ईरान में कैसे मारा गया मोसाद का एजेंट? इजरायल ने कबूला सच
ईरान में कैसे मारा गया मोसाद का एजेंट? इजरायल ने कबूला सच
इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद के प्रमुख डेविड बरनेआ ने खुलासा किया है कि 'ऑपरेशन रोअरिंग लायन' के दौरान उनका एक ऑपरेटिव मारा गया। ...और पढ़ें

मोसाद ऑपरेटिव मिशन के दौरान मारा गया, सांकेतिक तस्वीर
मोसाद प्रमुख ने 'ऑपरेशन रोअरिंग लायन' में एजेंट की मौत का खुलासा किया
मिशन इजरायल की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा रोकने हेतु था
मृत एजेंट की पहचान और ऑपरेशन की पूरी जानकारी गोपनीय रखी गई
इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद से जुड़ी एक बड़ी जानकारी सामने आई है। एजेंसी के प्रमुख डेविड बरनेआ ने खुलासा किया है कि ‘ऑपरेशन रोअरिंग लायन’ के पीछे काम कर रहा एक मोसाद ऑपरेटिव मिशन के दौरान मारा गया।
बरनेआ के अनुसार, यह ऑपरेशन बेहद संवेदनशील और जोखिम भरा था, जिसमें एजेंट ने अहम भूमिका निभाई थी। हालांकि सुरक्षा कारणों से ऑपरेशन की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन इतना जरूर बताया गया कि इसका उद्देश्य इजरायल की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े एक बड़े खतरे को रोकना था।
कौन था 'MR.M'
डेविड बरनेआ ने बताया कि 'ऑपरेशन रोरिंग लायन' के पीछे का एक प्रमुख ऑपरेटिव 'MR.M' इजरायल के बाहर मिशन के दौरान शहीद हो गया। बरनेआ ने कहा, 'ऑपरेशन रोरिंग लायन के दौरान मेरे विचार और हृदय 'एम' की बहादुरी और कार्यों पर गर्व से भरे हुए थे, जो अपने कर्तव्य का पालन करते हुए इजरायल के बाहर गिर गया।'
'MR.M' की पहचान इजरायली मीडिया ने एरेज शिमोनी (Erez Shimoni) के रूप में की है। वह 50 वर्षीय पूर्व मोसाद एजेंट था, जिसने एजेंसी में 30 वर्ष सेवा की।
इजरायल ने कबूला सच
मोसाद प्रमुख ने एजेंट की बहादुरी और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि उसने देश की सुरक्षा के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि ऐसे ऑपरेशन्स में शामिल एजेंट अक्सर गुप्त रूप से काम करते हैं और उनकी पहचान लंबे समय तक सामने नहीं आती।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘ऑपरेशन रोअरिंग लायन’ हाल के समय में इजरायल द्वारा चलाए गए महत्वपूर्ण गुप्त अभियानों में से एक माना जा रहा है। इस मिशन का संबंध क्षेत्रीय सुरक्षा और दुश्मन देशों की गतिविधियों पर नजर रखने से जुड़ा बताया जा रहा है।
इस खुलासे के बाद इजरायल की खुफिया गतिविधियों और मध्य-पूर्व में चल रहे तनाव पर एक बार फिर ध्यान केंद्रित हो गया है। ऑपरेशन से यह साफ होता है कि इजरायल अपनी सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह का जोखिम उठाने को तैयार रहता है।
ऑपरेशन रोरिंग लायन
ऑपरेशन रोरिंग लायन 28 फरवरी 2026 को इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरानी शासन के खिलाफ शुरू किया गया एक संयुक्त सैन्य अभियान है। इज़रायल इस अभियान को कोडनेम 'रोरिंग लायन से पुकारता है, जबकि अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) इसे 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' नाम देता है। यह अभियान ईरान के परमाणु कार्यक्रम और सरकार विरोधी प्रदर्शनों पर ईरानी शासन की आंतरिक कार्रवाई को लेकर तनाव के बीच शुरू किया गया था।
इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद के प्रमुख डेविड बरनेआ ने खुलासा किया है कि 'ऑपरेशन रोअरिंग लायन' के दौरान उनका एक ऑपरेटिव मारा गया। ...और पढ़ें

मोसाद ऑपरेटिव मिशन के दौरान मारा गया, सांकेतिक तस्वीर
मोसाद प्रमुख ने 'ऑपरेशन रोअरिंग लायन' में एजेंट की मौत का खुलासा किया
मिशन इजरायल की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा रोकने हेतु था
मृत एजेंट की पहचान और ऑपरेशन की पूरी जानकारी गोपनीय रखी गई
इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद से जुड़ी एक बड़ी जानकारी सामने आई है। एजेंसी के प्रमुख डेविड बरनेआ ने खुलासा किया है कि ‘ऑपरेशन रोअरिंग लायन’ के पीछे काम कर रहा एक मोसाद ऑपरेटिव मिशन के दौरान मारा गया।
बरनेआ के अनुसार, यह ऑपरेशन बेहद संवेदनशील और जोखिम भरा था, जिसमें एजेंट ने अहम भूमिका निभाई थी। हालांकि सुरक्षा कारणों से ऑपरेशन की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन इतना जरूर बताया गया कि इसका उद्देश्य इजरायल की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े एक बड़े खतरे को रोकना था।
कौन था 'MR.M'
डेविड बरनेआ ने बताया कि 'ऑपरेशन रोरिंग लायन' के पीछे का एक प्रमुख ऑपरेटिव 'MR.M' इजरायल के बाहर मिशन के दौरान शहीद हो गया। बरनेआ ने कहा, 'ऑपरेशन रोरिंग लायन के दौरान मेरे विचार और हृदय 'एम' की बहादुरी और कार्यों पर गर्व से भरे हुए थे, जो अपने कर्तव्य का पालन करते हुए इजरायल के बाहर गिर गया।'
'MR.M' की पहचान इजरायली मीडिया ने एरेज शिमोनी (Erez Shimoni) के रूप में की है। वह 50 वर्षीय पूर्व मोसाद एजेंट था, जिसने एजेंसी में 30 वर्ष सेवा की।
इजरायल ने कबूला सच
मोसाद प्रमुख ने एजेंट की बहादुरी और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि उसने देश की सुरक्षा के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि ऐसे ऑपरेशन्स में शामिल एजेंट अक्सर गुप्त रूप से काम करते हैं और उनकी पहचान लंबे समय तक सामने नहीं आती।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘ऑपरेशन रोअरिंग लायन’ हाल के समय में इजरायल द्वारा चलाए गए महत्वपूर्ण गुप्त अभियानों में से एक माना जा रहा है। इस मिशन का संबंध क्षेत्रीय सुरक्षा और दुश्मन देशों की गतिविधियों पर नजर रखने से जुड़ा बताया जा रहा है।
इस खुलासे के बाद इजरायल की खुफिया गतिविधियों और मध्य-पूर्व में चल रहे तनाव पर एक बार फिर ध्यान केंद्रित हो गया है। ऑपरेशन से यह साफ होता है कि इजरायल अपनी सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह का जोखिम उठाने को तैयार रहता है।
ऑपरेशन रोरिंग लायन
ऑपरेशन रोरिंग लायन 28 फरवरी 2026 को इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरानी शासन के खिलाफ शुरू किया गया एक संयुक्त सैन्य अभियान है। इज़रायल इस अभियान को कोडनेम 'रोरिंग लायन से पुकारता है, जबकि अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) इसे 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' नाम देता है। यह अभियान ईरान के परमाणु कार्यक्रम और सरकार विरोधी प्रदर्शनों पर ईरानी शासन की आंतरिक कार्रवाई को लेकर तनाव के बीच शुरू किया गया था।
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