दिल्ली के काम आई मिलर की वापसी, पंजाब को हराकर तीन टीमों की बढ़ाई मुश्किलें
दिल्ली के काम आई मिलर की वापसी, पंजाब को हराकर तीन टीमों की बढ़ाई मुश्किलें
डेविड मिलर की वापसी और शानदार 51 रनों की पारी की बदौलत दिल्ली कैपिटल्स ने पंजाब किंग्स को 211 रनों का विशाल लक्ष्य पीछा करते हुए हराया। ...और पढ़ें

जब टीम मैच विनर खिलाड़ी को बाहर करती है तो जीत उसके हाथों से फिसलने लगती है और जब वह खिलाड़ी वापस आता है तो सब कुछ बदल जाता है। कुछ ऐसा ही दिल्ली कैपिटल्स के साथ हो रहा था। पथुम निसंका, ट्रिस्टन स्टब्स, लुंगी नगिदी और मिशेल स्टार्क को खिलाने के कारण कप्तान अक्षर पटेल पिछले तीन मैचों से डेविड मिलर को अंतिम एकादश में नहीं रख रहे थे क्योंकि आईपीएल में एक टीम चार ही विदेशी खिलाड़ी उतार सकती है।
पिछले तीन मैचों में से दो में दिल्ली को बुरी तरह हार मिली। इसके बाद दिल्ली के टीम प्रबंधन ने धर्मशाला में पंजाब किंग्स के खिलाफ मैच में ओपनर निसंका की जगह मध्यक्रम के मिलर को मौका दिया।
मिलर ने छठे नंबर पर उतरते हुए 51 रनों की ऐसी शानदार पारी खेली जिससे एक समय हार की कगार पर पहुंच गई दिल्ली ने लक्ष्य का पीछा करते हुए अपनी दूसरी सबसे बड़ी जीत हासिल की। 33 रनों पर तीन विकेट गंवाने वाली दिल्ली ने 19वें ओवर में ही पंजाब किंग्स को तीन विकेट से हरा दिया। एक समय असंभव से दिख रहे 211 रनों के लक्ष्य को मिलर और अक्षर ने संभव कर दिखाया। दोनों के बीच पांचवें विकेट के लिए 64 रनों की साझेदारी हुई।
अक्षर ने भी शानदार अर्धशतक लगाया। 2025 के बाद दिल्ली के लिए पहला मैच खेल रहे माधव तिवारी ने भी गेंदबाजी के साथ बल्लेबाजी में कमाल किया। उन्होंने दो विकेट लेने के साथ आठ गेंद पर नाबाद 18 रन बनाकर जीत में अहम योगदान दिया और इंपैक्ट प्लेयर आशुतोष के तो कहने ही क्या। उनकी 10 गेंद पर 24 रन की पारी ने असली इंपैक्ट डाल दिया।
श्रेयस की खराब रणनीति
पिछली बार की उप-विजेता पंजाब ने पहले खेलते हुए 20 ओवर में 210 रन बनाए। दिल्ली की जीत ने उसकी प्लेआफ की राह कठिन कर दी है। पंजाब की इस सत्र में यह लगातार चौथी हार है और उसे अब बचे तीनों मैच जीतने होंगे।
हालांकि दिल्ली की प्लेआफ में पहुंचने की संभावना न के बराबर है। इस हार में पंजाब के कप्तान श्रेयस की खराब रणनीति का भी बहुत योगदान रहा।
उन्होंने विकेट टेकर स्पिनर युजवेंद्रा सिंह चहल से कोई ओवर नहीं कराया। विकेट लेने के चक्कर में उन्होंने अपने मुख्य तेज गेंदबाजों मार्को जेनसेन और अर्शदीप के ओवर 16 ओवर तक ही पूरे करवा दिए। जिसके कारण डेथ ओवर में बेन ड्वारशुइस, स्टोइनिस और यश ठाकुर को ओवर देने पड़े जिनको कूटना काफी आसान काम था। दोनों टीमों ने यहां पर स्पिनरों से एक भी ओवर नहीं कराया।
प्रियांश की शानदार बल्लेबाजी
दिल्ली ने टॉस जीतकर पंजाब को बल्लेबाजी के लिए बुलाया तो प्रियांश ने चौकों-छक्कों की बारिश कर दी। उनके 56 और अय्यर के 59 रनों की बदौलत पंजाब ने 200 का आंकड़ा पार किया। हालांकि तेज शुरुआत के बाद पंजाब ने अपेक्षाकृत धीमी बल्लेबाजी की। प्रियांश और प्रभसिमरन ने पहले विकेट के लिए 78 रन जोड़े। पंजाब किंग्स ने पावर प्ले में बिना विकेट खोए 72 रन बनाए तो ऐसा लग रहा था कि टीम 230 के पार पहुंचेगी लेकिन ऐसा हो नहीं सका।
डेविड मिलर की वापसी और शानदार 51 रनों की पारी की बदौलत दिल्ली कैपिटल्स ने पंजाब किंग्स को 211 रनों का विशाल लक्ष्य पीछा करते हुए हराया। ...और पढ़ें

जब टीम मैच विनर खिलाड़ी को बाहर करती है तो जीत उसके हाथों से फिसलने लगती है और जब वह खिलाड़ी वापस आता है तो सब कुछ बदल जाता है। कुछ ऐसा ही दिल्ली कैपिटल्स के साथ हो रहा था। पथुम निसंका, ट्रिस्टन स्टब्स, लुंगी नगिदी और मिशेल स्टार्क को खिलाने के कारण कप्तान अक्षर पटेल पिछले तीन मैचों से डेविड मिलर को अंतिम एकादश में नहीं रख रहे थे क्योंकि आईपीएल में एक टीम चार ही विदेशी खिलाड़ी उतार सकती है।
पिछले तीन मैचों में से दो में दिल्ली को बुरी तरह हार मिली। इसके बाद दिल्ली के टीम प्रबंधन ने धर्मशाला में पंजाब किंग्स के खिलाफ मैच में ओपनर निसंका की जगह मध्यक्रम के मिलर को मौका दिया।
मिलर ने छठे नंबर पर उतरते हुए 51 रनों की ऐसी शानदार पारी खेली जिससे एक समय हार की कगार पर पहुंच गई दिल्ली ने लक्ष्य का पीछा करते हुए अपनी दूसरी सबसे बड़ी जीत हासिल की। 33 रनों पर तीन विकेट गंवाने वाली दिल्ली ने 19वें ओवर में ही पंजाब किंग्स को तीन विकेट से हरा दिया। एक समय असंभव से दिख रहे 211 रनों के लक्ष्य को मिलर और अक्षर ने संभव कर दिखाया। दोनों के बीच पांचवें विकेट के लिए 64 रनों की साझेदारी हुई।
अक्षर ने भी शानदार अर्धशतक लगाया। 2025 के बाद दिल्ली के लिए पहला मैच खेल रहे माधव तिवारी ने भी गेंदबाजी के साथ बल्लेबाजी में कमाल किया। उन्होंने दो विकेट लेने के साथ आठ गेंद पर नाबाद 18 रन बनाकर जीत में अहम योगदान दिया और इंपैक्ट प्लेयर आशुतोष के तो कहने ही क्या। उनकी 10 गेंद पर 24 रन की पारी ने असली इंपैक्ट डाल दिया।
श्रेयस की खराब रणनीति
पिछली बार की उप-विजेता पंजाब ने पहले खेलते हुए 20 ओवर में 210 रन बनाए। दिल्ली की जीत ने उसकी प्लेआफ की राह कठिन कर दी है। पंजाब की इस सत्र में यह लगातार चौथी हार है और उसे अब बचे तीनों मैच जीतने होंगे।
हालांकि दिल्ली की प्लेआफ में पहुंचने की संभावना न के बराबर है। इस हार में पंजाब के कप्तान श्रेयस की खराब रणनीति का भी बहुत योगदान रहा।
उन्होंने विकेट टेकर स्पिनर युजवेंद्रा सिंह चहल से कोई ओवर नहीं कराया। विकेट लेने के चक्कर में उन्होंने अपने मुख्य तेज गेंदबाजों मार्को जेनसेन और अर्शदीप के ओवर 16 ओवर तक ही पूरे करवा दिए। जिसके कारण डेथ ओवर में बेन ड्वारशुइस, स्टोइनिस और यश ठाकुर को ओवर देने पड़े जिनको कूटना काफी आसान काम था। दोनों टीमों ने यहां पर स्पिनरों से एक भी ओवर नहीं कराया।
प्रियांश की शानदार बल्लेबाजी
दिल्ली ने टॉस जीतकर पंजाब को बल्लेबाजी के लिए बुलाया तो प्रियांश ने चौकों-छक्कों की बारिश कर दी। उनके 56 और अय्यर के 59 रनों की बदौलत पंजाब ने 200 का आंकड़ा पार किया। हालांकि तेज शुरुआत के बाद पंजाब ने अपेक्षाकृत धीमी बल्लेबाजी की। प्रियांश और प्रभसिमरन ने पहले विकेट के लिए 78 रन जोड़े। पंजाब किंग्स ने पावर प्ले में बिना विकेट खोए 72 रन बनाए तो ऐसा लग रहा था कि टीम 230 के पार पहुंचेगी लेकिन ऐसा हो नहीं सका।
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