'प्रवासियों की घुसपैठ और आत्म-घृणा की राजनीति' के कारण हुई हेनरी की मौत, जेडी वेंस का ब्रिटेन पर तीखा हमला
'प्रवासियों की घुसपैठ और आत्म-घृणा की राजनीति' के कारण हुई हेनरी की मौत, जेडी वेंस का ब्रिटेन पर तीखा हमला
जेडी वेंस ने हेनरी नोवाक की हत्या को प्रवासियों की घुसपैठ और आत्म-घृणा की राजनीति का परिणाम बताते हुए ब्रिटेन की आलोचना की। ब्रिटिश सरकार ने इस मामले ...और पढ़ें

जेडी वेंस का ब्रिटेन पर तीखा हमला। (रॉयटर्स)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने एक सिख व्यक्ति द्वारा एक श्वेत छात्र की हत्या के मामले में ब्रिटेन के रवैये की आलोचना की। उन्होंने इसे प्रवासियों की घुसपैठ के कारण सभ्यता के पतन का नतीजा बताया।
18 साल के हेनरी नोवाक मामले पर वेंस की टिप्पणियों की ब्रिटश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर के कार्यालय की तुरंत निंदा की और 'लोकतंत्र में दखल' देने की कोशिशों का खारिज कर दिया।
वेंस ने एक्स पर लिखा, "हेनरी नोवाक की मौत वैसे ही हुई जैसे किसी सभ्यता की मौत होती है। अधिकारियों द्वारा उसे अकेला छोड़ दिया गया, हथकड़ी पहनाई गई, जिन्होंने न तो उस पर भरोसा किया और न ही उसकी परवाह की। और उस पर ऐसे नफरत भरे अपराधों का आरोप लगाया गया जो उसने किए ही नहीं थे। उसकी हत्या जितनी दुखद है, उतनी ही गुस्सा दिलाने वाली भी है।"
क्या है पूरा मामला?
साउथैम्पट शहर में दिसंबर में विक्रम डिगवा द्वारा चाकू मारे जाने के बाद मौत से जूझते नोवाक को पुलिस ने हथकड़ी पहना दी थी। यह मामला दुनिया भर में दक्षिणपंथी गुस्से का केंद्र बन गया और इसने ब्रिटेन में दंगे भड़का दिए।
23 साल के डिगवा ने झूठ बोला और पुलिस को कहा वह पीड़ित है और नोवाक ने नस्लीय आधार पर उसका अपमान किया था।
अरबपति कारोबारी एलन मस्क, जो वेंस के दोस्त भी हैं, उन्होंने चाकू मारने की घटना पर पुलिस की कार्रवाई के बारे में कई बार एक्स पर पोस्ट किया है। इसके बाद गुरुवार को अमेरिकी विदेश विभाग ने भी इस मामले पर अपनी राय रखी और विचारधारा आधारित सोच और दोहरे स्तर की पुलिसिंग की निंदा की, जिसके कारण यह घटना हुई।
वेंस ने कहा कि उसे आज भी जीवित होना चाहिए था और वह जीवित होता अगर पिछली कुछ पीड़ियों के यूरोपीय अभिजात वर्ग ने आत्म-घृणा की राजनीति और प्रवासियों की भारी घुसपैठ के खिलाफ मजबूती से खड़े होकर विरोध किया होता। इनमें से कई लोग पश्चिम और उससे प्यान करने वाले लोगों से नफरत करते हैं।
उन्होंने कहा कि हेनरी अपनी जान गंवाने वाले पहले व्यक्ति नहीं थे, और मुझे डर है कि वह आखिरी भी नहीं होंगे। वेंस उन लोगों में एक हैं जोर-शोर से इस बात का समर्थन करते हैं कि बड़े पैमाने पर माइग्रेशन की वजह से पश्चिमी सभ्यता का पतन हो रहा
ब्रिटिश सरकार ने अमेरिकी दखल को किया खारिज
हालांकि, ब्रिटिश सरकार ने इस मामले में अमेरिकी दखल को खारिज कर दिया। ब्रिटिश प्रधानमंत्री के प्रवक्ता कहा कि हमने देखा है कि कुछ लोग हमारे लोकतंत्र में दखल देने और फूट डालने की कोशिश कर रहे हैं।
प्रवक्ता ने आगे कहा कि छात्र हेनरी नोवाल के परिवार ने कहा है कि वे नहीं चाहते कि उनके बेटे की हत्या का इस्तेमाल और ज्यादा फूट, नफरत या तनाव पैदा करने के लिए किया जाए।
जेडी वेंस ने हेनरी नोवाक की हत्या को प्रवासियों की घुसपैठ और आत्म-घृणा की राजनीति का परिणाम बताते हुए ब्रिटेन की आलोचना की। ब्रिटिश सरकार ने इस मामले ...और पढ़ें

जेडी वेंस का ब्रिटेन पर तीखा हमला। (रॉयटर्स)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने एक सिख व्यक्ति द्वारा एक श्वेत छात्र की हत्या के मामले में ब्रिटेन के रवैये की आलोचना की। उन्होंने इसे प्रवासियों की घुसपैठ के कारण सभ्यता के पतन का नतीजा बताया।
18 साल के हेनरी नोवाक मामले पर वेंस की टिप्पणियों की ब्रिटश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर के कार्यालय की तुरंत निंदा की और 'लोकतंत्र में दखल' देने की कोशिशों का खारिज कर दिया।
वेंस ने एक्स पर लिखा, "हेनरी नोवाक की मौत वैसे ही हुई जैसे किसी सभ्यता की मौत होती है। अधिकारियों द्वारा उसे अकेला छोड़ दिया गया, हथकड़ी पहनाई गई, जिन्होंने न तो उस पर भरोसा किया और न ही उसकी परवाह की। और उस पर ऐसे नफरत भरे अपराधों का आरोप लगाया गया जो उसने किए ही नहीं थे। उसकी हत्या जितनी दुखद है, उतनी ही गुस्सा दिलाने वाली भी है।"
क्या है पूरा मामला?
साउथैम्पट शहर में दिसंबर में विक्रम डिगवा द्वारा चाकू मारे जाने के बाद मौत से जूझते नोवाक को पुलिस ने हथकड़ी पहना दी थी। यह मामला दुनिया भर में दक्षिणपंथी गुस्से का केंद्र बन गया और इसने ब्रिटेन में दंगे भड़का दिए।
23 साल के डिगवा ने झूठ बोला और पुलिस को कहा वह पीड़ित है और नोवाक ने नस्लीय आधार पर उसका अपमान किया था।
अरबपति कारोबारी एलन मस्क, जो वेंस के दोस्त भी हैं, उन्होंने चाकू मारने की घटना पर पुलिस की कार्रवाई के बारे में कई बार एक्स पर पोस्ट किया है। इसके बाद गुरुवार को अमेरिकी विदेश विभाग ने भी इस मामले पर अपनी राय रखी और विचारधारा आधारित सोच और दोहरे स्तर की पुलिसिंग की निंदा की, जिसके कारण यह घटना हुई।
वेंस ने कहा कि उसे आज भी जीवित होना चाहिए था और वह जीवित होता अगर पिछली कुछ पीड़ियों के यूरोपीय अभिजात वर्ग ने आत्म-घृणा की राजनीति और प्रवासियों की भारी घुसपैठ के खिलाफ मजबूती से खड़े होकर विरोध किया होता। इनमें से कई लोग पश्चिम और उससे प्यान करने वाले लोगों से नफरत करते हैं।
उन्होंने कहा कि हेनरी अपनी जान गंवाने वाले पहले व्यक्ति नहीं थे, और मुझे डर है कि वह आखिरी भी नहीं होंगे। वेंस उन लोगों में एक हैं जोर-शोर से इस बात का समर्थन करते हैं कि बड़े पैमाने पर माइग्रेशन की वजह से पश्चिमी सभ्यता का पतन हो रहा
ब्रिटिश सरकार ने अमेरिकी दखल को किया खारिज
हालांकि, ब्रिटिश सरकार ने इस मामले में अमेरिकी दखल को खारिज कर दिया। ब्रिटिश प्रधानमंत्री के प्रवक्ता कहा कि हमने देखा है कि कुछ लोग हमारे लोकतंत्र में दखल देने और फूट डालने की कोशिश कर रहे हैं।
प्रवक्ता ने आगे कहा कि छात्र हेनरी नोवाल के परिवार ने कहा है कि वे नहीं चाहते कि उनके बेटे की हत्या का इस्तेमाल और ज्यादा फूट, नफरत या तनाव पैदा करने के लिए किया जाए।
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