Live TV

राज्य

[States][twocolumns]

देश

[Desh][list]

राजनीति

[Politics][list]

रांची में संबलपुर-जम्मू तवी एक्सप्रेस से 30.50 लाख का 61 किलो गांजा जब्त, बिहार के 3 तस्कर गिरफ्तार

रांची में संबलपुर-जम्मू तवी एक्सप्रेस से 30.50 लाख का 61 किलो गांजा जब्त, बिहार के 3 तस्कर गिरफ्तार


रांची रेल मंडल में आरपीएफ ने 'ऑपरेशन नार्कोस' के तहत 61 किलोग्राम गांजा जब्त किया, जिसकी अनुमानित कीमत 30.50 लाख रुपये है। ...और पढ़ें






बिहार के 3 तस्कर गिरफ्तार


रांची में 61 किलो गांजा जब्त, कीमत 30.50 लाख।


ऑपरेशन नार्कोस के तहत तीन तस्कर गिरफ्तार किए गए।


संबलपुर-जम्मू तवी एक्सप्रेस से हुई गांजे की बरामदगी।



संवाददाता, रांची। रांची रेल मंडल में गांजा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने 61 किलोग्राम गांजा बरामद किया है।

ऑपरेशन ‘नार्कोस’ के तहत की गई इस कार्रवाई में तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत 30.50 लाख रुपये आंकी गई है।
सामान सहित नामकुम स्टेशन पर उतारकर जांच की

आरपीएफ फ्लाइंग टीम रांची, आरपीएफ पोस्ट रांची और अपराध शाखा रांची की संयुक्त टीम ने रांची रेलवे स्टेशन पर चेकिंग के दौरान ट्रेन संख्या 18309 संबलपुर-जम्मू तवी एक्सप्रेस के बी-3 कोच में तीन संदिग्ध युवकों को चार ट्रॉली बैग और तीन पिट्ठू बैग के साथ देखा। पूछताछ में उनकी गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं। ट्रेन के रवाना होने के बाद तीनों को सामान सहित नामकुम स्टेशन पर उतारकर जांच की गई।


जांच में बैगों से 61 पैकेट गांजा बरामद हुआ, जिसका कुल वजन 61 किलोग्राम निकला। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिहार के बक्सर जिले के रहने वाले आयुष सिंह (22), प्रिंस कुमार (21) और अंकित पाठक (19) के रूप में हुई है। उनके पास से तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।

सहायक सुरक्षा आयुक्त आरपीएफ रांची प्रताप सिंह नेगी के निर्देशन में डीडी किट से जांच करने पर बरामद पदार्थ गांजा पाया गया। इसके बाद गांजा और अन्य सामग्री जब्त कर तीनों आरोपियों को प्राथमिकी के साथ आगे की कार्रवाई के लिए जीआरपी रांची के हवाले कर दिया गया।


रांची रेल मंडल की सबसे बड़ी सफलता

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, एक साथ 61 किलोग्राम गांजे की बरामदगी रांची रेल मंडल के लिए अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल है। हाल के वर्षों में गांजा तस्करी के कई मामले सामने आए हैं, लेकिन एक ही कार्रवाई में इतनी बड़ी मात्रा में गांजा पकड़े जाने की घटनाएं बेहद कम रही हैं।
संबलपुर से लगातार आ रही गांजे की खेप

गौरतलब है कि रांची रेल मंडल में पकड़े जाने वाले अधिकांश गांजा तस्करी के मामलों का स्रोत ओडिशा का संबलपुर और उसके आसपास का क्षेत्र रहा है। पिछले कई मामलों में भी संबलपुर से आने वाली ट्रेनों के जरिए गांजा ले जाने की कोशिशें सामने आ चुकी हैं।


ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में गांजा संबलपुर से ट्रेन तक कैसे पहुंच रहा है और तस्करों का नेटवर्क किस तरह काम कर रहा है। 61 किलोग्राम गांजा जैसी बड़ी खेप को रेलवे स्टेशन तक पहुंचाना और उसे लंबी दूरी की ट्रेन में लोड करना किसी संगठित नेटवर्क की ओर इशारा करता है। इस पूरे तंत्र पर विशेष निगरानी की जरूरत महसूस की जा रही है।
रांची मंडल में सख्ती, इसलिए बार-बार हो रही बरामदगी

रेलवे सूत्रों के अनुसार, तस्करों के लिए सबसे बड़ी चुनौती रांची रेल मंडल के प्रमुख स्टेशनों हटिया, रांची और मुरी को पार करना होता है। यदि किसी संदिग्ध सामान या व्यक्ति की यहां जांच से बच निकलने में सफलता मिल जाती है तो आगे के कई रेल मंडलों में उसे पकड़ पाना अपेक्षाकृत कठिन हो जाता है।


यही वजह है कि आरपीएफ और जीआरपी की टीमें यहां लगातार निगरानी रखती हैं। कई मामलों में गोपनीय सूचना के आधार पर कार्रवाई की जाती है, जबकि कई बार सीसीटीवी कैमरों की मदद से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाती है।


नए सूटकेस खरीदकर उनमें गांजा भरने, बार-बार प्लेटफॉर्म बदलने, घबराहट भरे व्यवहार या अन्य संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर भी यात्रियों को चिन्हित कर जांच की जाती है। इसी सतर्कता का परिणाम है कि गांजा तस्करी के कई बड़े मामलों का खुलासा रांची रेल मंडल में हो चुका है।
कार्रवाई में इन अधिकारियों की रही अहम भूमिका

इस सफल अभियान में इंस्पेक्टर शिशुपाल कुमार, इंस्पेक्टर लालबहादुर, एएसआई योगेंद्र कुमार, एएसआई अनिल कुमार, एएसआई अभिषेक कुमार, एजे अंसारी, आरके सिंह, हेमंत और छोटे कुमार सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
Post A Comment
  • Facebook Comment using Facebook
  • Disqus Comment using Disqus

No comments :


मिर्च मसाला

[Mirchmasala][threecolumns]

विदेश

[Videsh][twocolumns]

बिज़नेस

[Business][list]

स्पोर्ट्स

[Sports][bsummary]