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आईसीयू में भर्ती झारखंड की 108 एंबुलेस सेवा! आधे से अधिक वाहन खराब, कर्मचारियों की सैलरी भी अटकी

आईसीयू में भर्ती झारखंड की 108 एंबुलेस सेवा! आधे से अधिक वाहन खराब, कर्मचारियों की सैलरी भी अटकी


झारखंड में 108 एंबुलेंस सेवा गंभीर संकट में है, जहाँ आधे से अधिक वाहन खराब पड़े हैं और कर्मचारियों का वेतन अप्रैल 2026 से लंबित है। इससे आपातकालीन स्व ...और पढ़ें








महीनों से कर्मचारियों का वेतन लंबित और कई वाहन खराब। जागरण


झारखंड में 108 एंबुलेंस के आधे से अधिक वाहन खराब पड़े हैं।


कर्मचारियों का वेतन अप्रैल 2026 से लंबित, आर्थिक संकट गहराया।


 झारखंड की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की लाइफलाइन मानी जाने वाली 108 एंबुलेंस सेवा इन दिनों गंभीर संकट से गुजर रही है। मानो आईसीयू में मरीज नहीं बल्कि एंबुलेंस सेवा ही भर्ती हो।

एक ओर बड़ी संख्या में एंबुलेंस खराब पड़ी है तो वहीं दूसरी ओर कर्मचारियों को कई महीनों से वेतन नहीं मिलने के कारण सेवा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे है। हालात ऐसे है कि आपातकालीन स्थिति में मरीजों तक समय पर चिकित्सा सहायता पहुंचाने में मुश्किलें आने की आशंका बढ़ गई है।


जानकारी के अनुसार, राज्य में कुल 542 एंबुलेंस है जबकि वर्तमान सेवा प्रदाता संस्था सम्मान फाउंडेशन को संचालन के लिए 496 एंबुलेंस हैंडओवर की गई थीं। कर्मचारियों का दावा है कि इनमें से 50 से 60 प्रतिशत एंबुलेंस पूरी तरह खराब स्थिति में हैं और लंबे समय से उनकी मरम्मत नहीं कराई गई है।

वहीं करीब 30 प्रतिशत वाहन केवल स्थानीय स्तर पर सीमित दूरी तक चलने योग्य है जबकि बाकी वाहनों की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। ऐसे में दूरदराज के इलाकों में रहने वाले मरीजों तक समय पर एंबुलेंस पहुंचाना बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।

अप्रैल से नहीं मिला कर्मचारियों को वेतन

एंबुलेंस चालकों और कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें 554 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मानदेय मिलता है, लेकिन अप्रैल 2026 से वेतन भुगतान लंबित है। वेतन नहीं मिलने से कर्मचारियों और उनके परिवारों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।


कर्मचारियों का कहना है कि एक ओर एंबुलेंसों की खराब स्थिति के कारण आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं, वहीं दूसरी ओर वेतन भुगतान में देरी से उनका मनोबल भी प्रभावित हो रहा है। उन्होंने सरकार से जल्द लंबित वेतन भुगतान, खराब वाहनों की मरम्मत तथा नई सेवा प्रदाता एजेंसी के चयन की प्रक्रिया में तेजी लाने की मांग की है।


स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े जानकारों का मानना है कि 108 एंबुलेंस सेवा राज्य की आपातकालीन स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ है। ऐसे में वाहनों की तकनीकी स्थिति और कर्मचारियों की समस्याओं का शीघ्र समाधान जरूरी है, ताकि मरीजों को समय पर जीवनरक्षक सेवाएं मिल सकें।
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