न अतिरिक्त पैसे, न समय में राहत; 45 डिग्री गर्मी में काम करने वाले डिलीवरी पार्टनर हो रहे डिहाइड्रेशन का शिकार
न अतिरिक्त पैसे, न समय में राहत; 45 डिग्री गर्मी में काम करने वाले डिलीवरी पार्टनर हो रहे डिहाइड्रेशन का शिकार
दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत में 45 डिग्री से अधिक तापमान में डिलीवरी पार्टनर भीषण गर्मी में काम करने को मजबूर हैं। उन्हें डिहाइड्रेशन और थकान का साम ...और पढ़ें

भीषण गर्मी में काम करने को मजबूर डिलीवरी पार्टनर्स (AI जनरेटेड तस्वीर)
1.2 करोड़ गिग वर्कर्स भीषण गर्मी में काम कर रहे
डिलीवरी पार्टनर्स को 30 मिनट का ही ब्रेक मिलता है
कंपनियों के उपाय डिहाइड्रेशन रोकने में नाकाफी साबित
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत में इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है। कई शहरों में पारा 45 के पार है। इस भीषण गर्मी में अगर बहुत जरूरी नहीं है तो लोग घर से नहीं निकल रहे हैं। घर बैठे ही लोग खाने पीने की चीजें ऑर्डर कर ले रहे हैं। ऐसे में यह भीषण गर्मी अब क्विक कॉमर्स कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है।
45 डिग्री से ऊपर पहुंचे तापमान के बीच ब्लिंकिट, स्विगी और जेप्टो के डिलीवरी पार्टनर्स इस भीषण गर्मी में काम करने को मजबूर हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) की दोपहर में काम न करने की सलाह के बावजूद, देश के करीब 1.2 करोड़ गिग वर्कर्स सख्त पेनल्टी और तय समय में डिलीवरी के दबाव के कारण झुलसाती धूप में 15-15 घंटे काम कर रहे हैं।
सिर्फ 30 मिनट का ब्रेक
इस दौरान डिलीवरी राइडर्स को सिर्फ 30 मिनट का ब्रेक मिलता है। दिन में सिर्फ एक ऑर्डर कैंसिल करने की छूट है, ज्यादा करने पर कंपनियां पेनल्टी लगा देती हैं। सोशल सिक्युरिटी कोड में वर्कप्लेस सेफ्टी और मुआवजे के पुख्ता नियम न होने से इन राइडर्स पर आर्थिक और शारीरिक संकट दोनों गहरा गया है।
डिहाइड्रेशन का हो रहें शिकार
गर्मी से बचाने के लिए कंपनियां हाइड्रेशन, रेस्ट एरिया और इंश्योरेंस बढ़ा रही हैं। कंपनियां डार्क स्टोर्स पर नींबू पानी और ग्लूकोज जैसे इंतजाम कर रही हैं, लेकिन दोपहर में लगातार बाइक चलाने से थकान और डिहाइड्रेशन का शिकार हो रहे हैं। इस भीषण गर्मी में बारिश की तरह कोई 'एक्स्ट्रा चार्ज' या डिलीवरी टाइम में ढील न मिलने से राइडर्स की सेहत दांव पर लगी है।
2025 तक भारत में 1.2 करोड़ गिग वर्कस
वित्त मंत्रालय के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025 तक भारत में करीब 1.2 करोड़ गिग वर्कस थे। नीति आयोग का अनुमान है कि 2029-30 तक यह संख्या बढ़कर 2.35 करोड़ तक पहुंच सकती है।
दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत में 45 डिग्री से अधिक तापमान में डिलीवरी पार्टनर भीषण गर्मी में काम करने को मजबूर हैं। उन्हें डिहाइड्रेशन और थकान का साम ...और पढ़ें

भीषण गर्मी में काम करने को मजबूर डिलीवरी पार्टनर्स (AI जनरेटेड तस्वीर)
1.2 करोड़ गिग वर्कर्स भीषण गर्मी में काम कर रहे
डिलीवरी पार्टनर्स को 30 मिनट का ही ब्रेक मिलता है
कंपनियों के उपाय डिहाइड्रेशन रोकने में नाकाफी साबित
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत में इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है। कई शहरों में पारा 45 के पार है। इस भीषण गर्मी में अगर बहुत जरूरी नहीं है तो लोग घर से नहीं निकल रहे हैं। घर बैठे ही लोग खाने पीने की चीजें ऑर्डर कर ले रहे हैं। ऐसे में यह भीषण गर्मी अब क्विक कॉमर्स कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है।
45 डिग्री से ऊपर पहुंचे तापमान के बीच ब्लिंकिट, स्विगी और जेप्टो के डिलीवरी पार्टनर्स इस भीषण गर्मी में काम करने को मजबूर हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) की दोपहर में काम न करने की सलाह के बावजूद, देश के करीब 1.2 करोड़ गिग वर्कर्स सख्त पेनल्टी और तय समय में डिलीवरी के दबाव के कारण झुलसाती धूप में 15-15 घंटे काम कर रहे हैं।
सिर्फ 30 मिनट का ब्रेक
इस दौरान डिलीवरी राइडर्स को सिर्फ 30 मिनट का ब्रेक मिलता है। दिन में सिर्फ एक ऑर्डर कैंसिल करने की छूट है, ज्यादा करने पर कंपनियां पेनल्टी लगा देती हैं। सोशल सिक्युरिटी कोड में वर्कप्लेस सेफ्टी और मुआवजे के पुख्ता नियम न होने से इन राइडर्स पर आर्थिक और शारीरिक संकट दोनों गहरा गया है।
डिहाइड्रेशन का हो रहें शिकार
गर्मी से बचाने के लिए कंपनियां हाइड्रेशन, रेस्ट एरिया और इंश्योरेंस बढ़ा रही हैं। कंपनियां डार्क स्टोर्स पर नींबू पानी और ग्लूकोज जैसे इंतजाम कर रही हैं, लेकिन दोपहर में लगातार बाइक चलाने से थकान और डिहाइड्रेशन का शिकार हो रहे हैं। इस भीषण गर्मी में बारिश की तरह कोई 'एक्स्ट्रा चार्ज' या डिलीवरी टाइम में ढील न मिलने से राइडर्स की सेहत दांव पर लगी है।
2025 तक भारत में 1.2 करोड़ गिग वर्कस
वित्त मंत्रालय के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025 तक भारत में करीब 1.2 करोड़ गिग वर्कस थे। नीति आयोग का अनुमान है कि 2029-30 तक यह संख्या बढ़कर 2.35 करोड़ तक पहुंच सकती है।
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