Live TV

राज्य

[States][twocolumns]

देश

[Desh][list]

राजनीति

[Politics][list]

टॉक शो लेकर 14 साल बाद लौटे Shekhar Suman, बेटे अध्ययन ने तैयार किया है कॉन्सेप्ट

टॉक शो लेकर 14 साल बाद लौटे Shekhar Suman, बेटे अध्ययन ने तैयार किया है कॉन्सेप्ट

चार दशक से कैमरे के आगे सक्रिय हैं अभिनेता शेखर सुमन। अपने टाक शो 'शेखर टुनाइट' के साथ लौट रहे शेखर ने तमाम मुद्दों पर प्रियंका सिंह के साथ साझा किए ज ...और पढ़ें








 अभिनेता शेखर सुमन अपने टाक शो शेखर टुनाइट (Shekhar Tonite) के साथ लौटे हैं। पहले यह शो मूवर्स एंड शेकर्स के नाम से जाना जाता था। इस बार इस शो का पूरा कान्सेप्ट शेखर के बेटे व अभिनेता अध्ययन सुमन (Adhyayan Suman) ने बनाया है। पहले शेखर ने अध्ययन को हार्टलेस (2014) फिल्म में निर्देशित किया था, अब बेटे के बनाए शो में काम करने को लेकर वह कहते हैं कि एक पिता के लिए यह बदलाव बेहद खूबसूरत है।


शेखर ने आगे कहा- 'कहते हैं न कि बाप पर बेटा और सिपाही पर घोड़ा बहुत नहीं, तो थोड़ा थोड़ा, लेकिन यह थोड़ा नहीं बहुत है। वह बेहद काबिल हैं। यह काबिलियत उनमें हमेशा से थी, लेकिन वक्त आने पर उन्होंने अपने इस हुनर को पहचाना।'

हाल ही में अध्ययन ने एक वीडियो बनाकर कहा था कि दो साल में दो बार उनके आत्महत्या करने की अफवाहें उड़ीं, लेकिन वह जिंदा है। ऐसी बातें शेखर को कितना परेशान करती हैं?

इस पर वह कहते हैं कि मैंने वह वीडियो पूरा नहीं देखा है, लेकिन अक्सर उनके बारे में ऐसी बातें लिख दी जाती है, एक पिता होने के नाते अपने बच्चे और परिवार के लिए गलत बातें पढ़कर बुरा लगता है। खैर, उन्होंने इन बातों को जिंदादिली से लिया है। मैं तो यही कहूंगा कि जिंदा हो, तो जिंदा नजर आना जरूरी है, उसूलों पर आंच आए, तो लड़ना जरूरी है। आने वाले वक्त में वह और आगे बढ़ेंगे। ईश्वर ने उन्हें हुनर दिया है, लेकिन अगर फनकार हो मौका ही नहीं मिले, तो वह कैसे प्रतिभा दिखाएगा।



धुरंधर जैसी फिल्म में कई कलाकार उभरकर आए, क्योंकि उन्हें सही मौका मिला, वह अच्छे एक्टर पहले भी थे, लेकिन जब सही मौका मिला, तो उन्होंने अपना जौहर दिखाया। प्रतिभा, मौकों के बिना कुछ नहीं है।
क्या पहले की तरह अब इंटरनेट मीडिया के दौर में राजनीति, समाज के मुद्दों पर व्यंग्‍य करना संभव होगा?

इस पर शेखर आगे कहते हैं कि सच बोला जा सकता है, उसे कहने का तरीका अलग-अलग हो सकता है। अगर उस लहजे को आपने नापतौल कर किया, सही से किया, तो मुझे नहीं लगता है कि किसी को बुरा लगना चाहिए। अगर आप चीजों को सनसनीखेज बनाएंगे, तो दिक्कत हो सकती है, लेकिन सच्चाई का दामन पकड़कर चल रहे हैं और जो हो रहा है, उसे सही तरीके से पेश करेंगे, तो मुमकिन है कि बुरा नहीं लगेगा।


खैर, जमाना बदल गया है, अब इसे करके ही देखना होगा, क्योंकि दुनिया पहले से ज्यादा संवेदनशील हो गई है। उकसाने वाले भी बहुत हैं, जिन्हें बुरा नहीं लगता है, उन्हें कहने वाले भी बहुत है कि बुरा क्यों नहीं लग रहा है, लगना चाहिए। लोगों की दखलअंदाजी बढ़ गई है। यही कारण है कि मैं इस शो को यूट्यूब पर लेकर आ रहा हूं, ताकि वहां मुझे कोई यह न बताए कि मुझे कौन सी बातें कैसे कहनी है। ईश्वर ने मुझे इतना समझदार बनाया है।



क्या किसी फिल्मकार ने किसी बाक्स में फिट करने या पैसों का लोभ दिखाकर रोल आफर किया है?

इस पर शेखर कहते हैं कि एक एक्टर की सबसे बड़ी ताकत होती है ना कहने की। भले ही कोई करोड़ों रुपये लेकर आए, लेकिन आप कह दें की मैं यह खराब रोल नहीं करूंगा। मेरे पास भी ऐसे प्रलोभन बहुत आए, मैंने ना कहा। हां, उससे तकलीफ होती है, पैसे का नुकसान होता है, लेकिन वह नुकसान जरूरी है, क्योंकि आगे की जिंदगी में वही सबसे ज्यादा फायदा पहुंचाता है।


आज चार दशक के बाद भी मैं काम कर रहा हूं, तो इसकी बदौलत की मैंने ना कहना सीख लिया था। हर चीज के लिए झुकने की जरुरत नहीं होती है।

अभिनय की बात की जाए, तो एक ओर उनका नाटक एक मुलाकात 125 शोज पूरे कर चुका है, तो वहीं मिर्जा नाटक में वह गालिब बने दिखेंगे। इसके अलावा उनकी प्रकाश झा के साथ फिल्म जनादेश, परिणीति चोपड़ा के साथ रिपोर्टिंग लाइव, वेब सीरीज द पिरामिड स्कीम और बिहार की आपराधिक और राजनीति दुनिया पर बनी एके47 आ रही है।
क्या उनके पास निर्देशन करने के लिए भी जगह बची है?

इस पर शेखर कहते हैं कि बिल्कुल बची है। बहुत कुछ करना है, काम करने का मजा है, यही जुनून जिंदगी का दूसरा नाम है। मैं खाली बैठकर रिटायरमेंट की सोचने वालों में से नहीं हूं। अलग-अलग काम करना है, क्योंकि यह जिंदगी अनमोल है, उसका सही इस्तेमाल करना चाहिए। बड़ी इच्छा है कि एक खूबसूरत सी फिल्म बनाऊं, कुछ विषय हैं, जिन पर काम कर रहा हूं।
Post A Comment
  • Facebook Comment using Facebook
  • Disqus Comment using Disqus

No comments :


मिर्च मसाला

[Mirchmasala][threecolumns]

विदेश

[Videsh][twocolumns]

बिज़नेस

[Business][list]

स्पोर्ट्स

[Sports][bsummary]