'वे हमारे बीच घूम रहे हैं', व्हाइट हाउस ने प्रवासियों पर नजर रखने के लिए लॉन्च की एलियन-थीम वाली अनोखी वेबसाइट
वे हमारे बीच घूम रहे हैं', व्हाइट हाउस ने प्रवासियों पर नजर रखने के लिए लॉन्च की एलियन-थीम वाली अनोखी वेबसाइट
ट्रंप प्रशासन ने अवैध प्रवासियों पर नजर रखने के लिए 'Aliens.gov' नामक एक अनोखी वेबसाइट लॉन्च की है, जिसकी थीम एलियंस पर आधारित है। ...और पढ़ें

व्हाइट हाउस ने प्रवासियों पर नजर रखने के लिए लॉन्च की वेबसाइट(फोटो: सोशल मीडिया)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के प्रशासन ने अवैध प्रवासियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बेहद अजीब और अनोखी वेबसाइट लॉन्च की है। इस वेबसाइट की थीम अंतरिक्ष और एलियंस पर आधारित है, जिसका मकसद अमेरिका में बिना कानूनी दस्तावेजों के रह रहे लोगों की गिरफ्तारी को दिखाना है।
गुरुवार को शुरू हुई इस वेबसाइट का डिजाइन किसी साइंस-फिक्शन फिल्म की तरह है, जिसमें तारों और आकाशगंगाओं की पृष्ठभूमि पर नियॉन-हरे रंग के तैरते हुए अक्षर दिखाई देते हैं। वेबसाइट खोलते ही सबसे पहले स्क्रीन पर संदेश चमकता है, वे हमारे बीच घूम रहे हैं, जो कि बिना दस्तावेजों के रह रहे उन प्रवासियों की तरफ इशारा है जिन्हें ट्रंप प्रशासन बार-बार एलियंस कहकर संबोधित करता रहा है।
गहरा राज छिपाकर रखा था एलियंस: अमेरिका
'Aliens.gov' नाम के डोमेन के तहत बनाई गई यह वेबसाइट राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के कड़े इमिग्रेशन अभियान का हिस्सा है, जिसके जरिए अमेरिकी इमिग्रेशन और सीमा शुल्क प्रवर्तन (ICE) द्वारा की गई गिरफ्तारियों को प्रदर्शित किया जा रहा है। वेबसाइट पर लिखा गया है कि पिछले 60 सालों से अमेरिकी सरकार ने एक गहरा राज छिपाकर रखा था कि एलियंस हमारे बीच घूम रहे हैं, हमारे पड़ोस में रह रहे हैं और हमारे दैनिक जीवन में हमसे मिल रहे हैं।
इसके आगे वेबसाइट पर बेहद कड़े शब्दों में लिखा गया है कि बस एक ही अंतर है, वे यहां के नहीं हैं। इस प्लेटफॉर्म पर देश भर में प्रवासियों की धरपकड़ और गिरफ्तारियों को ट्रैक करने वाला एक लाइव काउंटर भी लगाया गया है, जिसने गुरुवार शाम तक 31 लाख से अधिक मामलों का आंकड़ा दिखाया, हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि यह आंकड़ा कितने समय का है।
इमिग्रेंट्स अरेस्ट ट्रैकिंग मैप
व्हाइट हाउस इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के एजेंडे को बढ़ावा देने के लिए भी कर रहा है। वेबसाइट पर डोनल्ड ट्रंप को ऐसा पहला नेता बताया गया है जिसने अमेरिकी नागरिकों को अवैध प्रवासियों से होने वाले कथित खतरों के प्रति सचेत किया था।
साइट पर लिखा गया है कि राष्ट्रपति ट्रंप पहले व्यक्ति थे जिन्होंने उस असली खतरे को पहचाना जो ये एलियंस हर अमेरिकी परिवार, समुदाय और देश के भविष्य के लिए पैदा करते हैं। इस वेबसाइट की सबसे खास बात इसका एक इंटरैक्टिव डिजिटल नक्शा है, जो पूरे अमेरिका में प्रवासियों की गिरफ्तारी की लाइव लोकेशन दिखाता है।
इस नक्शे के जरिए कोई भी यूजर किसी भी राज्य या शहर को सर्च करके वहां हुई गिरफ्तारियों की पूरी जानकारी देख सकता है। इसमें पकड़े गए लोगों के मूल देश, उन पर लगे आपराधिक आरोप या उनके किसी गैंग से जुड़े होने की जानकारी शामिल है। इसके अलावा वेबसाइट पर आम जनता के लिए एक रिपोर्टिंग फॉर्म भी दिया गया है, जिसके जरिए प्रशासन लोगों को अपने आसपास दिखने वाले संदिग्ध एलियंस की जानकारी देने के लिए उकसा रहा है।
वेबसाइट पर देश भर की आव्रजन कार्रवाई से जुड़े हजारों पन्नों के रिकॉर्ड और डेटा भी अपलोड किए गए हैं। व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने फॉक्स न्यूज को बताया कि इस अनूठे प्रयास का मकसद आम जनता का ध्यान इस बात पर खींचना है कि पिछली सरकार की ढीली सीमाओं के कारण पूरा देश खतरे में पड़ गया था।
उड़ती रही एलियंस की अफवाह
इस वेबसाइट के लॉन्च होने से पहले व्हाइट हाउस ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक टीजर वीडियो जारी किया था। इस वीडियो में एक सर्चलाइट को खेतों में बने अजीब निशानों पर लोडिंग शब्द ढूंढते हुए दिखाया गया था, जिससे इंटरनेट पर भारी सस्पेंस बन गया था।
दरअसल, कुछ महीने पहले जब प्रशासन ने गुपचुप तरीके से 'Aliens.gov' और 'Alien.gov' डोमेन रजिस्टर कराए थे, तब लोग कयास लगा रहे थे कि शायद सरकार यूएफओ (UFO) और दूसरे ग्रहों के एलियंस से जुड़े खुफिया दस्तावेजों को सार्वजनिक करने जा रही है। लेकिन अब साफ हो गया है कि यह सब प्रवासियों के खिलाफ एक अभियान का हिस्सा था।
वेबसाइट की हो रही कड़ी आलोचना
इस बीच, प्रवासियों के अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठनों और नागरिक स्वतंत्रता समूहों ने इस वेबसाइट की कड़ी आलोचना शुरू कर दी है। उनका कहना है कि वेबसाइट पर इस्तेमाल की गई भाषा प्रवासियों को इंसानों के बजाय एलियंस की तरह पेश करती है, जो बेहद अमानवीय है और इससे समाज में प्रवासियों के प्रति नफरत और शक की भावना बढ़ेगी।
अमेरिका के कई शहरों में इस समय सामूहिक गिरफ्तारियों और डिपोर्टेशन के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं। मानवाधिकार संगठनों ने डिटेंशन सेंटरों में क्षमता से अधिक लोगों के भरे होने और खराब चिकित्सा व्यवस्था पर भी चिंता जताई है, जहां इस साल जनवरी तक लगभग 73,000 लोग बंद थे। इन तमाम आलोचनाओं के बावजूद ट्रंप प्रशासन अपने फैसले पर अड़ा हुआ है और उसका कहना है कि सीमाओं को सुरक्षित रखने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए यह वेबसाइट बहुत जरूरी है।
ट्रंप प्रशासन ने अवैध प्रवासियों पर नजर रखने के लिए 'Aliens.gov' नामक एक अनोखी वेबसाइट लॉन्च की है, जिसकी थीम एलियंस पर आधारित है। ...और पढ़ें

व्हाइट हाउस ने प्रवासियों पर नजर रखने के लिए लॉन्च की वेबसाइट(फोटो: सोशल मीडिया)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के प्रशासन ने अवैध प्रवासियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बेहद अजीब और अनोखी वेबसाइट लॉन्च की है। इस वेबसाइट की थीम अंतरिक्ष और एलियंस पर आधारित है, जिसका मकसद अमेरिका में बिना कानूनी दस्तावेजों के रह रहे लोगों की गिरफ्तारी को दिखाना है।
गुरुवार को शुरू हुई इस वेबसाइट का डिजाइन किसी साइंस-फिक्शन फिल्म की तरह है, जिसमें तारों और आकाशगंगाओं की पृष्ठभूमि पर नियॉन-हरे रंग के तैरते हुए अक्षर दिखाई देते हैं। वेबसाइट खोलते ही सबसे पहले स्क्रीन पर संदेश चमकता है, वे हमारे बीच घूम रहे हैं, जो कि बिना दस्तावेजों के रह रहे उन प्रवासियों की तरफ इशारा है जिन्हें ट्रंप प्रशासन बार-बार एलियंस कहकर संबोधित करता रहा है।
गहरा राज छिपाकर रखा था एलियंस: अमेरिका
'Aliens.gov' नाम के डोमेन के तहत बनाई गई यह वेबसाइट राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के कड़े इमिग्रेशन अभियान का हिस्सा है, जिसके जरिए अमेरिकी इमिग्रेशन और सीमा शुल्क प्रवर्तन (ICE) द्वारा की गई गिरफ्तारियों को प्रदर्शित किया जा रहा है। वेबसाइट पर लिखा गया है कि पिछले 60 सालों से अमेरिकी सरकार ने एक गहरा राज छिपाकर रखा था कि एलियंस हमारे बीच घूम रहे हैं, हमारे पड़ोस में रह रहे हैं और हमारे दैनिक जीवन में हमसे मिल रहे हैं।
इसके आगे वेबसाइट पर बेहद कड़े शब्दों में लिखा गया है कि बस एक ही अंतर है, वे यहां के नहीं हैं। इस प्लेटफॉर्म पर देश भर में प्रवासियों की धरपकड़ और गिरफ्तारियों को ट्रैक करने वाला एक लाइव काउंटर भी लगाया गया है, जिसने गुरुवार शाम तक 31 लाख से अधिक मामलों का आंकड़ा दिखाया, हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि यह आंकड़ा कितने समय का है।
इमिग्रेंट्स अरेस्ट ट्रैकिंग मैप
व्हाइट हाउस इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के एजेंडे को बढ़ावा देने के लिए भी कर रहा है। वेबसाइट पर डोनल्ड ट्रंप को ऐसा पहला नेता बताया गया है जिसने अमेरिकी नागरिकों को अवैध प्रवासियों से होने वाले कथित खतरों के प्रति सचेत किया था।
साइट पर लिखा गया है कि राष्ट्रपति ट्रंप पहले व्यक्ति थे जिन्होंने उस असली खतरे को पहचाना जो ये एलियंस हर अमेरिकी परिवार, समुदाय और देश के भविष्य के लिए पैदा करते हैं। इस वेबसाइट की सबसे खास बात इसका एक इंटरैक्टिव डिजिटल नक्शा है, जो पूरे अमेरिका में प्रवासियों की गिरफ्तारी की लाइव लोकेशन दिखाता है।
इस नक्शे के जरिए कोई भी यूजर किसी भी राज्य या शहर को सर्च करके वहां हुई गिरफ्तारियों की पूरी जानकारी देख सकता है। इसमें पकड़े गए लोगों के मूल देश, उन पर लगे आपराधिक आरोप या उनके किसी गैंग से जुड़े होने की जानकारी शामिल है। इसके अलावा वेबसाइट पर आम जनता के लिए एक रिपोर्टिंग फॉर्म भी दिया गया है, जिसके जरिए प्रशासन लोगों को अपने आसपास दिखने वाले संदिग्ध एलियंस की जानकारी देने के लिए उकसा रहा है।
वेबसाइट पर देश भर की आव्रजन कार्रवाई से जुड़े हजारों पन्नों के रिकॉर्ड और डेटा भी अपलोड किए गए हैं। व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने फॉक्स न्यूज को बताया कि इस अनूठे प्रयास का मकसद आम जनता का ध्यान इस बात पर खींचना है कि पिछली सरकार की ढीली सीमाओं के कारण पूरा देश खतरे में पड़ गया था।
उड़ती रही एलियंस की अफवाह
इस वेबसाइट के लॉन्च होने से पहले व्हाइट हाउस ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक टीजर वीडियो जारी किया था। इस वीडियो में एक सर्चलाइट को खेतों में बने अजीब निशानों पर लोडिंग शब्द ढूंढते हुए दिखाया गया था, जिससे इंटरनेट पर भारी सस्पेंस बन गया था।
दरअसल, कुछ महीने पहले जब प्रशासन ने गुपचुप तरीके से 'Aliens.gov' और 'Alien.gov' डोमेन रजिस्टर कराए थे, तब लोग कयास लगा रहे थे कि शायद सरकार यूएफओ (UFO) और दूसरे ग्रहों के एलियंस से जुड़े खुफिया दस्तावेजों को सार्वजनिक करने जा रही है। लेकिन अब साफ हो गया है कि यह सब प्रवासियों के खिलाफ एक अभियान का हिस्सा था।
वेबसाइट की हो रही कड़ी आलोचना
इस बीच, प्रवासियों के अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठनों और नागरिक स्वतंत्रता समूहों ने इस वेबसाइट की कड़ी आलोचना शुरू कर दी है। उनका कहना है कि वेबसाइट पर इस्तेमाल की गई भाषा प्रवासियों को इंसानों के बजाय एलियंस की तरह पेश करती है, जो बेहद अमानवीय है और इससे समाज में प्रवासियों के प्रति नफरत और शक की भावना बढ़ेगी।
अमेरिका के कई शहरों में इस समय सामूहिक गिरफ्तारियों और डिपोर्टेशन के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं। मानवाधिकार संगठनों ने डिटेंशन सेंटरों में क्षमता से अधिक लोगों के भरे होने और खराब चिकित्सा व्यवस्था पर भी चिंता जताई है, जहां इस साल जनवरी तक लगभग 73,000 लोग बंद थे। इन तमाम आलोचनाओं के बावजूद ट्रंप प्रशासन अपने फैसले पर अड़ा हुआ है और उसका कहना है कि सीमाओं को सुरक्षित रखने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए यह वेबसाइट बहुत जरूरी है।
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