रियलिटी शोज करने से Pooja Gor क्यों करती हैं परहेज, बोलीं- 'मैं ऐसा कोई काम नहीं करती जो...'
रियलिटी शोज करने से Pooja Gor क्यों करती हैं परहेज, बोलीं- 'मैं ऐसा कोई काम नहीं करती जो...'
अभिनेत्री पूजा गौर ने सशक्त किरदारों को निभाने और टाइपकास्ट होने से न डरने के बारे में बात की है, साथ ही माध्यम की परवाह किए बिना अच्छी कहानियों को चु ...और पढ़ें
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गन्स एंड गुलाब्स (Guns& Gulaabs), आईसी 814 : द कंधार हाइजैक, द वर्डिक्ट : स्टेट वर्सेस नानावटी जैसी वेब सीरीज कर चुकी पूजा हाल ही में लुटेरी दुल्हन सीरीज में पुलिस अफसर के रोल में दिखी हैं। शुरुआत से ही सशक्त रोल करती आ रही एक्ट्रेस से हमने बात की। पढ़िए इस बातचीत के कुछ अंश।
क्या लगातार सशक्त रोल उन्हें बाक्स में फिट कर रहे हैं?
इस पर पूजा कहती हैं कि मैं टाइपकास्ट होने से डरती नहीं हूं। इसका कारण यह है कि अगर फिल्मकार आप पर भरोसा कर रहे हैं कि आप एक तरह का पात्र निभा सकती हैं, तो उसे उसी शिद्दत के साथ करना चाहिए। जिस रोल के लिए सामने से आफर आता है और वह रोल अच्छा है, तो कर लेती हूं। बाकी जहां तक सशक्त किरदारों की बात है, तो उनमें भी कई परतें होती हैं। जैसे पुलिस अफसर या वकील का रोल हो, वह न्याय से जुड़े होते हैं, उन्हें सही के लिए लड़ना होता है, लेकिन उन सशक्त महिलाओं की अपनी जिंदगी भी होती है, जिससे वह अपनी तरह से निपटती हैं।
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पुरुष प्रधान समाज में अपने लिए जगह बनाती हैं। यह सब परिस्थितियां हर किरदार के लिए अलग हो सकती हैं। मुझे ऐसे रोल पसंद हैं। निर्माता- निर्देशकों का यही भरोसा मुझे अलग-अलग रोल करने का मौका दे रहा है। हालांकि ऐसा नहीं है कि सभी कहानियां ऐसी ही आती हैं, कई बार ना भी कहना पड़ता है, लेकिन जब मौका मिलता है, तो मैं उसे हाथ से जाने नहीं देती हूं।
तो क्या आगे पूजा केवल ओटीटी पर ही काम करेंगी?
इस पर वह कहती हैं कि मुझे माध्यम से फर्क नहीं पड़ता है। मुझे केवल अपनी कला दिखाना है। मैं खुद को किसी सीमा में नहीं बांधा है कि टीवी पर काम नहीं करना है। कहानियां जहां आकर्षित करेंगी, मैं काम करूंगी। मुझे व्यस्त रहना पसंद है। मैं महीने के 25 से 28 दिन काम करना करती हूं, वर्कोहोलिक हूं। कुछ रियलिटी शो करने के बाद पूजा ने उससे दूरी बना ली है। वह कहती हैं कि मैं उन प्रोजेक्ट का हिस्सा बनती हूं, जो बतौर दर्शक मुझे देखना पसंद है। मैं रियलिटी शो बहुत देखती भी नहीं हूं, तो पता नहीं है कि कौन से शोज चल रहे हैं।
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मेरे लिए मनोरंजन के मायने बहुत अलग हैं। रियलिटी शो मुझे समझ नहीं आता है। उसमें ड्रामा, मतभेद होते हैं, मिर्च-मसाला होता है। उस तरह का मनोरंजन देने के लिए कई तरह की प्रतिभा होनी चाहिए, जो मुझमें नहीं है। आगे गन्स और गुलाब्स के दूसरे सीजन को लेकर पूजा कहती हैं कि इसके बारे में राज (निदिमोरु) एंड (कृष्णा) डीके सर ही बेहतर बता पाएंगे। दूसरे सीजन की घोषणा हुई तो है, लेकिन वह कब तक आएगा, उसको लेकर जानकारी नहीं है।
अभिनेत्री पूजा गौर ने सशक्त किरदारों को निभाने और टाइपकास्ट होने से न डरने के बारे में बात की है, साथ ही माध्यम की परवाह किए बिना अच्छी कहानियों को चु ...और पढ़ें
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गन्स एंड गुलाब्स (Guns& Gulaabs), आईसी 814 : द कंधार हाइजैक, द वर्डिक्ट : स्टेट वर्सेस नानावटी जैसी वेब सीरीज कर चुकी पूजा हाल ही में लुटेरी दुल्हन सीरीज में पुलिस अफसर के रोल में दिखी हैं। शुरुआत से ही सशक्त रोल करती आ रही एक्ट्रेस से हमने बात की। पढ़िए इस बातचीत के कुछ अंश।
क्या लगातार सशक्त रोल उन्हें बाक्स में फिट कर रहे हैं?
इस पर पूजा कहती हैं कि मैं टाइपकास्ट होने से डरती नहीं हूं। इसका कारण यह है कि अगर फिल्मकार आप पर भरोसा कर रहे हैं कि आप एक तरह का पात्र निभा सकती हैं, तो उसे उसी शिद्दत के साथ करना चाहिए। जिस रोल के लिए सामने से आफर आता है और वह रोल अच्छा है, तो कर लेती हूं। बाकी जहां तक सशक्त किरदारों की बात है, तो उनमें भी कई परतें होती हैं। जैसे पुलिस अफसर या वकील का रोल हो, वह न्याय से जुड़े होते हैं, उन्हें सही के लिए लड़ना होता है, लेकिन उन सशक्त महिलाओं की अपनी जिंदगी भी होती है, जिससे वह अपनी तरह से निपटती हैं।
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पुरुष प्रधान समाज में अपने लिए जगह बनाती हैं। यह सब परिस्थितियां हर किरदार के लिए अलग हो सकती हैं। मुझे ऐसे रोल पसंद हैं। निर्माता- निर्देशकों का यही भरोसा मुझे अलग-अलग रोल करने का मौका दे रहा है। हालांकि ऐसा नहीं है कि सभी कहानियां ऐसी ही आती हैं, कई बार ना भी कहना पड़ता है, लेकिन जब मौका मिलता है, तो मैं उसे हाथ से जाने नहीं देती हूं।
तो क्या आगे पूजा केवल ओटीटी पर ही काम करेंगी?
इस पर वह कहती हैं कि मुझे माध्यम से फर्क नहीं पड़ता है। मुझे केवल अपनी कला दिखाना है। मैं खुद को किसी सीमा में नहीं बांधा है कि टीवी पर काम नहीं करना है। कहानियां जहां आकर्षित करेंगी, मैं काम करूंगी। मुझे व्यस्त रहना पसंद है। मैं महीने के 25 से 28 दिन काम करना करती हूं, वर्कोहोलिक हूं। कुछ रियलिटी शो करने के बाद पूजा ने उससे दूरी बना ली है। वह कहती हैं कि मैं उन प्रोजेक्ट का हिस्सा बनती हूं, जो बतौर दर्शक मुझे देखना पसंद है। मैं रियलिटी शो बहुत देखती भी नहीं हूं, तो पता नहीं है कि कौन से शोज चल रहे हैं।
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मेरे लिए मनोरंजन के मायने बहुत अलग हैं। रियलिटी शो मुझे समझ नहीं आता है। उसमें ड्रामा, मतभेद होते हैं, मिर्च-मसाला होता है। उस तरह का मनोरंजन देने के लिए कई तरह की प्रतिभा होनी चाहिए, जो मुझमें नहीं है। आगे गन्स और गुलाब्स के दूसरे सीजन को लेकर पूजा कहती हैं कि इसके बारे में राज (निदिमोरु) एंड (कृष्णा) डीके सर ही बेहतर बता पाएंगे। दूसरे सीजन की घोषणा हुई तो है, लेकिन वह कब तक आएगा, उसको लेकर जानकारी नहीं है।
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Mirchmasala
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