशक के रूप में पदोन्नत किया गया था। इसके बाद वह खुफिया एजेंसी में दूसरे सबसे बड़े अधिकारी बन गए। अब वे तपन कुमार डेका का स्थान लेंगे, जिन्होंने जुलाई 2022 से खुफिया ब्यूरो का नेतृत्व किया है।
आईपीएस महेश दीक्षित को इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) का अगला प्रमुख नियुक्त किया गया है, जो तपन डेका की जगह दो साल के कार्यकाल के लिए पदभार संभालेंगे। ...और पढ़ें

महेश दीक्षित होंगे भारत के नए आईबी प्रमुख
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। आईपीएस अधिकारी महेश दीक्षित को भारत की प्रमुख आंतरिक खुफिया एजेंसी इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) का अगला प्रमुख नियुक्त किया गया है। वह मौजूदा आईबी डायरेक्टर तपन डेकाकी जगह लेंगे और दो साल के कार्यकाल के लिए पद संभालेंगे। तपन डेका का कार्यकाल 30 जून में ही समाप्त हो रहा है।
कार्मिक मंत्रालय के अनुसार, कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने FR 56 (D) और अखिल भारतीय सेवा (मृत्यु सह सेवानिवृत्ति लाभ) नियम, 1958 के नियम 16 (1A) के प्रावधानों के तहत महेश दीक्षित को पदभार ग्रहण करने के लिए सेवाकाल में विस्तार दिया गया है। वे पदभार ग्रहण करने की तिथि से दो वर्ष की अवधि के लिए या अगले आदेश तक इस पद पर बने रहेंगे।
कौन हैं IPS महेश दीक्षित?
IPS अधिकारी महेश दीक्षित की नियुक्ति को पीएम मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने मंजूरी दी है। आइए जानते हैं कौन हैं IPS अधिकारी महेश दीक्षित? जिन्हें इंटेलिजेंस ब्यूरो प्रमुख की कमान सौंपी जा रही है।
दरअसल, महेश दीक्षित 1993 बैच के IPS अधिकारी हैं। तेलंगाना कैडर के अधिकारी दीक्षित ने अपने करियर का अधिकांश समय IB में बिताया है। दीक्षित अभी इसके स्पेशल डायरेक्टर के तौर पर काम कर रहे थे। उन्हें देश के सबसे अनुभवी खुफिया अधिकारियों में से एक माना जाता है।
डॉक्टर की उपाधि प्राप्त करने के बाद, दीक्षित ने कानून प्रवर्तन क्षेत्र में अपना करियर बनाया। अपने करियर के दौरान, उन्होंने आतंकवाद विरोधी, राष्ट्रीय सुरक्षा और खुफिया अभियानों से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यभार संभाले हैं।
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370 हटने का बाद जम्मू कश्मीर में निभाई अहम भूमिका
नई दिल्ली स्थित खुफिया एजेंसी मुख्यालय में विशेष निदेशक के पद पर पदोन्नत होने से पहले IPS महेश दीक्षित जम्मू और कश्मीर में सहायक खुफिया ब्यूरो के प्रमुख थे। यहां उन्होंने ब्यूरो प्रमुख के तौर पर एक अगस्त 2019 में आर्टिकल 370 हटने के बाद के समय में अहम भूमिका निभाई।
G-20 पर्यटन कार्य समूह की बैठक का निरीक्षण
IPS अधिकारी महेश दीक्षित ने जम्मू और कश्मीर में संक्रमण काल के दौरान खुफिया आकलन और सुरक्षा योजना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अलावा उन्होंने 2023 में श्रीनगर में आयोजित G-20 पर्यटन कार्य समूह की बैठक के दौरान प्रमुख खुफिया जिम्मेदारियों का भी निरीक्षण किया।
अपनी कुटनीति के दम पर उन्होंने पूर्वोत्तर और लद्दाख में अभियानों से लेकर नक्सल विरोधी प्रकोष्ठों तक अलग-अलग तरह की संवेदनशील जिम्मेदारियां संभाली हैं। दीक्षित आईबी में मजबूत जमीनी खुफिया नेटवर्क और आतंकवाद-रोधी मामलों में विशेषज्ञता के लिए जाने जाते हैं।
महेश दीक्षित को पिछले साल खुफिया ब्यूरो के विशेष निदेशक के रूप में पदोन्नत किया गया था। इसके बाद वह खुफिया एजेंसी में दूसरे सबसे बड़े अधिकारी बन गए। अब वे तपन कुमार डेका का स्थान लेंगे, जिन्होंने जुलाई 2022 से खुफिया ब्यूरो का नेतृत्व किया है।
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