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चागोस द्वीप खरीदने पर विचार कर रहा अमेरिका, ब्रिटेन-मॉरीशस समझौते पर बढ़ा तनाव; रिपोर्ट में दावा

चागोस द्वीप खरीदने पर विचार कर रहा अमेरिका, ब्रिटेन-मॉरीशस समझौते पर बढ़ा तनाव; रिपोर्ट में दावा

अमेरिका हिंद महासागर में स्थित चागोस द्वीप समूह को मॉरीशस से सीधे खरीदने पर विचार कर रहा है, जिससे ब्रिटेन और मॉरीशस के बीच संप्रभुता हस्तांतरण का समझ ...और पढ़ें








अमेरिका चागोस द्वीप खरीदने पर विचार कर रहा (यह फोटो AI द्वारा बनवाई गई है।)


अमेरिका चागोस द्वीप सीधे मॉरीशस से खरीदने पर विचार कर रहा है


ब्रिटेन-मॉरीशस संप्रभुता हस्तांतरण समझौता अमेरिकी आपत्ति से अटका


डिएगो गार्सिया सैन्य अड्डे पर अमेरिकी नियंत्रण सुनिश्चित करना मुख्य लक्ष्य



डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। हिंद महासागर में स्थित रणनीतिक रूप से अहम चागोस द्वीप समूह को लेकर अमेरिका और ब्रिटेन के बीच नई हलचल सामने आई है। द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक, व्हाइट हाउस मॉरीशस से सीधे चागोस द्वीप खरीदने के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है। माना जा रहा है कि यह कदम ब्रिटेन की उस योजना को प्रभावित कर सकता है, जिसके तहत वह द्वीपों की संप्रभुता मॉरीशस को सौंपने की तैयारी में है।


रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों ने ऐसे विकल्प तैयार किए हैं जिनके जरिए ब्रिटेन को दरकिनार कर सीधे डिएगो गार्सिया सैन्य अड्डे पर नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके। डिएगो गार्सिया हिंद महासागर में स्थित ब्रिटेन-अमेरिका का संयुक्त सैन्य बेस है, जिसे पश्चिम एशिया और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सैन्य अभियानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

डिएगो गार्सिया को लेकर अमेरिकी चिंता

अमेरिकी अधिकारियों को आशंका है कि यदि चागोस द्वीपों की संप्रभुता मॉरीशस को सौंप दी गई, तो इससे सुरक्षा जोखिम बढ़ सकते हैं। खासतौर पर मॉरीशस के चीन और ईरान के साथ रिश्तों को लेकर वॉशिंगटन में चिंता जताई जा रही है।


रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका और ब्रिटेन के बीच इस मुद्दे पर लगातार बातचीत जारी है। एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि दोनों देश डिएगो गार्सिया को क्षेत्रीय सुरक्षा मंच के रूप में सुरक्षित और प्रभावी बनाए रखने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।
ब्रिटेन की योजना पर उठे सवाल

ब्रिटेन पहले ही चागोस द्वीपों की संप्रभुता मॉरीशस को सौंपने पर सहमत हो चुका था। प्रस्तावित समझौते के तहत ब्रिटेन डिएगो गार्सिया सैन्य अड्डे को लंबी अवधि के लिए लीज पर रखता। हालांकि, अमेरिकी आपत्तियों के बाद यह समझौता फिलहाल अटका हुआ है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की सरकार ने भी साफ किया है कि अमेरिका की सहमति के बिना किसी अंतिम समझौते को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।
ट्रंप ने जताई नाराजगी

रिपोर्ट के मुताबिक, डोनल्ड ट्रंप प्रशासन के भीतर तैयार एक नीति दस्तावेज में चागोस द्वीप खरीदने का विकल्प भी शामिल है। हालांकि इसे फिलहाल प्रमुख योजना नहीं माना जा रहा। डोनल्ड ट्रंप पहले भी ब्रिटेन-मॉरीशस समझौते की आलोचना कर चुके हैं। उन्होंने कथित तौर पर इसे बहुत बड़ी मूर्खता बताया था और कहा था कि इससे ब्रिटेन रणनीतिक नियंत्रण खो देगा।
लंबे समय से विवाद में चागोस द्वीप

मॉरीशस लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर चागोस द्वीपों पर ब्रिटेन के दावे को चुनौती देता रहा है। यह मुद्दा कई वर्षों से दोनों देशों के बीच कूटनीतिक विवाद बना हुआ है। वहीं, डिएगो गार्सिया को दुनिया के सबसे संवेदनशील सैन्य ठिकानों में गिना जाता है, जहां से अमेरिका और ब्रिटेन वैश्विक सैन्य अभियानों को संचालित करते हैं।
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