अबकी बार 5 दिन पहले दस्तक देगा मानसून, मौसम विभाग ने जारी की एडवाइजरी
अबकी बार 5 दिन पहले दस्तक देगा मानसून, मौसम विभाग ने जारी की एडवाइजरी
मौसम विभाग ने 2026 के लिए मानसून आगमन की संभावित तिथियां जारी की हैं, जिसमें केरल में 26-30 मई और झारखंड में 12-18 जून के बीच मानसून की दस्तक का अनुमा ...और पढ़ें

भारतीय उपमहाद्वीप पर दक्षिण-पश्चिम मानसून (Monsoon 2026) के आगे बढ़ने का संकेत केरल में मानसून की शुरुआत से मिलता है और यह गर्म और शुष्क मौसम से वर्षा के मौसम में संक्रमण को दर्शाने वाला एक महत्वपूर्ण संकेतक है।
जैसे-जैसे मानसून उत्तर की ओर बढ़ता है, क्षेत्रों में चिलचिलाती गर्मी से राहत मिलती है। दक्षिण-पश्चिम मानसून आमतौर पर 1 जून को केरल में आता है, जिसका मानक विचलन लगभग 7 दिनों का होता है।
वर्ष 2026 के लिए जारी एडवाइजरी में बताया गया है कि अबकी बार जारी पूर्वानुमान के तहत केरल में 26 मई से 30 मई तक मानसून के सक्रिय होने की संभावित तिथि जारी की गई है।
अब तक सही साबित हुए मौसम पूर्वानुमान
वहीं, झारखंड में 12 जून से 18 जून के बीच की तिथि जारी की गई है। मौसम विज्ञान केंद्र रांची के वरीय विज्ञानी अभिषेक आनंद ने बताया कि भारत मौसम विज्ञान विभाग 2005 से केरल में मानसून के आगमन की तिथि के लिए परिचालन पूर्वानुमान (IMD Weather Forecast) जारी कर रहा है।
इस उद्देश्य के लिए चार दिनों की माडल त्रुटि वाले स्वदेशी रूप से विकसित अत्याधुनिक सांख्यिकीय माडल का उपयोग किया जाता है। माडल में छह पूर्वानुमानों को समाहित किया गया है, जिसमें उत्तर-पश्चिम भारत में न्यूनतम तापमान, दक्षिण प्रायद्वीप में मानसून-पूर्व वर्षा का चरम, उपोष्णकटिबंधीय उत्तर-पश्चिमी प्रशांत महासागर में औसत समुद्र तल का दबाव, दक्षिण चीन सागर में आउटगोइंग लांग वेव रेडिएशन, उत्तर-पूर्वी हिंद महासागर में निम्न क्षोभमंडलीय क्षेत्रीय हवा और इंडोनेशिया क्षेत्र में ऊपरी क्षोभमंडलीय क्षेत्रीय हवा शामिल है।
उन्होंने बताया कि पिछले 20 वर्षों वर्ष 2005 से वर्ष 2025 के दौरान केरल में मानसून के आगमन की तिथि के भारत मौसम विज्ञान विभाग के परिचालन पूर्वानुमान 2015 को छोड़कर सही साबित हुए। हाल के पांच वर्षों के लिए पूर्वानुमान सत्यापन वर्ष (2020-2025) का वार्षिक औसत भी प्रदान किया गया है।
मानसून आगमन में लगा रहा उतार चढ़ाव
वर्ष 2020 : आगमन की तिथि - 1 जून, पूर्वानुमान था - 5 जून
वर्ष 2021 : आगमन की तिथि - 3 जून, पूर्वानुमान था - 31 मई
वर्ष 2022 : आगमन की तिथि - 29 मई, पूर्वानुमान था - 27 मई
वर्ष 2023 : आगमन की तिथि - 8 जून, पूर्वानुमान था - 4 जून
वर्ष 2024 : आगमन की तिथि - 30 मई, पूर्वानुमान था - 31 मई
वर्ष 2025 : आगमन की तिथि - 17 जून, पूर्वानुमान था - 12 जून
वर्ष 2026 : आगमन की संभावित तिथि : 12 से 18 जून।
मौसम विभाग ने 2026 के लिए मानसून आगमन की संभावित तिथियां जारी की हैं, जिसमें केरल में 26-30 मई और झारखंड में 12-18 जून के बीच मानसून की दस्तक का अनुमा ...और पढ़ें

भारतीय उपमहाद्वीप पर दक्षिण-पश्चिम मानसून (Monsoon 2026) के आगे बढ़ने का संकेत केरल में मानसून की शुरुआत से मिलता है और यह गर्म और शुष्क मौसम से वर्षा के मौसम में संक्रमण को दर्शाने वाला एक महत्वपूर्ण संकेतक है।
जैसे-जैसे मानसून उत्तर की ओर बढ़ता है, क्षेत्रों में चिलचिलाती गर्मी से राहत मिलती है। दक्षिण-पश्चिम मानसून आमतौर पर 1 जून को केरल में आता है, जिसका मानक विचलन लगभग 7 दिनों का होता है।
वर्ष 2026 के लिए जारी एडवाइजरी में बताया गया है कि अबकी बार जारी पूर्वानुमान के तहत केरल में 26 मई से 30 मई तक मानसून के सक्रिय होने की संभावित तिथि जारी की गई है।
अब तक सही साबित हुए मौसम पूर्वानुमान
वहीं, झारखंड में 12 जून से 18 जून के बीच की तिथि जारी की गई है। मौसम विज्ञान केंद्र रांची के वरीय विज्ञानी अभिषेक आनंद ने बताया कि भारत मौसम विज्ञान विभाग 2005 से केरल में मानसून के आगमन की तिथि के लिए परिचालन पूर्वानुमान (IMD Weather Forecast) जारी कर रहा है।
इस उद्देश्य के लिए चार दिनों की माडल त्रुटि वाले स्वदेशी रूप से विकसित अत्याधुनिक सांख्यिकीय माडल का उपयोग किया जाता है। माडल में छह पूर्वानुमानों को समाहित किया गया है, जिसमें उत्तर-पश्चिम भारत में न्यूनतम तापमान, दक्षिण प्रायद्वीप में मानसून-पूर्व वर्षा का चरम, उपोष्णकटिबंधीय उत्तर-पश्चिमी प्रशांत महासागर में औसत समुद्र तल का दबाव, दक्षिण चीन सागर में आउटगोइंग लांग वेव रेडिएशन, उत्तर-पूर्वी हिंद महासागर में निम्न क्षोभमंडलीय क्षेत्रीय हवा और इंडोनेशिया क्षेत्र में ऊपरी क्षोभमंडलीय क्षेत्रीय हवा शामिल है।
उन्होंने बताया कि पिछले 20 वर्षों वर्ष 2005 से वर्ष 2025 के दौरान केरल में मानसून के आगमन की तिथि के भारत मौसम विज्ञान विभाग के परिचालन पूर्वानुमान 2015 को छोड़कर सही साबित हुए। हाल के पांच वर्षों के लिए पूर्वानुमान सत्यापन वर्ष (2020-2025) का वार्षिक औसत भी प्रदान किया गया है।
मानसून आगमन में लगा रहा उतार चढ़ाव
वर्ष 2020 : आगमन की तिथि - 1 जून, पूर्वानुमान था - 5 जून
वर्ष 2021 : आगमन की तिथि - 3 जून, पूर्वानुमान था - 31 मई
वर्ष 2022 : आगमन की तिथि - 29 मई, पूर्वानुमान था - 27 मई
वर्ष 2023 : आगमन की तिथि - 8 जून, पूर्वानुमान था - 4 जून
वर्ष 2024 : आगमन की तिथि - 30 मई, पूर्वानुमान था - 31 मई
वर्ष 2025 : आगमन की तिथि - 17 जून, पूर्वानुमान था - 12 जून
वर्ष 2026 : आगमन की संभावित तिथि : 12 से 18 जून।
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