कर्नाटक: दिन में लगाता था किताब की दुकान और रात में बेचता था देसी पिस्तौल, बड़े रैकेट का भंडाफोड़
कर्नाटक: दिन में लगाता था किताब की दुकान और रात में बेचता था देसी पिस्तौल, बड़े रैकेट का भंडाफोड़
कर्नाटक में देसी पिस्तौल बनाने और सप्लाई करने वाले बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है, जिसमें 13 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। ...और पढ़ें
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गिरफ्तार आरोपी और जब्त हथियार की फोटो। (सोर्स - सोशल मीडिया)
देसी पिस्तौल बनाने वाले नेटवर्क का भंडाफोड़
हत्या की जांच से हुआ खुलासा
किताब दुकानदार हथियार के पुर्जे सप्लाई करता था
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कर्नाटक में देसी पिस्तौल बनाने और सप्लाई करने वाले एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है और 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने नौ देसी पिस्तौलें और बड़ी मात्रा में हथियार के पुर्जे और गोला-बारूद से जुड़ा सामान भी जब्त किया है। यह हथियार सप्लाई नेटवर्क बेलगावी जिले के खानापुर तालुका के कटगाली गांव से चलाया जा रहा था।
जानकारी के अनुसार, मुख्य आरोपी कटगाली गांव का रहने वाला मारुति सुतार नाम का व्यक्ति है। पुलिस की माने तो वह साल 2024 से अपने घर पर ही देसी पिस्तौल बना रहा था। पुलिस ने उसके घर से एक पिस्तौल जब्त और आठ अन्य पिस्तौलें अलग -अलग जगहों से बरामद कीं, जिन्हें पहले ही बेलगावी और उत्तर कन्नड़ जिलों के खरीदारों को बेचा जा चुका था।
2024 में हुए एक मर्डर से खुला राज
इस रैकेट का खुलासा 2024 में खानापुर तालुका में दर्ज एक हत्या के मामले की जांच के दौरान हुआ। जांच के दौरान, अधिकारियों ने अपराध में इस्तेमाल किए गए हथियार का पता लगाया और हथियार बनाने वाले इस बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया।
इस मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों में मारुति सुतार, सोमनाथ चौगुले, संतोष नाइक, मारुति गुडाड्यागोल, बालू नाइक, लक्ष्मण गुजनाल, बसवराज सालोतागी, बसवंत यारमलकर और लक्ष्मण गुराव शामिल हैं।
जांचकर्ताओं ने बताया कि आरोपी मारियप्पा नाइक ने देसी पिस्तौल बनाने के लिए पैसे दिए थे। वहीं, एक अन्य आरोपी विश्वनाथ देसाई ने हथियार के पुर्जे सप्लाई किए थे।
किताब दुकानदार हथियार के पुर्जे सप्लाई करता था
पुलिस ने बताया कि देसाई, जो उत्तर कन्नड़ जिले के जोइडा में एक किताबों की दुकान चलाता था, वह हथियार के पुर्जे और गोला-बारूद से जुड़ा सामान बेचने में शामिल था।
जांच में यह भी पता चला कि हथियार बनाने के लिए जरूरी सामान बेलगावी के खंजर गली इलाके से मंगाया जाता था। पुलिस का दावा है कि यह सामान एक ऐसी बंदूक की दुकान से खरीदा जा रहा था, जिसने आधिकारिक तौर पर 2021 में अपना काम बंद कर दिया था।
कर्नाटक में देसी पिस्तौल बनाने और सप्लाई करने वाले बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है, जिसमें 13 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। ...और पढ़ें
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गिरफ्तार आरोपी और जब्त हथियार की फोटो। (सोर्स - सोशल मीडिया)
देसी पिस्तौल बनाने वाले नेटवर्क का भंडाफोड़
हत्या की जांच से हुआ खुलासा
किताब दुकानदार हथियार के पुर्जे सप्लाई करता था
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कर्नाटक में देसी पिस्तौल बनाने और सप्लाई करने वाले एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है और 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने नौ देसी पिस्तौलें और बड़ी मात्रा में हथियार के पुर्जे और गोला-बारूद से जुड़ा सामान भी जब्त किया है। यह हथियार सप्लाई नेटवर्क बेलगावी जिले के खानापुर तालुका के कटगाली गांव से चलाया जा रहा था।
जानकारी के अनुसार, मुख्य आरोपी कटगाली गांव का रहने वाला मारुति सुतार नाम का व्यक्ति है। पुलिस की माने तो वह साल 2024 से अपने घर पर ही देसी पिस्तौल बना रहा था। पुलिस ने उसके घर से एक पिस्तौल जब्त और आठ अन्य पिस्तौलें अलग -अलग जगहों से बरामद कीं, जिन्हें पहले ही बेलगावी और उत्तर कन्नड़ जिलों के खरीदारों को बेचा जा चुका था।
2024 में हुए एक मर्डर से खुला राज
इस रैकेट का खुलासा 2024 में खानापुर तालुका में दर्ज एक हत्या के मामले की जांच के दौरान हुआ। जांच के दौरान, अधिकारियों ने अपराध में इस्तेमाल किए गए हथियार का पता लगाया और हथियार बनाने वाले इस बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया।
इस मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों में मारुति सुतार, सोमनाथ चौगुले, संतोष नाइक, मारुति गुडाड्यागोल, बालू नाइक, लक्ष्मण गुजनाल, बसवराज सालोतागी, बसवंत यारमलकर और लक्ष्मण गुराव शामिल हैं।
जांचकर्ताओं ने बताया कि आरोपी मारियप्पा नाइक ने देसी पिस्तौल बनाने के लिए पैसे दिए थे। वहीं, एक अन्य आरोपी विश्वनाथ देसाई ने हथियार के पुर्जे सप्लाई किए थे।
किताब दुकानदार हथियार के पुर्जे सप्लाई करता था
पुलिस ने बताया कि देसाई, जो उत्तर कन्नड़ जिले के जोइडा में एक किताबों की दुकान चलाता था, वह हथियार के पुर्जे और गोला-बारूद से जुड़ा सामान बेचने में शामिल था।
जांच में यह भी पता चला कि हथियार बनाने के लिए जरूरी सामान बेलगावी के खंजर गली इलाके से मंगाया जाता था। पुलिस का दावा है कि यह सामान एक ऐसी बंदूक की दुकान से खरीदा जा रहा था, जिसने आधिकारिक तौर पर 2021 में अपना काम बंद कर दिया था।
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