ट्रक के पीछे लिखी शायरी से बना ये आइकॉनिक गाना, बाथरूम में नहाते वक्त बनाई थी धुन, 21 साल बना कल्ट क्लासिक
ट्रक के पीछे लिखी शायरी से बना ये आइकॉनिक गाना, बाथरूम में नहाते वक्त बनाई थी धुन, 21 साल बना कल्ट क्लासिक
721 मिलियन से ज्यादा व्यूज पाने वाले और 'दशक के सबसे लोकप्रिय' गानों में शुमार 2005 में आया ये गाना 21 साल बाद भी लोगों को झूमने पर मजबूर कर देता है। ...और पढ़ें
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21 साल पुराना ये गाना बन चुका है कल्ट क्लासिक/ फोटो-Instagram
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। बॉलीवुड में एक अरसे से ऐसे गाने बनते आए हैं, जिनकी धुन बजते ही लोगों के पैर खुद ब खुद थिरकने लगते हैं। 21 साल पहले एक ऐसा ही गाना रिलीज हुआ था, जिसके लिरिक्स किसी और ने नहीं, बल्कि हिंदी सिनेमा के दिग्गज लिरिसिस्ट गुलजार साहब ने लिखे थे।
लोक संगीत-कव्वाली और मॉर्डन बीट्स को मिलाकर बनाया गया ये गीत आज एक आइकॉनिक सॉन्ग बन चुका है। जिस गाने की हम बात कर रहे हैं, उसके लिरिक्स का आइडिया गुलजार साहब को ट्रक के पीछे लिखे कोट्स से मिला था।
ट्रक के पीछे लिखी शायरी से बना दिया पूरा गाना
जिस गाने का जिक्र हम इस लेख में कर रहे है, वह कोई और नहीं, बल्कि कल्ट क्लासिक सॉन्ग 'कजरारे-कजरारे' है, जो साल 2005 में रिलीज रोमांटिक कॉमेडी मूवी 'बंटी और बबली' में फिल्माया गया था। जिसमें रानी मुखर्जी मुख्य भूमिका में थी। ऐश्वर्या राय पर फिल्माया ये गाना आज भी पूरी मूवी पर भारी पड़ता है। हिंदुस्तान टाइम्स को दिए एक पुराने इंटरव्यू में खुद गुलजार साहब ने बताया था कि उन्हें इस गाने का आइडिया ट्रक पर लिखी शायरी से मिला था।
उन्होंने कहा था, "ये कविता बहुत ही बेमेल सी लगती है। यह गाना मुख्य रूप से उन लाइनों से इंस्पायर है, जो नॉर्थ इंडिया के रास्तों पर तेजी से चलने वाली ट्रकों पर लिखी होती हैं।" ट्रक पर अक्सर आंखों-कजरे और प्यार जैसे मजेदार कोट्स लिखे होते हैं और इन्हीं कुछ शब्दों को समेटकर गुलजार साहब ने 'कजरारे' जैसे शानदार गाने के लिरिक्स लिखी थी, जिसमें उन्होंने 'दिल्ली' की गलियों का भी बखूबी जिक्र किया।
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बाथरूम में नहाते वक्त धुन बना रहे थे कंपोजर
ऐश्वर्या राय-अमिताभ बच्चन और अभिषेक पर फिल्माए गए इस गाने के लिरिक्स की प्रेरणा जहां गुलजार साहब को ट्रक से मिली, तो वहीं म्यूजिक कंपोजर और सिंगर शंकर-एहसान और लॉय का धुन तैयार करने के पीछे एक मजेदार किस्सा है। शंकर महादेवन ने एक पुराने इंटरव्यू में बताया था कि जब वह बाथरूम में शावर के नीचे खड़े होकर नहा रहे थे, तो उन्हें उस समय इस गाने की धुन बनाई और तुरंत जाकर अपने साथ के लोगों को सुनाई और वह सीधा गुलजार साहब के पास गए।
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इस गाने को शंकर महादेवन- जावेद अली और अनीशा चिलाई ने मिलकर गाया था। जब यह गाना रिलीज हुआ था, उस समय पर ये BBC और इंडिया के कई म्यूजिक चार्ट्स पर सबसे ऊपर रहा था, जिसकी वजह से यह दशक का सबसे लोकप्रिय गाना बना।
721 मिलियन से ज्यादा व्यूज पाने वाले और 'दशक के सबसे लोकप्रिय' गानों में शुमार 2005 में आया ये गाना 21 साल बाद भी लोगों को झूमने पर मजबूर कर देता है। ...और पढ़ें
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21 साल पुराना ये गाना बन चुका है कल्ट क्लासिक/ फोटो-Instagram
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। बॉलीवुड में एक अरसे से ऐसे गाने बनते आए हैं, जिनकी धुन बजते ही लोगों के पैर खुद ब खुद थिरकने लगते हैं। 21 साल पहले एक ऐसा ही गाना रिलीज हुआ था, जिसके लिरिक्स किसी और ने नहीं, बल्कि हिंदी सिनेमा के दिग्गज लिरिसिस्ट गुलजार साहब ने लिखे थे।
लोक संगीत-कव्वाली और मॉर्डन बीट्स को मिलाकर बनाया गया ये गीत आज एक आइकॉनिक सॉन्ग बन चुका है। जिस गाने की हम बात कर रहे हैं, उसके लिरिक्स का आइडिया गुलजार साहब को ट्रक के पीछे लिखे कोट्स से मिला था।
ट्रक के पीछे लिखी शायरी से बना दिया पूरा गाना
जिस गाने का जिक्र हम इस लेख में कर रहे है, वह कोई और नहीं, बल्कि कल्ट क्लासिक सॉन्ग 'कजरारे-कजरारे' है, जो साल 2005 में रिलीज रोमांटिक कॉमेडी मूवी 'बंटी और बबली' में फिल्माया गया था। जिसमें रानी मुखर्जी मुख्य भूमिका में थी। ऐश्वर्या राय पर फिल्माया ये गाना आज भी पूरी मूवी पर भारी पड़ता है। हिंदुस्तान टाइम्स को दिए एक पुराने इंटरव्यू में खुद गुलजार साहब ने बताया था कि उन्हें इस गाने का आइडिया ट्रक पर लिखी शायरी से मिला था।
उन्होंने कहा था, "ये कविता बहुत ही बेमेल सी लगती है। यह गाना मुख्य रूप से उन लाइनों से इंस्पायर है, जो नॉर्थ इंडिया के रास्तों पर तेजी से चलने वाली ट्रकों पर लिखी होती हैं।" ट्रक पर अक्सर आंखों-कजरे और प्यार जैसे मजेदार कोट्स लिखे होते हैं और इन्हीं कुछ शब्दों को समेटकर गुलजार साहब ने 'कजरारे' जैसे शानदार गाने के लिरिक्स लिखी थी, जिसमें उन्होंने 'दिल्ली' की गलियों का भी बखूबी जिक्र किया।
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बाथरूम में नहाते वक्त धुन बना रहे थे कंपोजर
ऐश्वर्या राय-अमिताभ बच्चन और अभिषेक पर फिल्माए गए इस गाने के लिरिक्स की प्रेरणा जहां गुलजार साहब को ट्रक से मिली, तो वहीं म्यूजिक कंपोजर और सिंगर शंकर-एहसान और लॉय का धुन तैयार करने के पीछे एक मजेदार किस्सा है। शंकर महादेवन ने एक पुराने इंटरव्यू में बताया था कि जब वह बाथरूम में शावर के नीचे खड़े होकर नहा रहे थे, तो उन्हें उस समय इस गाने की धुन बनाई और तुरंत जाकर अपने साथ के लोगों को सुनाई और वह सीधा गुलजार साहब के पास गए।
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इस गाने को शंकर महादेवन- जावेद अली और अनीशा चिलाई ने मिलकर गाया था। जब यह गाना रिलीज हुआ था, उस समय पर ये BBC और इंडिया के कई म्यूजिक चार्ट्स पर सबसे ऊपर रहा था, जिसकी वजह से यह दशक का सबसे लोकप्रिय गाना बना।
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Mirchmasala
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