1 करोड़ का इनाम, गिरफ्तारी का वारंट... PoK में JAAC के 4 प्रदर्शनकारी नेताओं को क्यों खोज रहा पाकिस्तान?
1 करोड़ का इनाम, गिरफ्तारी का वारंट... PoK में JAAC के 4 प्रदर्शनकारी नेताओं को क्यों खोज रहा पाकिस्तान?
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर प्रशासन ने जॉइंट आवामी एक्शन कमिटी (JAAC) के 4 नेताओं की गिरफ्तारी पर 1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित किया है। भारत और मानव ...और पढ़ें

पाकिस्तान को इन प्रदर्शनकारी नेताओं की तलाश।
डिजिटल डेस्क, इस्लामाबाद। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर प्रशासन ने जाइंट आवामी एक्शन कमिटी (JAAC) के 4 प्रदर्शनकारी नेताओं के ऊपर इनाम की घोषणा की है। प्रशासन का कहना है कि इन प्रदर्शनकारी नेताओं की गिरफ्तारी में मदद करने वालों को एक करोड़ पाकिस्तानी रुपये दिए जाएंगे।
JAAC एक सिविल सोसाइटी अलायंस है, जिस पर पिछले हफ्ते ही पाबंदी लगाई गई थी और यह संगठन इलाके में हो रहे विरोध-प्रदर्शनों के केंद्र में रहा है। पीओके में जिन चार नेताओं पर इनाम की घोषणा की गई है उनमें शौकत नवाज मीर, उमर नजीर कश्मीरी, ख्वाजा मेहरान अरशद और सरदार अमन खान शामिल हैं।
जानकारी देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी
नोटिफिकेशन में कहा गया है, "आजाद जम्मू-कश्मीर के राष्ट्रपति ने प्रतिबंधित 'जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी' (JAAC) से जुड़े इन अपराधियों की गिरफ्तारी में मदद करने वाली जानकारी देने वाले किसी भी व्यक्ति को 1 करोड़ रुपये का इनाम देने का फैसला किया है।" इसमें यह भी कहा गया है कि जानकारी देने वालों की पहचान गुप्त रखी जाएगी।
इससे पहले पाकिस्तान ने पीओके में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की, जिसमें 100 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई और कम से कम 400 लोग घायल हो गए। इसके अलावा, सैकड़ों लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।
पीओके में क्यों हो रहा विरोध?
JAAC पीओके में सिविल सोसाइटी का एक प्रमुख संगठन है। इसने 27 जुलाई को होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले शरणार्थियों के लिए 45 में से 12 विधानसभा सीटें आरक्षित किए जाने के विरोध में प्रदर्शन का आह्वान किया था। झड़पें उस विरोध प्रदर्शन से एक दिन पहले शुरू हुईं।
अधिकारियों ने पिछले हफ्ते सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा के आधार पर JAAC पर औपचारिक रूप से प्रतिबंध लगा दिया। समूह के सदस्यों ने इसे आतंकवादी संगठन घोषित किए जाने को दमनकारी कार्रवाई बताया है।
भारत ने की कड़ी निंदा
भारत ने मंगलवार को पीओके में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पाकिस्तान की कार्रवाई की कड़ी निंदा की। नई दिल्ली ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराने की भी अपील की।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "हमें उम्मीद है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तान को उसके गलत कामों और ज्यादतियों के लिए जवाबदेह ठहराएगा।"
इसके अलावा पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग ने तथाकथित क्षेत्रीय सरकार के उस फैसले पर भी गंभीर चिंता जताई है, जिसके तहत आतंकवाद-रोधी कानून के तहत जॉइंट अवामी एक्शन कमिटी (JAAC) पर प्रतिबंध लगाया गया है। सोमवार को एचआरसीपी ने जरूरत से ज्यादा फोर्स के इस्तेमाल, आम नागरिकों और कानून लागू करने वाले अधिकारियों की मौत और संचार व्यवस्था ठप करने की कड़ी निंदा की।
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर प्रशासन ने जॉइंट आवामी एक्शन कमिटी (JAAC) के 4 नेताओं की गिरफ्तारी पर 1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित किया है। भारत और मानव ...और पढ़ें

पाकिस्तान को इन प्रदर्शनकारी नेताओं की तलाश।
डिजिटल डेस्क, इस्लामाबाद। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर प्रशासन ने जाइंट आवामी एक्शन कमिटी (JAAC) के 4 प्रदर्शनकारी नेताओं के ऊपर इनाम की घोषणा की है। प्रशासन का कहना है कि इन प्रदर्शनकारी नेताओं की गिरफ्तारी में मदद करने वालों को एक करोड़ पाकिस्तानी रुपये दिए जाएंगे।
JAAC एक सिविल सोसाइटी अलायंस है, जिस पर पिछले हफ्ते ही पाबंदी लगाई गई थी और यह संगठन इलाके में हो रहे विरोध-प्रदर्शनों के केंद्र में रहा है। पीओके में जिन चार नेताओं पर इनाम की घोषणा की गई है उनमें शौकत नवाज मीर, उमर नजीर कश्मीरी, ख्वाजा मेहरान अरशद और सरदार अमन खान शामिल हैं।
जानकारी देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी
नोटिफिकेशन में कहा गया है, "आजाद जम्मू-कश्मीर के राष्ट्रपति ने प्रतिबंधित 'जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी' (JAAC) से जुड़े इन अपराधियों की गिरफ्तारी में मदद करने वाली जानकारी देने वाले किसी भी व्यक्ति को 1 करोड़ रुपये का इनाम देने का फैसला किया है।" इसमें यह भी कहा गया है कि जानकारी देने वालों की पहचान गुप्त रखी जाएगी।
इससे पहले पाकिस्तान ने पीओके में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की, जिसमें 100 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई और कम से कम 400 लोग घायल हो गए। इसके अलावा, सैकड़ों लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।
पीओके में क्यों हो रहा विरोध?
JAAC पीओके में सिविल सोसाइटी का एक प्रमुख संगठन है। इसने 27 जुलाई को होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले शरणार्थियों के लिए 45 में से 12 विधानसभा सीटें आरक्षित किए जाने के विरोध में प्रदर्शन का आह्वान किया था। झड़पें उस विरोध प्रदर्शन से एक दिन पहले शुरू हुईं।
अधिकारियों ने पिछले हफ्ते सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा के आधार पर JAAC पर औपचारिक रूप से प्रतिबंध लगा दिया। समूह के सदस्यों ने इसे आतंकवादी संगठन घोषित किए जाने को दमनकारी कार्रवाई बताया है।
भारत ने की कड़ी निंदा
भारत ने मंगलवार को पीओके में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पाकिस्तान की कार्रवाई की कड़ी निंदा की। नई दिल्ली ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराने की भी अपील की।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "हमें उम्मीद है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तान को उसके गलत कामों और ज्यादतियों के लिए जवाबदेह ठहराएगा।"
इसके अलावा पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग ने तथाकथित क्षेत्रीय सरकार के उस फैसले पर भी गंभीर चिंता जताई है, जिसके तहत आतंकवाद-रोधी कानून के तहत जॉइंट अवामी एक्शन कमिटी (JAAC) पर प्रतिबंध लगाया गया है। सोमवार को एचआरसीपी ने जरूरत से ज्यादा फोर्स के इस्तेमाल, आम नागरिकों और कानून लागू करने वाले अधिकारियों की मौत और संचार व्यवस्था ठप करने की कड़ी निंदा की।
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