एअर इंडिया में बड़ा बदलाव: पूर्व नागरिक उड्डयन सचिव प्रदीप खरोला की वापसी, चेयरमैन के कार्यकारी सलाहकार नियुक्त किए गए
एअर इंडिया में बड़ा बदलाव: पूर्व नागरिक उड्डयन सचिव प्रदीप खरोला की वापसी, चेयरमैन के कार्यकारी सलाहकार नियुक्त किए गए
एअर इंडिया में बड़ा प्रशासनिक बदलाव हुआ है। इसके तहत पूर्व सीएमडी प्रदीप सिंह खरोला को चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन का कार्यकारी सलाहकार नियुक्त किया गया है ...और पढ़ें

नागरिक विमानन मंत्रालय के पूर्व सचिव प्रदीप सिंह खरोला।
प्रदीप सिंह खरोला एअर इंडिया के कार्यकारी सलाहकार नियुक्त किए गए।
चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन के लिए रणनीतिक सलाहकार की भूमिका।
एअर इंडिया मैनेजमेंट कमेटी के पूर्णकालिक सदस्य के रूप में शामिल।
भारी घाटे और कई चुनौतियों से जूझ रही विमानन कंपनी 'एअर इंडिया' में एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव हुआ है। इसके तहत एअर इंडिया के पूर्व सीएमडी और नागरिक विमानन मंत्रालय के पूर्व सचिव प्रदीप सिंह खरोला की कंपनी में वापसी हो गई है। खरोला को एअर इंडिया के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन का कार्यकारी सलाहकार नियुक्त किया गया है।
इसके साथ ही वह एअर इंडिया की मैनेजमेंट कमेटी के पूर्णकालिक सदस्य के रूप में भी शामिल हो गए हैं। एअर इंडिया के सीईओ और एमडी कैंपबेल विल्सन ने सोमवार को कंपनी के कर्मचारियों को भेजे एक आंतरिक संदेश में इस बात की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि खरोला तुरंत प्रभाव से वरिष्ठ प्रबंधन टीम का हिस्सा बन गए हैं।
एअर इंडिया से है पुराना नाता
बता दें कि प्रदीप सिंह खरोला एअर इंडिया के लिए कोई नए नाम नहीं हैं। जब यह कंपनी सरकारी नियंत्रण में थी, तब वह 2017 से 2019 के बीच एअर इंडिया के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) रह चुके हैं। इसके बाद, नागरिक उड्डयन सचिव रहते हुए उन्होंने एअर इंडिया के निजीकरण की प्रक्रिया में भी बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
घाटे में कंपनी और कैंपबेल विल्सन का इस्तीफा
जनवरी 2022 में टाटा समूह द्वारा खरीदे जाने के बाद से एअर इंडिया लगातार घाटे और अन्य दिक्कतों का सामना कर रही है। हाल ही में कंपनी के मौजूदा सीईओ कैंपबेल विल्सन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है और वह आने वाले कुछ महीनों में कंपनी छोड़ देंगे।
ऐसे में विल्सन ने कहा कि चेयरमैन के कार्यकारी सलाहकार के रूप में खरोला एअर इंडिया की मैनेजमेंट कमेटी के पूर्ण सदस्य होंगे। चूंकि मेरा कार्यकाल अब आखिरी महीनों में है, ऐसे में नए सीईओ के आने तक नेतृत्व को आसानी से सौंपने में उनका अनुभव बेहद कीमती साबित होगा।
खर्च कम करने की कोशिश में एअर इंडिया
गौरतलब है कि टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन फिलहाल एअर इंडिया बोर्ड के भी चेयरमैन हैं। पिछले कुछ हफ्तों में एअर इंडिया ने अपना घाटा और खर्च कम करने के लिए कई कड़े कदम उठाए हैं। कंपनी ने कुछ उड़ानों में मुफ्त भोजन न देने की शुरुआत की है और अस्थायी रूप से अपने कुछ फ्लाइट रूट्स में भी कटौती की है।
एअर इंडिया में बड़ा प्रशासनिक बदलाव हुआ है। इसके तहत पूर्व सीएमडी प्रदीप सिंह खरोला को चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन का कार्यकारी सलाहकार नियुक्त किया गया है ...और पढ़ें

नागरिक विमानन मंत्रालय के पूर्व सचिव प्रदीप सिंह खरोला।
प्रदीप सिंह खरोला एअर इंडिया के कार्यकारी सलाहकार नियुक्त किए गए।
चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन के लिए रणनीतिक सलाहकार की भूमिका।
एअर इंडिया मैनेजमेंट कमेटी के पूर्णकालिक सदस्य के रूप में शामिल।
भारी घाटे और कई चुनौतियों से जूझ रही विमानन कंपनी 'एअर इंडिया' में एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव हुआ है। इसके तहत एअर इंडिया के पूर्व सीएमडी और नागरिक विमानन मंत्रालय के पूर्व सचिव प्रदीप सिंह खरोला की कंपनी में वापसी हो गई है। खरोला को एअर इंडिया के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन का कार्यकारी सलाहकार नियुक्त किया गया है।
इसके साथ ही वह एअर इंडिया की मैनेजमेंट कमेटी के पूर्णकालिक सदस्य के रूप में भी शामिल हो गए हैं। एअर इंडिया के सीईओ और एमडी कैंपबेल विल्सन ने सोमवार को कंपनी के कर्मचारियों को भेजे एक आंतरिक संदेश में इस बात की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि खरोला तुरंत प्रभाव से वरिष्ठ प्रबंधन टीम का हिस्सा बन गए हैं।
एअर इंडिया से है पुराना नाता
बता दें कि प्रदीप सिंह खरोला एअर इंडिया के लिए कोई नए नाम नहीं हैं। जब यह कंपनी सरकारी नियंत्रण में थी, तब वह 2017 से 2019 के बीच एअर इंडिया के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) रह चुके हैं। इसके बाद, नागरिक उड्डयन सचिव रहते हुए उन्होंने एअर इंडिया के निजीकरण की प्रक्रिया में भी बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
घाटे में कंपनी और कैंपबेल विल्सन का इस्तीफा
जनवरी 2022 में टाटा समूह द्वारा खरीदे जाने के बाद से एअर इंडिया लगातार घाटे और अन्य दिक्कतों का सामना कर रही है। हाल ही में कंपनी के मौजूदा सीईओ कैंपबेल विल्सन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है और वह आने वाले कुछ महीनों में कंपनी छोड़ देंगे।
ऐसे में विल्सन ने कहा कि चेयरमैन के कार्यकारी सलाहकार के रूप में खरोला एअर इंडिया की मैनेजमेंट कमेटी के पूर्ण सदस्य होंगे। चूंकि मेरा कार्यकाल अब आखिरी महीनों में है, ऐसे में नए सीईओ के आने तक नेतृत्व को आसानी से सौंपने में उनका अनुभव बेहद कीमती साबित होगा।
खर्च कम करने की कोशिश में एअर इंडिया
गौरतलब है कि टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन फिलहाल एअर इंडिया बोर्ड के भी चेयरमैन हैं। पिछले कुछ हफ्तों में एअर इंडिया ने अपना घाटा और खर्च कम करने के लिए कई कड़े कदम उठाए हैं। कंपनी ने कुछ उड़ानों में मुफ्त भोजन न देने की शुरुआत की है और अस्थायी रूप से अपने कुछ फ्लाइट रूट्स में भी कटौती की है।
Labels
Desh
Post A Comment
No comments :