पासपोर्ट बनवाने के लिए नहीं लगाने पड़ेंगे दफ्तर के चक्कर, रांची में शुरू हुई मोबाइल पासपोर्ट वैन सेवा
पासपोर्ट बनवाने के लिए नहीं लगाने पड़ेंगे दफ्तर के चक्कर, रांची में शुरू हुई मोबाइल पासपोर्ट वैन सेवा
रांची में मोबाइल पासपोर्ट वैन सेवा शुरू की गई है, जिससे लोगों को पासपोर्ट बनवाने के लिए कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। ...और पढ़ें
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पासपोर्ट बनवाने के लिए अब लोगों को बार-बार पासपोर्ट सेवा केंद्र या क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। पासपोर्ट सेवा को और अधिक आसान और लोगों के नजदीक पहुंचाने के उद्देश्य से मोबाइल पासपोर्ट वैन सेवा शुरू की गई है।
इस सेवा के तहत पासपोर्ट कार्यालय की टीम निर्धारित स्थान पर पहुंचकर लोगों की आवेदन प्रक्रिया पूरी करेगी। इससे खासकर दूरदराज क्षेत्रों, संस्थानों और सामूहिक आवेदन करने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलने वाली है।
नई व्यवस्था के तहत कोई भी संस्था, शैक्षणिक संस्थान, औद्योगिक इकाई, सरकारी कार्यालय, सामाजिक संगठन या समिति इस सुविधा का लाभ ले सकती है।
इसके लिए कम से कम 50 ऐसे लोगों का समूह होना जरूरी है, जिनका पासपोर्ट बनाया जाना हो। निर्धारित संख्या पूरी होने पर पासपोर्ट कार्यालय की मोबाइल वैन संबंधित स्थल पर पहुंचकर आवेदन, दस्तावेज सत्यापन और बायोमेट्रिक प्रक्रिया पूरी करेगी।
क्षेत्रीय पासपोर्ट पदाधिकारी रांची की मनिता के बताती हैं कि इस सुविधा के लिए किसी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। आवेदकों को सिर्फ सामान्य पासपोर्ट शुल्क ही देना होगा। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद पासपोर्ट सामान्य प्रक्रिया के तहत तैयार होगा और डाक के माध्यम से सीधे आवेदक के घर तक पहुंचाया जाएगा।
दूरदराज क्षेत्रों के लोगों को होगी सबसे अधिक राहत
झारखंड जैसे राज्य में यह सुविधा काफी उपयोगी मानी जा रही है, जहां कई जिलों और प्रखंडों के लोगों को पासपोर्ट बनवाने के लिए रांची या जमशेदपुर तक आना पड़ता है। कई बार दस्तावेजों में त्रुटि या बायोमेट्रिक प्रक्रिया के कारण लोगों को दोबारा आना पड़ता है, जिससे समय और पैसे दोनों की अतिरिक्त खर्च होती है।
मोबाइल वैन सेवा शुरू होने से छात्रों, नौकरीपेशा लोगों, मजदूरों और विदेश जाने की तैयारी कर रहे युवाओं को बड़ी सहूलियत मिलेगी। मालूम हो कि खाड़ी देशों, यूरोप और अन्य देशों में रोजगार के लिए जाने वाले झारखंड के युवाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है।
इसके अलावा उच्च शिक्षा, चिकित्सा और पर्यटन के लिए भी पासपोर्ट की मांग तेजी से बढ़ी है। ऐसे में यह सेवा पासपोर्ट प्रक्रिया को अधिक सुलभ बनाने में मददगार होगी। पासपोर्ट अधिकारियों का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों तक सेवा पहुंचाना और पासपोर्ट प्रक्रिया को सरल बनाना है। आने वाले समय में राज्य के अन्य जिलों में भी इस सुविधा का विस्तार किए जाने की तैयारी की जा रही है।
रांची में मोबाइल पासपोर्ट वैन सेवा शुरू की गई है, जिससे लोगों को पासपोर्ट बनवाने के लिए कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। ...और पढ़ें
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पासपोर्ट बनवाने के लिए अब लोगों को बार-बार पासपोर्ट सेवा केंद्र या क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। पासपोर्ट सेवा को और अधिक आसान और लोगों के नजदीक पहुंचाने के उद्देश्य से मोबाइल पासपोर्ट वैन सेवा शुरू की गई है।
इस सेवा के तहत पासपोर्ट कार्यालय की टीम निर्धारित स्थान पर पहुंचकर लोगों की आवेदन प्रक्रिया पूरी करेगी। इससे खासकर दूरदराज क्षेत्रों, संस्थानों और सामूहिक आवेदन करने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलने वाली है।
नई व्यवस्था के तहत कोई भी संस्था, शैक्षणिक संस्थान, औद्योगिक इकाई, सरकारी कार्यालय, सामाजिक संगठन या समिति इस सुविधा का लाभ ले सकती है।
इसके लिए कम से कम 50 ऐसे लोगों का समूह होना जरूरी है, जिनका पासपोर्ट बनाया जाना हो। निर्धारित संख्या पूरी होने पर पासपोर्ट कार्यालय की मोबाइल वैन संबंधित स्थल पर पहुंचकर आवेदन, दस्तावेज सत्यापन और बायोमेट्रिक प्रक्रिया पूरी करेगी।
क्षेत्रीय पासपोर्ट पदाधिकारी रांची की मनिता के बताती हैं कि इस सुविधा के लिए किसी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। आवेदकों को सिर्फ सामान्य पासपोर्ट शुल्क ही देना होगा। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद पासपोर्ट सामान्य प्रक्रिया के तहत तैयार होगा और डाक के माध्यम से सीधे आवेदक के घर तक पहुंचाया जाएगा।
दूरदराज क्षेत्रों के लोगों को होगी सबसे अधिक राहत
झारखंड जैसे राज्य में यह सुविधा काफी उपयोगी मानी जा रही है, जहां कई जिलों और प्रखंडों के लोगों को पासपोर्ट बनवाने के लिए रांची या जमशेदपुर तक आना पड़ता है। कई बार दस्तावेजों में त्रुटि या बायोमेट्रिक प्रक्रिया के कारण लोगों को दोबारा आना पड़ता है, जिससे समय और पैसे दोनों की अतिरिक्त खर्च होती है।
मोबाइल वैन सेवा शुरू होने से छात्रों, नौकरीपेशा लोगों, मजदूरों और विदेश जाने की तैयारी कर रहे युवाओं को बड़ी सहूलियत मिलेगी। मालूम हो कि खाड़ी देशों, यूरोप और अन्य देशों में रोजगार के लिए जाने वाले झारखंड के युवाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है।
इसके अलावा उच्च शिक्षा, चिकित्सा और पर्यटन के लिए भी पासपोर्ट की मांग तेजी से बढ़ी है। ऐसे में यह सेवा पासपोर्ट प्रक्रिया को अधिक सुलभ बनाने में मददगार होगी। पासपोर्ट अधिकारियों का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों तक सेवा पहुंचाना और पासपोर्ट प्रक्रिया को सरल बनाना है। आने वाले समय में राज्य के अन्य जिलों में भी इस सुविधा का विस्तार किए जाने की तैयारी की जा रही है।
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